चांद से टकराया था एस्टरॉयड? चट्टानों के टुकड़ों ने खोला पुराना राज!

नई स्टडी में दावा किया गया है कि चांद से एस्टरॉयड की टक्कर ने इसका रूप बदल दिया।

चांद से टकराया था एस्टरॉयड? चट्टानों के टुकड़ों ने खोला पुराना राज!

Photo Credit: NASA

अरबों साल पहले एक एस्टरॉयड चांद से टकराया था जिसने चांद की शेप को बदलकर रख दिया- स्टडी

ख़ास बातें
  • चांद से एस्टरॉयड की टक्कर ने इसका रूप बदल दिया।
  • चांद का दूर वाला हिस्सा मारिया कहलाता है।
  • इस हिस्से में पोटाशियम का हैवी आइसोटोप पोटाशियम-41 मौजूद मिला।
विज्ञापन

चांद से एस्टरॉयड की टक्कर हुई थी! ऐसा हम नहीं, एक नई स्टडी कह रही है। चीन ने अपने चांद मिशन के दौरान कुछ चट्टानों के सैम्पल इकट्ठा किए हैं जिनको स्टडी करके चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। अरबों साल पहले एक एस्टरॉयड चांद से टकराया था जिसने चांद की शेप को बदलकर रख दिया। कहा गया है कि यह टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसका भीतरी ढांचा मौलिक रूप से बदल गया। चांद का दूर वाला हिस्सा, पास वाले से अलग क्यों दिखता है, अब यह नई खोज इस राज को खोल सकती है। 

एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि चांद से एस्टरॉयड की टक्कर ने इसका रूप बदल दिया। चीन के Chang'e-6 मिशन के सैम्पल बताते हैं कि इनमें पोटाशियम के भारी आइसोटोप मौजूद हैं। ये इस बात का सबूत हैं कि एक विशाल टक्कर से निकली गर्मी ने हल्के तत्वों को अंतरिक्ष की ओर धकेल दिया होगा। इसने चांद का ढांचा ही बदल दिया।  चांद का दूर वाला हिस्सा मारिया कहलाता है। यह इसके पास वाले हिस्से (जो हमें दिखाई देता है) से बहुत अलग है। यह नई खोज इसी गुत्थी को सुलझा सकती है। यानी मारिया पास वाले हिस्से से इतना अलग क्यों दिखता है, अब वैज्ञानिकों को इसका सबूत मिल सकता है। 

Space.com के अनुसार, चीन के Chang'e-6 मिशन के दौरान चांद के साउथ पोल स्थित Aitken बेसिन से बेसाल्टिक चट्टानों के सैम्पल लाए गए थे। वैज्ञानिकों ने पाया कि इस हिस्से में पोटाशियम का हैवी आइसोटोप पोटाशियम-41 मौजूद है। जबकि धरती से पास वाले हिस्से में हल्का आइसोटोप पोटाशियम-39 मौजूद है। 

शोधकर्ताओं ने ब्रह्मांडीय किरणों और ज्वालामुखीय मिश्रण को कारण मानकर जांच की जिसमें पाया कि इनका प्रभाव न के बराबर ही है। इसलिए उन्होंने नतीजा निकाला कि आइसोटोप्स का यह असामान्य मिश्रण संभवतः किसी विशाल उल्कापिंड के प्रभाव से इस बेसिन के निर्माण का अवशेष है।

नई स्टडी कहती है कि एक विशाल टक्कर की घटना के कारण चंद्रमा से कई वाष्पशील तत्व (अर्थात, अपेक्षाकृत कम बॉइलिंग प्वाइंट वाले तत्व) वाष्पीकृत हुए होंगे। पोटेशियम-39 भी ऐसा ही एक तत्व है जिसका परमाणु द्रव्यमान अपेक्षाकृत कम है। यह किसी टक्कर के कारण बाहर फेंका गया होगा। जिसके बाद भारी एलिमेंट्स पीछे रह गए। वहां पर पर्याप्त लावा भी नहीं बना था जिसके कारण वहां पर ज्वालामुखीय सागर भी नजर नहीं आते। यही वजह हो सकती है कि चांद की दो विपरीत सतहें अलग-अलग चेहरा लिए हुए हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े:
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Social Media Ban: बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट के सवाल के बाद सरकार का बड़ा कदम
  2. iQOO Pad Ultra 165Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ हुआ लॉन्च, 9020mAh बैटरी के साथ आया गेमिंग टैबलेट
  3. मात्र ₹500 में आने वाले 10 TWS ईयरफोन, 50 घंटे तक चलेगी बैटरी
  4. FASTag एनुअल पास की भारी डिमांड, एक वर्ष में पार किया एक करोड़ यूजर्स का आंकड़ा
  5. Pebble ने AI फीचर्स के साथ लॉन्च किया Qore Ultra वेलनेस बैंड
  6. iQOO 16 लॉन्च: 8400mAh की विशाल बैटरी, तीन 50 मेगापिक्सल कैमरे, जानें और क्या है खास
  7. Motorola की वाइड फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी, 5,000mAh हो सकती है बैटरी
  8. 700W धांसू साउंड के साथ Noise होम थियेटर Homestage 5.2.4 लॉन्च! जानें कीमत
  9. WhatsApp पर मैसेज के लिए देना होगा पैसा, 1 अक्टूबर से नया नियम, जानें क्या होगा आम यूजर्स पर असर?
  10. Samsung Galaxy S27 Ultra के कैमरा फीचर्स होंगे कमाल! फोटोग्राफी में बड़े अपग्रेड लीक
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »