• होम
  • अन्य
  • ख़बरें
  • ड्रोन का इम्पोर्ट भारत में बैन हुआ, लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की कोशिश

ड्रोन का इम्पोर्ट भारत में बैन हुआ, लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की कोशिश

रिसर्च एंड डिवेलपमेंट, डिफेंस और सिक्योरिटी के उद्देश्यों के लिए ड्रोन का इम्पोर्ट किया जा सकेगा लेकिन इसके लिए जरूरी क्लीयरेंस लेनी होगी

ड्रोन का इम्पोर्ट भारत में बैन हुआ, लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने की कोशिश

देश में ड्रोन्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इम्पोर्ट को प्रतिबंधित किया गया है

ख़ास बातें
  • ड्रोन के कंपोनेंट्स के इम्पोर्ट के लिए कोई स्वीकृति नहीं लेनी होगी
  • सरकार ने पिछले वर्ष ड्रोन के लिए रूल्स में छूट दी थी
  • पिछले महीने ड्रोन सर्टिफिकेशन स्कीम भी जारी की गई थी
विज्ञापन
देश में ड्रोन का इम्पोर्ट केंद्र सरकार ने बैन कर दिया है। सरकार देश में ड्रोन की लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहती है और इसी वजह से यह फैसला किया गया है। हालांकि, ड्रोन के इम्पोर्ट के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रिसर्च एंड डिवेलपमेंट (R&D), डिफेंस और सिक्योरिटी के उद्देश्यों के लिए ड्रोन का इम्पोर्ट किया जा सकेगा लेकिन इसके लिए जरूरी क्लीयरेंस लेनी होगी।

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ड्रोन के कंपोनेंट्स का इम्पोर्ट करने के लिए कोई स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं होगी। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने ड्रोन के इम्पोर्ट पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है, "ड्रोन्स के CBU (कम्प्लीटली बिल्ट अप) / CKD (कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन) / SKD (सेनी नॉक्ड डाउन) तौर पर इम्पोर्ट को प्रतिबंधित किया गया है। इसमें R&D, डिफेंस और सिक्योरिटी के उद्देश्यों के लिए किए जाने वाले इम्पोर्ट की अनुमति होगी।"

केंद्र या राज्य सरकारों के संगठनों या इनकी ओर से मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों सरकार से मान्यता प्राप्त R&D संस्थानों और R&D के उद्देश्य के लिए ड्रोन मैन्युफैक्चरर्स को ड्रोन्स का इम्पोर्ट करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यह अनुमति DGFT की ओर से संबंधित मंत्रालयों के साथ विचार विमर्श करने के बाद दी जाएगी।

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा है कि देश में ड्रोन्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए विदेश से ड्रोन्स के इम्पोर्ट को प्रतिबंधित किया गया है। मिनिस्ट्री ने पिछले वर्ष ड्रोन के लिए रूल्स में छूट दी थी। इसके बाद मिनिस्ट्री की ओर से ड्रोन एयरस्पेस मैप,  PLI स्कीम और   UTM पॉलिसी फ्रेमवर्क जारी किया गया था। पिछले महीने ड्रोन सर्टिफिकेशन स्कीम भी जारी की गई थी। हाल के वर्षों में ड्रोन्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही ड्रोन के इम्पोर्ट में भी बढ़ोतरी हुई है। ड्रोन्स के इम्पोर्ट पर बैन लगने के बाद देश में इनकी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने और इनके प्राइसेज घटने की संभावना है। ड्रोन बनाने वाली लोकल कंपनियों की संख्या कम है और इम्पोर्ट पर बैन लगने से इस सेगमेंट में बिजनेस तेजी से बढ़ सकता है।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: drone, Import, Ban, Government, Manufacturing, Security, Rules
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Redmi Note 17 5G भारत में लॉन्च: ₹30 हजार से कम में 8000mAh बैटरी, Snapdragon प्रोसेसर, 4 Android अपग्रेड्स!
  2. Lock Upp 2 Winner तो मिल गया, लेकिन गले में पहना Smart Collar क्या था? यहां जानें सब कुछ
  3. अब कैब ड्राइवरों की नौकरियां भी खतरे में? बिना ड्राइवर के दौड़ेंगी 1.2 लाख Uber टैक्सियां!
  4. Amazon Great Freedom Sale 2026: OnePlus 15 की बढ़ी हुई कीमत के बीच खरीदने का सही मौका!
  5. Hydrogen Train Technology के बारे में जानें : भारत की पहली ट्रेन जो हरियाणा से चली...
  6. Birth-Death Certificate बनवाने के बदल गए नियम! जानें कैसे होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
  7. Hyundai ने Creta Electric के लिए लॉन्च किया बायबैक प्रोग्राम
  8. Vivo S2 कल होगा भारत में लॉन्च, 7,050mAh बैटरी, 50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा
  9. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में TVS Motor का पहला स्थान बरकरार, जुलाई में बेची 52,000 से ज्यादा यूनिट्स
  10. एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »