Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर

AI से जुड़े डेटा सेंटर्स बना रही कंपनियां बड़ी संख्या में मेमोरी चिप्स की खरीदारी कर रही हैं। इससे मेमोरी चिप्स की सप्लाई पर असर पड़ा है और इनके प्राइसेज में भी बढ़ोतरी हुई है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 15 अगस्त 2026 23:52 IST
ख़ास बातें
  • iPhone मेकर Apple के लिए मेमोरी चिप्स की शॉर्टेज एक चुनौती बन गई है
  • अमेरिकी सरकार ने एपल से चीन से मेमोरी चिप्स नहीं खरीदने को कहा है
  • AI से जुड़े डेटा सेंटर्स में इस महत्वपूर्ण कंपोनेंट का इस्तेमाल बढ़ा है

मेमोरी चिप्स की शॉर्टेज का असर स्मार्टफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग पर पड़ रहा है

स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर पिछले कुछ महीनों में मेमोरी चिप्स की शॉर्टेज का बड़ा असर पड़ा है। इस वजह से स्मार्टफोन्स के प्राइसेज में भी बढ़ोतरी की गई है। दुनिया भर में लोकप्रिय iPhone बनाने वाली Apple के लिए भी मेमोरी चिप्स की शॉर्टेज एक चुनौती बन रही है। अमेरिका की ट्रंप सरकार ने एपल से चाइनीज मैन्युफैक्चरर्स से मेमोरी चिप्स नहीं खरीदने को कहा है। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े डेटा सेंटर्स की ओर से डिमांड बढ़ने से मेमोरी चिप्स की सप्लाई पर असर पड़ा है। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉमर्स सेक्रेटरी, Howard Lutnick ने एपल को बताया है कि ट्रंप सरकार अमेरिकी कंपनियों के चीन से मेमोरी चिप्स खरीदने के खिलाफ है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा है कि एपल के डिवाइसेज में इस्तेमाल की संभावना तलाशने के लिए चीन की ChangXin Memory Technologies और Yangtze Memory Technologies के मेमोरी चिप्स की टेस्टिंग की जा रही है। 

हालांकि, एपल ने चाइनीज मेमोरी चिप्स की टेस्टिंग की पुष्टि नहीं की है। कंपनी ने कहा है कि मेमोरी चिप्स की शॉर्टेज की वजह से उसे विकल्पों पर विचार करना होगा। इसमें मेमोरी चिप्स के मौजूदा सप्लायर्स को अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने में मदद करना शामिल है। हालांकि, एपल के लिए चाइनीज मैन्युफैक्चरर्स से अन्य कंपोनेंट्स खरीदने का विकल्प बरकरार है। Micron Technology ने ट्रंप सरकार से एपल को चाइनीज मेमोरी चिप्स का इस्तेमाल करने से रोकने का निवेदन किया है। इस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर की दलील है कि इससे अमेरिका में इन महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग को नुकसान होगा। 

AI से जुड़े डेटा सेंटर्स बना रही कंपनियां बड़ी संख्या में मेमोरी चिप्स की खरीदारी कर रही हैं। इससे मेमोरी चिप्स की सप्लाई पर असर पड़ा है और इनके प्राइसेज में भी बढ़ोतरी हुई है। मेमोरी चिप्स जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने की वजह से एपल और कुछ अन्य हैंडसेट मेकर्स ने पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन्स के रिटेल प्राइसेज को बढ़ाया है। एपल जल्द ही फोल्डेबल स्मार्टफोन्स के सेगमेंट में एंट्री कर सकती है। कंपनी के इस स्मार्टफोन को iPhone Ultra कहा जा सकता है। अगले महीने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ iPhone Ultra को लॉन्च किया जा सकता है। 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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