Apple को लगा झटका, चीन में बढ़ा iPhone पर बैन का दायरा

पिछले एक दशक से अधिक से चीन विदेशी टेक्नोलॉजीज पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है

Apple को लगा झटका, चीन में बढ़ा iPhone पर बैन का दायरा

कंपनी के लिए चीन एक बड़ा मार्केट है

ख़ास बातें
  • एपल के लिए चीन एक बड़ा मार्केट है
  • आईफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग का चीन हब भी है
  • एपल ने भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बढ़ाया है
विज्ञापन
अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple के लिए चीन में मुश्किलें बढ़ गई हैं। चीन में बहुत सी एजेंसियों और सरकार की फंडिंग वाली कंपनियों ने अपने स्टाफ से iPhones और अन्य विदेशी डिवाइसेज को वर्कप्लेस पर नहीं लाने को कहा है। एपल के लिए चीन एक बड़ा मार्केट है और इसके आईफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग का हब भी है। 

पिछले एक दशक से अधिक से चीन विदेशी टेक्नोलॉजीज पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। चीन की सरकार से जुड़ी कंपनियों को लोकल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। Reuters ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि पिछले एक महीने में चीन के कम से कम आठ प्रांतों में कई सरकारी फर्मों और विभागों ने अपने स्टाफ को लोकल ब्रांड्स के डिवाइसेज का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। इस बारे में Reuters की ओर से एपल को टिप्पणी के लिए भेजे गए निवेदन का उत्तर नहीं मिला। 

इससे पहले सितंबर में चीन के कुछ मंत्रालयों और सरकारी निकायों ने अपने एंप्लॉयीज को वर्कप्लेस पर आईफोन्स नहीं लाने को कहा था। एपल भी चीन में आईफोन और अन्य डिवाइसेज की मैन्युफैक्चरिंग को घटाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में चीन के Pinduoduo और Taobao जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने एपल की नई आईफोन 15 सीरीज पर भारी डिस्काउंट दिया था। इस सीरीज के स्मार्टफोन्स को इनके रिटेल प्राइस से CNY 900 (लगभग 10,229 रुपये) तक कम पर बेचा जा रहा था। एनालिस्ट्स का कहना है कि चान में आईफोन 15 की बिक्री पिछली आईफोन सीरीज की तुलना में कम है। 

एपल की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Foxconn को भारत में अपनी फैक्टरी में एक अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने के लिए स्वीकृति मिल गई है। इससे यह चीन के बाहर एपल के प्रोडक्ट्स के लिए बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगी। Bloomberg की रिपोर्ट में बताया गया था कि एक अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट करने के लिए हरी झंडी मिलने से यह देश में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ा सकेगी। दुनिया भर में आईफोन की कुल असेंबलिंग में से लगभग 70 प्रतिशत ताइवान की यह कंपनी करती है। पिछले वर्ष कोरोना की वजह से चीन में लगाए गए प्रतिबंधों से फॉक्सकॉन के एपल के प्रोडक्ट्स बनाने वाले प्लांट पर असर पड़ा था। हाल ही में कंपनी ने कर्नाटक में दो प्रोजेक्ट्स में 60 करोड़ डॉलर लगाने की जानकारी दी थी। इन प्लांट्स में आईफोन्स के लिए केसिंग कंपोनेंट्स और चिप मेकिंग इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. फोल्डेबल स्मार्टफोन्स के मार्केट में Samsung, Huawei को कड़ी टक्कर देगा iPhone Ultra!
  2. तो सस्ते हो जाएंगे स्मार्टफोन! मैमोरी चिप की कमी पर आया बड़ा अपडेट
  3. Xiaomi का अपकमिंग फोल्डेबल फोन 67W फास्ट चार्जिंग के साथ लीक!
  4. 'Fake News है!' Nothing ने 12 मार्केट्स से बिजनेस बंद करने की खबर पर दिया करारा जवाब
  5. Vivo S सीरीज की भारत में 7 साल बाद वापसी, Vivo S2 अगस्त में देने जा रहा दस्तक!
  6. 18,000Pa सक्शन पावर वायरलैस फ्लोर क्लीनर Xiaomi ने किया लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  7. Rapido, Uber, Ola कैब में महिलाएं कर सकेंगी महिला के साथ यात्रा, राइड पूलिंग के लिए आए नए नियम
  8. 10 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 200MP कैमरा वाला फ्लैगशिप फोन!
  9. Samsung Galaxy F70 Pro जल्द होगा लॉन्च, Geekbench पर लिस्टिंग
  10. OnePlus N6x में मिलेगी 7,000mAh की बैटरी, इस महीने होगा लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »