म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक ब्रोकिंग चार्जेज और शेयर्स सहित कैपिटल मार्केट से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर 0.02 प्रतिशत का MDR लगेगा। इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन के MDR की लिमिट तय की गई है
MDR के दायरे से 95 प्रतिशत से ज्यादा UPI पर्सन-टु-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस बाहर रहेंगी
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की चुनिंदा ट्रांजैक्शंस पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले पर दोबारा विचार करने का केंद्र सरकार का इरादा नहीं है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की ओर से लगाए गए इस चार्ज को 15 अक्टूबर से लागू किया जाएगा।
एक मीडिया रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 2,000 रुपये से ज्यादा की UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाने के फैसले की समीक्षा नहीं की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि नए चार्ज को लगाने के बावजूद UPI ट्रांजैक्शंस में बढ़ोतरी जारी रहेगी। UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा की ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा। हालांकि, इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शंस की लिमिट होगी। रेलवे, इंश्योरेंस, टेलीकॉम सर्विसेज और फ्यूल सहित 2,000 रुपये से ज्यादा की चुनिंदा ट्रांजैक्शंस पर 5 रुपये का MDR लगाया जाएगा।
म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक ब्रोकिंग चार्जेज और शेयर्स सहित कैपिटल मार्केट से जुड़ी ट्रांजैक्शंस पर 0.02 प्रतिशत का MDR लगेगा। इसके लिए 300 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन के MDR की लिमिट तय की गई है। इस चार्ज के बावजूद UPI के कुल इस्तेमाल पर बहुत कम असर होगा। इससे लगभग चार प्रतिशत मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर असर हो सकता है। MDR के दायरे से 95 प्रतिशत से ज्यादा UPI पर्सन-टु-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस बाहर रहेंगी। इसके अलावा पर्सन-टु-पर्सन-टु-मर्चेंट (P2PM) मॉडल के तहत ऑपरेट करने वाले स्मॉल मर्चेंट्स के लिए भी MDR से छूट जारी रहेगी।
दुनिया में भारत डिजिटल तरीके से सबसे तेज पेमेंट्स करने वाला देश बन चुका है। विदेश में भी कुछ देशों में UPI के जरिए पेमेंट सर्विस को शुरू किया गया है। UPI के लिए जल्द ही बिना एक्टिव़ इंटरनेट कनेक्शन के ट्रांजैक्शंस का फीचर भी शुरू हो सकता है। इस फीचर से दूरदराज और लो नेटवर्क वाले क्षेत्रों में डिजिटल तरीके से पेमेंट्स करने में आसानी होगी। UPI की ऑफलाइन पेमेंट्स के लिए मर्चेंट प्वाइंट-ऑफ-सेल (PoS) फर्मों को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से सर्टिफिकेशन की जरूरत होगी। कस्टमर्स के स्मार्टफोन या मर्चेंट के PoS टर्मिनल पर इंटरनेट कनेक्शन के बिना पेमेंट्स की सुविधा जल्द शुरू होगी। NPCI इसके लिए कम्पैटिबल PoS टर्मिनल्स को सर्टिफाइ करेगी। UPI ट्रांजैक्शंस के लिए ऑफलाइन फीचर NFC टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होगा।
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