Apple ने CCI पर लगाया जांच में भारी लापरवाही का आरोप, कंपनी पर लग सकता है अरबों डॉलर का जुर्माना

इस मामले में CCI ने अपनी जांच में पाया था कि कंपनी ने iPhone से जुड़े ऐप्स के मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया था। हालांकि, कंपनी ने इस आरोप से इनकार किया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 30 जून 2026 23:47 IST
ख़ास बातें
  • एपल ने कहा है कि CCI ने उसके कॉम्पिटिटर्स के आरोपों पर मामला बनाया है
  • कंपनी का दावा है कि जांच के दौरान उसे पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया है
  • यह मामला ऐप्स के मार्केट में गलत कारोबारी तरीकों के इस्तेमाल से जुड़ा है

ऐप्स के मार्केट में कारोबारी तरीकों को लेकर कंपनी के खिलाफ जांच हुई है

दुनिया भर में लोकप्रिय iPhone बनाने वाली Apple ने भारत में गलत कारोबारी तरीकों का इस्तेमाल करने से जुड़े एक मामले में बड़ा आरोप लगाया है। एपल ने कहा है कि कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने पूरा मामला उसके कॉम्पिटिटर्स के आरोपों को कॉपी और पेस्ट कर बनाया है। 

Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अमेरिकी कंपनी ने कहा है कि CCI के जांचकर्ताओं ने यूरोपियन यूनियन (EU) के एक फैसले से ग्राफिक को कॉपी कर लिया है। एपल ने CCI को दाखिल किए गए अपने जवाब में कंपनी के कॉम्पिटिटर्स की फाइलिंग्स की CCI की रिपोर्ट से तुलना करने वाले टेबल भी शामिल किए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने CCI के डायरेक्टर जनरल पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्होंने इन स्टेटमेंट्स की पुष्टि या इनका गहराई से आकलन की कोशिश नहीं की है। 

एपल का दावा है कि तीन वर्ष तक चली जांच में उसे एक बार भी अपना बयान दर्ज कराने या मौखिक गवाही देने का मौका नहीं दिया गया। इसी तरह के एक मामले में Google के साथ CCI के व्यवहार की ओर भी इशारा किया है। इस मामले में गूगल को अपना पक्ष रखने के लिए कई मौके दिए गए थे। हालांकि, इंटरनेट सर्च में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली इस कंपनी ने भी CCI पर यूरोप के एक मामले को कॉपी और पेस्ट करने का आरोप लगाया था। CCI ने एपल से उसके इंटरनेशनल बिजनेस से जुड़े फाइनेंशियल डॉक्युमेंट्स मांगे थे। कंपनी ने इन डॉक्युमेंट्स को देने से इनकार किया था। हालांकि, एपल ने भारत में अपने टर्नओवर से जुड़े आंकड़े देने के लिए समयसीमा बढ़ाने का निवेदन किया था। यह समयसीमा 25 जून की थी लेकिन इसी दिन कंपनी ने कॉपी और पेस्ट से जुड़े यह आरोप लगा दिया था। 

इस मामले में CCI ने अपनी जांच में पाया था कि कंपनी ने iPhone से जुड़े ऐप्स के मार्केट में अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया था। हालांकि, कंपनी ने इस आरोप से इनकार किया था। एपल की दलील थी कि इस मामले को रोका जाना चाहिए क्योंकि वह देश के नए एंटीट्रस्ट पेनल्टी कानून को रद्द करने के लिए अलग से निवेदन कर रही है।  इस कानून के तहत, CCI को कंपनियों पर उनके इंटरनेशनल बिजनेस के टर्नओवर के आधार पर पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया गया है। 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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