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वेदांता के 20 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए गुजरात का सेलेक्शन 

कंपनी ने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए गुजरात से फाइनेंशियल सब्सिडी और कम प्राइस पर इलेक्ट्रिसिटी की मांग की थी

वेदांता के 20 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए गुजरात का सेलेक्शन 

इस प्रोजेक्ट के लिए महराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य भी दौड़ में थे

ख़ास बातें
  • इस ज्वाइंट वेंचर में वेदांता के पास बड़ी हिस्सेदारी होगी
  • Foxconn को सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग में काफी संभावना दिख रही है
  • इस प्रोजेक्ट के लिए कम टैरिफ पर इलेक्ट्रिसिटी की मांग की गई थी
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बड़ी माइनिंग कंपनियों में शामिल वेदांता का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट गुजरात में लग सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए वेदांता ने ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर Foxconn के साथ 20 अरब डॉलर का ज्वाइंट वेंचर किया है। इसके लिए अहमदाबाद के निकट प्लांट लगाया जा सकता है। इस ज्वाइंट वेंचर में वेदांता के पास बड़ी हिस्सेदारी होगी। 

Reuters की रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी ने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए गुजरात से फाइनेंशियल सब्सिडी और कम प्राइस पर इलेक्ट्रिसिटी की मांग की थी। वेदांता ने कॉस्ट के बिना लगभग 1,000 एकड़ जमीन को 99 वर्ष की लीज पर मांगा था। इस प्रोजेक्ट के लिए महराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्य भी दौड़ में थे। कंपनी ने 20 वर्षों के लिए फिक्स्ड प्राइस पर इलेक्ट्रिसिटी देने को भी कहा था। सूत्रों ने बताया है कि वेदांता को सब्सिडी के साथ ही कम टैरिफ पर इलेक्ट्रिसिटी की भी स्वीकृति मिल गई है। इस प्रोजेक्ट को लेकर दोनों पक्षों के बीच MoU पर हस्ताक्षर होने के साथ इस सप्ताह प्रोजेक्ट की आधिकारिक तौर पर घोषणा की जा सकती है। 

Foxconn को सेमीकंडक्टर्स सेगमेंट में काफी संभावना दिख रही है। पिछले वर्ष इसने सेमीकंडक्टर बनाने के लिए Yageo के साथ हाथ मिलाया था। सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण कई ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। इससे प्रोडक्शन पर असर पड़ा है। दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला को भी सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण प्रोडक्शन घटाना पड़ा है। दुनिया की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल टाटा मोटर्स ने भी सेमीकंडक्टर्स की कमी के कारण अपने कुछ मॉडल्स के प्रोडक्शन में कमी की है। इससे कस्टमर्स के लिए इंतजार भी बढ़ गया है। सेमीकंडक्टर्स बनाने वाली अधिकतर कंपनियां एशिया में हैं।

देश में सेमीकंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग के लिए केंद्र सरकार की ओर से इंसेंटिव भी दिए जा रहे हैं। इस वजह से कुछ ग्लोबल कंपनियों ने देश में सेमीकंडक्टर्स से जुड़े प्लांट लगाने में दिलचस्पी ली है। सेमीकंडक्टर्स बहुत छोटे माइक्रोचिप्स होते हैं जिनका इस्तेमाल कारों से लेकर स्मार्टफोन तक में होता है। सेमीकंडक्टर्स की सप्लाई में कमी होने से इलेक्ट्रिक कार मेकर टेस्ला के साथ ही बहुत सी अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रोडक्शन पर भी असर पड़ा है।  


 
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