हाई परफॉर्मेंस चिप्स पर अमेरिका के एक्सपोर्ट बैन से चीन को बड़ा नुकसान

इन चिप्स का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशंस को चलाने और डेटा सेंटर्स में किया जाता है

विज्ञापन
Written by नित्या पी नायर, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 2 सितंबर 2022 16:56 IST
ख़ास बातें
  • इससे चीन को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किल होगी
  • इन चिप्स का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप्स को चलाने में होता है
  • अमेरिका ने चीन की कुछ फर्मों पर भी रोक लगाई थी

इससे दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ सकता है

अमेरिका के हाई परफॉर्मेंस चिप्स के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने से चीन को टेक्नोलॉजी हासिल करने में मुश्किल होगी। इससे दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका ने Nvidia और एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज (AMD) की ओर से चीन को इन चिप्स के एक्सपोर्ट पर रोक लगाई है। 

इन चिप्स का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशंस को चलाने और डेटा सेंटर्स में किया जाता है। इन पर रोक लगने से चीन की फर्मों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किल होगी। अमेरिका ने चीन की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंचने को रोकने की कोशिशें बढ़ा दी हैं। अमेरिका के कुछ सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पहले तक चीन और रूस को इस तरह की टेक्नोलॉजी के एक्सपोर्ट पर कोई रोक नहीं थी। इन देशों से खतरे को देखते हुए इस तरह का कदम उठाने की जरूरत थी। एडवांस्ड चिप्स के एक्सपोर्ट पर रोक लगाने की घोषणा के बाद Nvidia और  AMD के शेयर्स में गिरावट आई है। हालांकि, बाद में Nvidia ने बताया कि उसे हांगकांग के प्लांट से चिप्स के ऑर्डर्स को पूरा करने की अनुमति मिली है। 

बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक Intel एक नए चिप के साथ ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में इनवेस्टमेंट कर रही है। कंपनी का दावा है कि अन्य चिप्स की तुलना में यह लगभग 1,000 गुना तेज है। कुछ महीने पहले Intel ने बताया था कि नया क्रिप्टो माइनिंग चिप इस वर्ष के अंत में उपलब्ध होगा। इसके शुरुआती क्लाइंट्स में अमेरिकी इलेक्ट्रिक पावर कंपनी GRIID Infrastructure, क्रिप्टो माइनिंग फर्म Argo Blockchain और Jack Dorsey की अगुवाई वाली Block शामिल होंगे।

इंटेल का नया कस्टम कंप्यूट ग्रुप एनर्जी एफिशिएंट एक्सेलरेटर्स के नजरिए के साथ ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के डिवेलपमेंट में योगदान देगा। क्रिप्टो माइनिंग और ब्लॉकचेन्स के लिए बड़ी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है जिससे एनर्जी की काफी खपत होती है। इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी का लक्ष्य एनर्जी एफिशिएंट चिप्स बनाना है। क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की खपत बहुत अधिक होने के कारण चीन जैसे कुछ देशों ने बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी है। अमेरिका में भी क्रिप्टो माइनिंग से इलेक्ट्रिसिटी की खपत बढ़ने का विरोध किया जा रहा है। इंटेल के नए एप्लिकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) को विशेषतौर पर क्रिप्टो माइनिंग के लिए डिजाइन किया गया है। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Technology, Semiconductor, Ban, Export, Market, China, Nvidia, America, Security

नित्या पी नायर को डिज़िटल ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. TVS Motor ने लॉन्च किया iQube MillionR Special Edition, जानें प्राइस, फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. TVS Motor ने लॉन्च किया iQube MillionR Special Edition, जानें प्राइस, फीचर्स
  2. Apple ने भारत में लॉन्च किए Mac Studio और Mac Mini के नए वर्जन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Nokia 300 Charge फीचर फोन हुआ लॉन्च, 3,700mAh बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Vivo T5 5G अगले महीने होगा भारत में लॉन्च, MediaTek Dimensity 7500 Turbo चिपसेट
  5. सैटेलाइट इंटरनेट के लिए भारत में छिड़ने वाली है जंग? Starlink-Jio के बाद अब हो रही एक और बड़ी एंट्री
  6. Infinix Hot 70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6.76 इंच फुल HD+ डिस्प्ले
  7. क्रिप्टो मार्केट को मिला कमजोर डॉलर का फायदा, Bitcoin का प्राइस 81,000 डॉलर से ज्यादा
  8. रोबोट ने उज्जैन में किया सैंडविच शॉप का देसी अंदाज में उद्घाटन, देखें वायरल वीडियो
  9. ₹8 हजार में Xiaomi का नया Air Purifier, साथ में आया बड़ा मॉडल; जानें स्पेसिफिकेशन्स
  10. जब हर कंपनी महंगे कर रही अपने स्मार्टफोन, वहां Samsung ने फ्लैगशिप फोन कर दिया ₹15,000 सस्ता
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.