Microsoft की गेमिंग डिविजन में होगी स्टाफ की छंटनी, प्रॉफिट बढ़ाने के लिए हुआ फैसला

कंपनी ने वीडियो गेमिंग मार्केट में अपनी पोजिशन मजबूत करने के लिए कुछ महीने पहले Activision Blizzard को लगभग 69 अरब डॉलर में खरीदा था

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अपडेटेड: 26 जनवरी 2024 22:05 IST
ख़ास बातें
  • कंपनी की की गेमिंग डिविजन से लगभग आठ प्रतिशत स्टाफ को बाहर किया जाएगा
  • इनमें से अधिकतर Activision Blizzard में हैं
  • मार्केट वैल्यू के लिहाज से माइक्रोसॉफ्ट दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है

गेमिंग मार्केट में जापान की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Sony का पहला स्थान है

बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक Microsoft ने अपनी गेमिंग डिविजन से लगभग 1,900 वर्कर्स की छंटनी करने का फैसला किया है। इनमें Activision Blizzard और Xbox के वर्कर्स शामिल हैं। हाल के सप्ताहों में टेक्नोलॉजी सेक्टर की कुछ बड़ी कंपनियों ने हजारों वर्कर्स की छंटनी की है। 

माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग डिविजन से लगभग आठ प्रतिशत स्टाफ को बाहर किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर Activision Blizzard में हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने वीडियो गेमिंग मार्केट में अपनी पोजिशन मजबूत करने के लिए कुछ महीने पहले Activision Blizzard को लगभग 69 अरब डॉलर में खरीदा था। इस मार्केट में जापान की कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Sony का पहला स्थान है। माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि Blizzard के प्रेसिडेंट, Mike Ybarra भी कंपनी को छोड़ रहे हैं। 

कम्युनिकेशंस वर्कर्स ऑफ अमेरिका (CWA) ने कहा, "माइक्रोसॉफ्ट की वीडियो गेम डिविजन से लगभग 1,900 वर्कर्स को हटाने की घोषणा से यह स्पष्ट है कि अगर आप एक प्रॉफिट वाली इंडस्ट्री में एक सफल कंपनी से जुड़े हैं तो भी आपकी जॉब सुरक्षित नहीं है। हम इसे लेकर यूनियन का हस्तक्षेप चाहने वाले वर्कर्स की मदद करना जारी रखेंगे।" पिछले कुछ सप्ताह में इंटरनेट सर्च इंजन Google को चलाने वाली Alphabet सहित बहुत सी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने हजारों वर्कर्स की छंटनी की है। इसके पीछे कॉस्ट को घटाने और प्रॉफिट में बढ़ोतरी की कोशिश प्रमुख कारण हैं। 

इस सप्ताह की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट की मार्केट वैल्यू तीन लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा हो गई थी। दुनिया की दूसरी सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी के तौर पर इसने अपना स्थान बरकरार रखा था। अमेरिकी डिवाइसेज मेकर Apple स्टॉक मार्केट में वैल्यू के लिहाज से पहले स्थान पर है। इस वर्ष की शुरुआत से एपल और माइक्रोसॉफ्ट के शेयर्स के बीच मार्केट कैपिटलाइजेशन में पहले स्थान को लेकर कॉम्पिटिशन है। इस महीने की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैपिटलाइजेशन दो वर्षों में पहली बार iPhone बनाने वाली एपल से अधिक हो गया था। इससे यह दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनी बन गई थी। हालांकि, इसके बाद एपल ने अपनी टॉप पोजिशन दोबारा हासिल कर ली थी। माइक्रोसॉफ्ट के शेयर का प्राइस बुधवार को 1.7 प्रतिशत बढ़कर 405.63 डॉलर के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन तीन लाख करोड़ डॉलर को पार कर गया था।  
 

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