भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए Elon Musk की स्टारलिंक को मिला लाइसेंस

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए सिक्योरिटी से जुड़े रूल्स को टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने जारी कर दिया है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 मई 2025 18:25 IST
ख़ास बातें
  • DoT ने स्टारलिंक को इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया है
  • स्टारलिंक को मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX ने डिवेलप किया है
  • सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए सिक्योरिटी से जुड़े रूल्स जारी किए गए हैं

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने स्टारलिंक को इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया है

देश में जल्द ही सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की शुरुआत हो सकती है। बिलिनेयर Elon Musk की Starlink को यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से अनुमति मिल गई है। टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने स्टारलिंक को इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया है। 

स्टारलिंक को मस्क की रॉकेट कंपनी SpaceX ने डिवेलप किया है। यह सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कई देशों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस उपलब्ध कराती है। सामान्य इंटरनेट सर्विसेज के लिए जियोस्टेशनरी सैटेलाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत, स्टारलिंक सबसे बड़े लो अर्थ ऑर्बिट कॉन्स्टेलेशन का इस्तेमाल करती है। स्टारलिंक को इस सर्विस के लिए अनुमति भारत की ओर से पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले करने के एक दिन बाद मिली है। हालांकि, DoT के सूत्रों का कहना है कि इस फैसले का भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के साथ कोई कनेक्शन नहीं है। 

Jio Satellite Communications और Eutelsat OneWeb को इस सर्विस के लिए पहले ही लाइसेंस दिया गया है। ये कंपनियां इसके लिए स्पेक्ट्रम एलोकेट होने के बाद अपनी सर्विस शुरू कर सकेंगी। टेलीकॉम रेगुलेटरी TRAI सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम एलोकेट करने से जुड़े सुझावों को तैयार कर रहा है। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए सिक्योरिटी से जुड़े रूल्स को टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने जारी कर दिया है। इन रूल्स के तहत, देश के बॉर्डर से बाहर मौजूद किसी टर्मिनल से यूजर्स के कनेक्शन को लिंक करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने वाली कंपनियां अपने डेटा की विदेश में प्रोसेसिंग भी नहीं कर सकेंगी। 

इन रूल्स में यह सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के लिए देश में बिजनेस शुरू करने के कुछ वर्षों के अंदर सैटेलाइट नेटवर्क के ग्राउंड सेगमेंट के लिए देश में बने कम से कम 20 प्रतिशत पार्ट्स का इस्तेमाल करना जरूरी किया गया है। DoT की ओर से जारी किए गए रूल्स में कहा गया है कि सैटलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए लाइसेंस रखने वाली कंपनी को देश में विशेष गेटवे और हब लोकेशंस के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस लेनी होगी। हाल ही में स्टारलिंक ने देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों Reliance Jio और Bharti Airtel के साथ एग्रीमेंट किया था। 

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi A7 Pro 5G का लॉन्च कल, 6300mAh बैटरी, डुअल AI कैमरा, जानें सबकुछ
  2. 50MP कैमरा वाला Xiaomi फोन मिल रहा बंपर सस्ता, जानें पूरी डील
#ताज़ा ख़बरें
  1. Aadhaar सेंटर कैसे खोजें, MapmyIndia और Google Maps के जरिए सब होगा आसान
  2. Samsung Galaxy A57 5G vs Google Pixel 10 vs Oppo Reno 15 Pro Mini 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  3. 50MP कैमरा वाला Xiaomi फोन मिल रहा बंपर सस्ता, जानें पूरी डील
  4. बिटकॉइन के रिजर्व को घटा रहा भूटान, क्रिप्टो माइनिंग में भी हुई कमी!
  5. Nubia Neo 5 Pro गेमिंग फोन 50MP डुअल कैमरा, 6210mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  6. Redmi A7 Pro 5G का लॉन्च कल, 6300mAh बैटरी, डुअल AI कैमरा, जानें सबकुछ
  7. Samsung, Apple की होगी टक्कर! 3 नए फोल्डेबल सैमसंग करेगी लॉन्च, iPhone Fold से मुकाबला
  8. जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
  9. न LPG चाहिए, न PNG! बिजली से चलने वाला गैस जैसा चूल्हा हो रहा वायरल
  10. Xiaomi ने नया Mijia Wireless Floor Scrubber 5 Pro किया लॉन्च, गंदगी और बैक्टीरिया का सफाया! जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.