TCS ने कन्फर्म किया है कि वो इस फाइनेंशियल ईयर में करीब 12,200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। ये ज्यादातर मिड और सीनियर लेवल की पोजिशनों में हो रही हैं, खासकर वे रोल्स जहां परंपरागत स्किल्स या नॉन-AI टास्क शामिल थे।
Photo Credit: Pixabay/ Mohamed Hassan
छंटनी की वजह साफ है - AI, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन पर शिफ्ट हो रहे वर्कफ्लो
2025 में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक बार फिर छंटनी की आंधी चली है। TCS, Microsoft और Intel जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने हजारों कर्मचारियों को अलविदा कह दिया है और इसकी सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है AI और ऑटोमेशन का बढ़ता रोल। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह ट्रेंड “AI restructure” या “AI transformation” की वजह से तेज हो रहा है, जहां कई पुराने रोल्स अब गैर-जरूरी हो गए हैं।
TCS ने कन्फर्म किया है कि वो इस फाइनेंशियल ईयर में करीब 12,200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। ये ज्यादातर मिड और सीनियर लेवल की पोजिशनों में हो रही हैं, खासकर वे रोल्स जहां परंपरागत स्किल्स या नॉन-AI टास्क शामिल थे। कंपनी का फोकस अब AI और नई टेक्नोलॉजी वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वहीं Microsoft ने 2025 में लगभग 15,000 लोगों को निकाला है, जिनमें सबसे ज्यादा छंटनी जुलाई में हुई। माइक्रोसॉफ्ट का कहना है वह क्लाउड, AI और ऑटोमेशन क्षेत्र में अग्रेसिव इन्वेस्ट कर रही है, जिससे पुराने सेल्स, सपोर्ट और गेमिंग डिविजन्स में पोजिशन घटी हैं।
Intel की बात करें तो कंपनी ने 25,000 लोगों तक छंटनी की प्रक्रिया शुरू की है। Intel ने बताया कि स्लो प्रॉफिट ग्रोथ, सेमीकंडक्टर मार्केट और AI प्रोजेक्ट्स में रीअलाइनमेंट के चलते उन्हें वर्कफोर्स घटानी पड़ रही है। सिर्फ अमेरिका में ही जुलाई में 5,000 से ज्यादा कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
इस बार सिर्फ इन तीन कंपनियों में ही नहीं, बल्कि Google, Amazon, Meta जैसे बड़े नामों ने भी 2025 में हजारों लोगों की छंटनी की है। वजह साफ है - AI, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन पर शिफ्ट हो रहे वर्कफ्लो। कंपनियां अब मैनपावर से ज्यादा ऑटोमेटेड, फ्यूचर-रेडी वर्क प्रोसेस तैयार कर रही हैं, जिससे मैनुअल, रिपिटिटिव और पुराने टेक्नोलॉजी वाले रोल्स कम हो रहे हैं।
मार्केट ट्रेंड्स दिखाते हैं कि मिड और सीनियर लेवल एम्प्लॉइज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, खासकर वे, जिन्होंने अभी तक AI, डेटा, मशीन लर्निंग या क्लाउड जैसी स्किल्स नहीं सीखी हैं। इसके अलावा, भारत समेत ग्लोबल मार्केट में यह लहर आईटी, सपोर्ट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और यहां तक कि गेमिंग डिविजन्स तक जा पहुंची है।
TCS ने लगभग 12,200, Microsoft ने करीब 15,000 और Intel ने 25,000 तक कर्मचारियों को निकाला है, इनमें ज्यादातर छंटनी 2025 में हुई है।
मुख्य वजह AI और ऑटोमेशन है, जिनकी वजह से पुराने, रिपिटेटिव या नॉन-AI रोल्स कम किए जा रहे हैं, ताकि कंपनियां भविष्य के प्रोजेक्ट्स और नई टेक्नोलॉजी को अपना सकें।
मिड और सीनियर लेवल स्टाफ, खासकर वे जो अभी तक नई स्किल्स जैसे AI, क्लाउड या डेटा एनालिटिक्स नहीं सीख पाए हैं।
नहीं, Google, Amazon, Meta जैसी दूसरी बड़ी टेक कंपनियों में भी 2025 में हजारों एम्प्लॉइज की छंटनी हो चुकी है।
कंपनियां फ्यूचर-फोक्स्ड स्किल्स पर ध्यान दे रही हैं, जिससे ट्रेडिशनल आईटी, सपोर्ट व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की नौकरियां कम हो रही हैं और AI, डेटा साइंस, ऑटोमेशन वाली जॉब्स ज्यादा डिमांड में हैं।
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