• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • India’s Iron dome : देसी ‘आयरन डोम’ बनाएगा भारत, इस्राइल की तरह हवा में खत्‍म करेगा दुश्‍मन!

India’s Iron dome : देसी ‘आयरन डोम’ बनाएगा भारत, इस्राइल की तरह हवा में खत्‍म करेगा दुश्‍मन!

India’s Iron dome : यह 350 किलोमीटर की रेंज तक आने वाले स्टील्थ लड़ाकू विमानों, विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों का सटीक पता लगाकर उन्‍हें बर्बाद कर देगा।

India’s Iron dome : देसी ‘आयरन डोम’ बनाएगा भारत, इस्राइल की तरह हवा में खत्‍म करेगा दुश्‍मन!

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO का प्रोजेक्‍ट कुशा (Project Kusha) यह काम कर रहा है।

ख़ास बातें
  • लंबी दूरी के एयर डिफेंस‍ सिस्‍टम को लाने की तैयारी
  • साल 2028-2029 तक पेश कर सकता है भारत
  • सरकार ने आधिकारिक रूप से इस बारे में कुछ नहीं कहा है
विज्ञापन
इस्राइल की आयरन डोम प्रणाली (Iron dome system) के बारे में पूरी दुनिया जानती है। एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्‍टम जो दुश्‍मन देशों से आने वाली मिसाइलों, विमानों, ड्रोन आदि को बर्बाद कर सकता है। भारत भी ऐसा ही एयर डिफेंस सिस्‍टम डिप्‍लॉय करने की तैयारी में जुटा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2028-2029 तक भारत लंबी दूरी के एयर डिफेंस‍ सिस्‍टम को लाने के लिए तैयार है। यह 350 किलोमीटर की रेंज तक आने वाले स्टील्थ लड़ाकू विमानों, विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों का सटीक पता लगाकर उन्‍हें बर्बाद कर देगा। 

हालांकि इस बारे में सरकार या सेना की ओर से कुछ नहीं बताया गया है, पर टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO का प्रोजेक्‍ट कुशा (Project Kusha) यह काम कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस लॉन्‍ग रेंज की इस देसी मिसाइल (एलआर-एसएएम) प्रणाली में रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम जैसी क्षमताएं होंगी। 

रिपोर्ट कहती है कि LR-SAM सिस्‍टम को "मिशन-मोड" प्रोजेक्‍ट के रूप में डेवलन करने के लिए मई 2022 में कैबिनेट की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने इस सिस्‍टम के लिए 5 स्क्वाड्रन की खरीद के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) को मंजूरी दे दी है। इसमें 21,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी।  

भारत जिस देशी सिस्‍टम को तैयार कर रहा है, उसमें अलग-अलग इंटरसेप्‍टर मिसाइलें होंगी। ये मिसाइलें 
150 किलोमीटर, 250 किलोमीटर और 350 किलोमीटर की दूरी पर दुश्‍मन के हमले का पता लगाकर उसे खत्‍म कर देंगी। रिपोर्ट कहती है कि इस सिस्‍टम की मदद से दुश्‍मन की मिसाइल या अन्‍य हमले को 80 फीसदी तक खत्‍म किया जा सकेगा। लगातार फायर करने पर 90 फीसदी रिजल्‍ट मिलेगा। 

भारत का LR-SAM उन इलाकों में तैनात हो सकता है जो रणनीतिक और सामरिक ल‍िहाज से जरूरी हैं। आमतौर पर इस तरह के सिस्‍टमों में रडार की मदद से दुश्‍मन के रॉकेट या मिसाइलों को ट्रैक किया जाता है। हमला होने पर रडार मिसाइलों या रॉकेट को ट्रैक करता है और जवाबी कार्रवाई में उन्‍हें खत्‍म कर देता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO Z11 में मिल सकता है MediaTek Dimensity 8500 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  2. Oppo Find N6 फोल्डेबल फोन लॉन्च: नई फोल्डिंग टेक्नोलॉजी और 6000mAh बैटरी है खासियत, जानें कीमत
  3. Poco X8 Pro, X8 Pro Max भारत में लॉन्च, 9000mAh बैटरी, 100W चार्जिंग के साथ जानें कीमत
  4. Xiaomi 18 Pro में होंगे 200MP के 2 कैमरा, 7000mAh बैटरी!
  5. Oppo K14 5G भारत में लॉन्च: 7000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ आया नया बजट फोन
  6. Fake Traffic Challan Scam: 500 रुपये बचाने गए और गंवा दिए लाखों, ऐसे बचें इस नए साइबर स्कैम से
  7. Samsung 'Eid Special' Offer: AI फीचर्स वाले AC, फ्रिज, वॉशिंग मशीन पर Rs 20 हजार तक का कैशबैक!
  8. LPG गैस सिलेंडर के लिए Indane Gas में अपना मोबाइल नंबर कैसे करें अपडेट
  9. OnePlus Nord 6 टीजर लॉन्च! मिल सकती है 9000mAh बैटरी
  10. Apple Watch से जली कलाई! यूजर ने शेयर की पूरी कहानी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »