भारत में AI के लिए जल्द बन सकता है कानून

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Ashwini Vaishnaw ने बताया कि AI के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर बनाने की योजना है

भारत में AI के लिए जल्द बन सकता है कानून

सरकार की AI के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर बनाने की योजना है

ख़ास बातें
  • AI का इस्तेमाल बढ़ने के डीपफेक्स जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं
  • केंद्र सरकार ने Facebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर चेतावनी दी थी
  • पिछले वर्ष Google पर की गई सर्च में AI की हाई रैंकिंग थी
विज्ञापन
पिछले कुछ महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से डीपफेक्स जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। इससे निपटने के लिए देश में जल्द AI से जुड़े रेगुलेशंस को कानूनी दायरे में लाया जा सकता है। इसके लिए लोकसभा चुनान के बाद एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने की योजना है। 

इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर, Ashwini Vaishnaw ने एक बिजनेस न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में बताया कि AI के लिए एक रेगुलेटरी स्ट्रक्चर बनाने की योजना है। उन्होंने कहा, "इसके लिए खुद रेगुलेट करने वाली संस्था बनाने का विचार था लेकिन हमें नहीं लगता कि यह पर्याप्त होगा। हमारा मानना है कि इस रेगुलेशन को कानूनी तरीके से करना चाहिए। हमने इस बारे में इंडस्ट्री के साथ विचार-विमर्श किया है। चुनाव के बाद कानून बनाने की ओर बढ़ने के लिए हम औपचारिक तौर पर कंसल्टेशन की प्रक्रिया को शुरू करेंगे।" Ashwini का कहना था कि रेगुलेशंस संतुलित होंगे और यह पक्का किया जाएगा कि इनोवेटर्स की क्रिएटिविटी को नुकसान न हो। 

पिछले वर्ष AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही डीपफेक्स जैसी समस्याएं भी सामने आई थी। इसके बाद सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और YouTube को डीपफेक्स को लेकर चेतावनी भी दी थी। हाल ही में मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, Rajeev Chandrasekhar ने बताया था, "इकोनॉमिक ग्रोथ के हमारे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए AI का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स पर बड़ा असर पड़ेगा। हम ChatGPT के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहते। हम इस दिशा में नहीं जा रहे। देश की कई भाषाओं पर फोकस किया जाएगा।" 

देश का AI मार्केट 2027 तक 25-35 प्रतिशत के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) के साथ बढ़कर 17 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। सॉफ्टवेयर कंपनियों के संगठन Nasscom और Boston Consulting Group की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस ग्रोथ के पीछे टेक पर एंटरप्राइसेज का खर्च बढ़ना और AI में इनवेस्टमेंट जैसे कारण होंगे। पिछले वर्ष इंटरनेट सर्च इंजन इंटरनेट सर्च इंजन Google पर की गई सर्च में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की हाई रैंकिंग थी। इसने क्रिप्टो, Bitcoin और Web3 से जुड़े कीवर्ड्स के जरिए की जाने वाली सर्च को पीछे छोड़ दिया था। पिछले वर्ष AI से जुड़े ChatGPT जैसे कीवर्ड्स को अधिक सर्च किया गया था। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. आईफोन का बड़ा मार्केट बना भारत, मुंबई में दूसरा स्टोर खोलेगी Apple
  2. Oppo Reno 15 Pro Mini नए खूबसूरत कलर में लॉन्च, 200 मेगापिक्सल कैमरा, 6200mAh है बैटरी
  3. फोन से पतला पावर बैंक! Xiaomi के नए UltraThin Magnetic Power Bank में वायरलेस चार्जिंग भी, जानें कीमत
  4. 7,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme 16 5G, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. डेटिंग ऐप्स यूजर सावाधान, इन पॉपुलर प्लेटफॉर्म का डेटा हुआ हैक, आपकी डिटेल्स खतरे में!
  6. Motorola Signature की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  7. अब अपने फोन पर नए Aadhaar ऐप से ऐसे बदले एड्रेस, मिनटों में होगा काम
  8. Dhurandhar OTT Release: OTT पर धुंआ उठाने आ रही रणवीर सिंह की धुरंधर, यहां देखें
  9. 22.5W चार्जिंग, 10,000mAh बैटरी वाला पावर बैंक Noise MagSafe Qi2 लॉन्च, जानें कीमत
  10. Google कर्मचारी ने चुराई AI टेक्नोलॉजी, चीनी फर्म को देने के लिए, अब जाना पड़ेगा जेल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »