• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • देश के 60 करोड़ लोगों पर मंडरा रही बड़ी मुसीबत, आज नहीं संभले तो साल 2100 तक आएगी ‘आफत’

देश के 60 करोड़ लोगों पर मंडरा रही बड़ी मुसीबत, आज नहीं संभले तो साल 2100 तक आएगी ‘आफत’

Global Warming : इसका सबसे ज्‍यादा असर अफ्रीका और एशियाई देशों में होगा। अकेले भारत में करीब 60 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी की चपेट में आएंगे।

देश के 60 करोड़ लोगों पर मंडरा रही बड़ी मुसीबत, आज नहीं संभले तो साल 2100 तक आएगी ‘आफत’

Photo Credit: Pixabay

अध्‍ययन से पता चलता है कि गर्मी के कारण जिन देशों के लोग सबसे अधिक जोखिम का सामना करेंगे, उनमें भारत प्रमुख है।

ख़ास बातें
  • ग्‍लोबल वॉर्मिंग ने नहीं निपटा गया तो भारत होगा प्रभावित
  • देश के 60 करोड़ लोग सामना करेंगे भीषण गर्मी का
  • एक नए शोध में यह चेतावनी दी गई है
विज्ञापन
ग्‍लोबल वॉर्मिंग (Global Warming) के कारण हमारी धरती लगातार गर्म होती जा रही है। रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है कि इस ‘मुसीबत' को अनदेखा किया जाता रहा, तो साल 2100 तक दुनिया की बड़ी आबादी को जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसका सबसे ज्‍यादा असर अफ्रीका और एशियाई देशों में होगा। अकेले भारत में करीब 60 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी की चपेट में आएंगे। नाइजीरिया के 30 करोड़ लोग, इंडोनेशिया के 10 करोड़ और फ‍िलीपींस व पाकिस्‍तान के 8-8 करोड़ लोग जानलेवा गर्मी का सामना करेंगे।   

रिसर्चर्स का कहना है कि अगर ग्लोबल वॉर्मिंग को सीमित करने की मौजूदा पॉलिसीज जारी रहीं, तो इंसानी आबादी का पांचवां हिस्सा साल 2100 तक भीषण गर्मी की चपेट में होगा। यह स्‍टडी जर्नल नेचर सस्टेनेबिलिटी में पब्लिश हुई है। इस अध्‍ययन से पता चलता है कि गर्मी के कारण जिन देशों के लोग सबसे अधिक जोखिम का सामना करेंगे, उनमें भारत प्रमुख है।  

स्‍टडी में इस बात पर जोर दिया गया है कि ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए, ताकि तापमान में डेढ़ डिग्री से ज्‍यादा का उछाल ना आए। अगर इस लक्ष्‍य को पा लिया गया, तो भीषण गर्मी की चपेट में आने वाली आबादी 50 करोड़ तक कम हो जाएगी। 

न्‍यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सेटर यूनिवर्सिटी से जुड़े और रिसर्च रिपोर्ट के प्रमुख लेखक टिम लेंटन ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में तापमान के 1.2 डिग्री तक बढ़ने का असर दिखाई दे रहा है। हीटवेव, सूखा और जंगलों में आग की फ्रीक्‍वेंसी बढ़ गई है। उन्‍होंने कहा कि ग्‍लोबल वॉर्मिंग को अक्‍सर आर्थिक नफा-नुकसान पर तौला जाता है। हमारा अध्‍ययन इसकी मानवीय लागत पर बात करता है। 

उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में वॉर्मिंग का जो लेवल है, उसके हर 0.1 डिग्री बढ़ने पर 14 करोड़ लोग खतरनाक गर्मी की चपेट में आएंगे। नए निष्‍कर्षों में 29 डिग्री वार्षिक तापमान को खतरनाक गर्मी का स्‍तर माना गया है। इंसानी आबादी 13डिग्री और 27 डिग्री तापमान में सबसे ज्‍यादा बसी हुई है। खास बात है कि 40 साल पहले तक दुनिया में सिर्फ 1.2 करोड़ लोग ही भयानक गर्मी की चपेट में थे। आज यह संख्‍या 5 गुना तक बढ़ गई है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Jio ने लॉन्च किया ₹10 हजार का मोबाइल रीचार्ज प्लान! 3 साल मिलेगा 2.5GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, फ्री JioHotstar
  2. Flipkart सेल में 26 हजार एमआरपी वाला Mivi One फोन ₹15 हजार से सस्ता! 6000mAh बैटरी
  3. ₹35 में 2 OTT का सब्सक्रिप्शन और 1GB डेली डेटा! Vi ने लॉन्च किया नया रिचार्ज पैक
  4. Sony MDR 3R: पुराने जमाने में पहुंचा सोनी, लॉन्च किया नया हेडफोन जो दिलाएगा बचपन की याद!
  5. Samsung Galaxy S27 जल्द होगा भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  6. कैमरा टेस्ट में iPhone 18 Pro से आगे निकला Motorola का ये फोन, जानें कौन है नंबर 1
  7. ₹3800 सस्ता खरीदें 10000mAh की बड़ी बैटरी वाला Vivo का 5जी फोन, सिर्फ दिवाली सेल में ऑफर
  8. itel दिवाली ऑफर: टीवी-वॉशिंग मशीन खरीदें सिर्फ ₹40 प्रतिदिन देकर, फोन पर भी डिस्काउंट
  9. ₹29 हजार सस्ता मिल रहा Google का पिक्सल फोन, दिवाली सेल में बचत का मौका
  10. WhatsApp में बिना चैट खोले पढ़ सकेंगे मैसेज, नहीं जाएगा ब्लू टिक, ऐसे काम करेगा नया फीचर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »