Facebook ने रिश्वत लेकर हैकर्स की मदद करने वाले वर्कर्स को कंपनी से निकाला

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को चलाने वाली Meta के पास 3.7 अरब से अधिक यूजर्स का डेटा है

Facebook ने रिश्वत लेकर हैकर्स की मदद करने वाले वर्कर्स को कंपनी से निकाला

इनमें से कुछ वर्कर्स ने हजारों डॉलर की रिश्वत ली लेकर हैकर्स की मदद की थी

ख़ास बातें
  • Meta के पास 3.7 अरब से अधिक यूजर्स का डेटा है
  • पिछले सप्ताह कंपनी से 11,000 से अधिक वर्कर्स की छंटनी की गई थी
  • फेसबुक के यूजर्स का डेटा चुराने के कई मामले हो चुके हैं
विज्ञापन
सोशल मीडिया साइट Facebook को चलाने वाली कंपनी Meta ने अपने दो दर्जन से अधिक वर्कर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स को यूजर एकाउंट्स का एक्सेस हैकर्स को देने के बदले रिश्वत लेने के लिए कंपनी से निकाल दिया है। इनमें से कुछ वर्कर्स ने हजारों डॉलर की रिश्वत ली लेकर हैकर्स की मदद की थी। 

Wall Street Journal में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से कुछ वर्कर्स ने यूजर एकाउंट्स पर गलत तरीकों से कब्जा किया था। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को चलाने वाली Meta के पास 3.7 अरब से अधिक यूजर्स का डेटा है और इस कारण से कंपनी और इसके यूजर्स को कई बार हैकर्स निशाना चुके हैं। मेटा ने पिछले महीने कहा था कि वह फेसबुक के लगभग 10 लाख यूजर्स को यह सूचना देने की तैयारी कर रही है कि उनके एकाउंट से जुड़ी डिटेल्स कुछ ऐप्स के जरिए चुराई गई हैं। मेटा ने कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स को फेसबुक का एक टूल दिया है जिससे ऐसे यूजर्स की मदद की जा सकती है जो अपना पासवर्ड भूल गए हैं या जिनके एकाउंट्स पर हैकर्स ने कब्जा कर लिया है। इस टूल का कुछ कॉन्ट्रैक्टर्स के गलत इस्तेमाल करने की आशंका है।

पिछले सप्ताह  Meta ने 11,000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी करने की घोषणा की थी। यह कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 13 प्रतिशत है। इस वर्ष टेक कंपनियों में बड़ी छंटनियों में से यह एक है। Meta को कॉस्ट बढ़ने और विज्ञापनों में कमजोरी जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

महामारी के दौरान टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था और इसका असर उनके वैल्यूएशंस पर भी दिखा था। इस वर्ष इन्फ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी से इन कंपनियों के वैल्यूएशंस में काफी गिरावट आई है। मेटा के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Mark Zuckerberg ने एंप्लॉयीज को मैसेज में बताया, "मैक्रो इकोनॉमिक स्थितियों के कमजोर होने, कॉम्पिटिशन बढ़ने और विज्ञापनों में कमी से हमारा रेवेन्यू अनुमान से बहुत कम रहा है। मुझसे गलती हुई है और मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं।" उन्होंने कहा कि कंपनी को अपने रिसोर्सेज AI, विज्ञापनों और मेटावर्स प्रोजेक्ट जैसे ग्रोथ की अधिक संभावना वाले एरिया में लगाने की जरूरत है। कंपनी से हटाए जाने वाले स्टाफ को 16 सप्ताह की बेस पे के साथ ही प्रत्येक वर्ष की सर्विस के लिए दो अतिरिक्त सप्ताह की बेस पे दी जाएगी। इसके अलावा छह महीने की हेल्थकेयर कॉस्ट का भी कंपनी भुगतान करेगी। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Realme भारत में लॉन्च करने वाला है P4 Lite 5G, 'बजट' फोन के टीजर में दिखाई दिया डिजाइन
  2. इन रोमांचक PlayStation गेम्स को फ्री में खेलने का मौका, मार्च महीने की पूरी लिस्ट हुई लीक
  3. क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
  4. Poco X8 Pro Max में होगी 9,000mAh की दमदार बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  5. LPG सिलेंडर की किल्लत, स्मार्ट कूकर बनेंगे मदद, ऑनलाइन भारी डिस्काउंट पर खरीदें
  6. UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
  7. Samsung Galaxy S26 सीरीज की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  8. 7200mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ Vivo Y51 Pro 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. आसानी से भेजें सीक्रेट ईमेल, सिर्फ पासकोड से खुलेगा और अपने आप हो जाएगा डिलीट, जानें कैसे
  10. Xiaomi 17 Ultra भारत में Snapdragon 8 Elite Gen 5 और 200MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »