Ola स्कूटर स्कैम में 1,000 से ज्यादा लोगों से हुई करोड़ों रुपये की ठगी

इस मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस की सायबरक्राइम डिविजन ने किया है। इस बारे में पिछले महीने की शुरुआत में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 14 नवंबर 2022 19:50 IST
ख़ास बातें
  • इस मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस की सायबरक्राइम डिविजन ने किया है
  • आरोपियों ने Ola Electric की जाली वेबसाइट बनाकर धोखाधड़ी की थी
  • पुलिस ने इस मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है

इस बारे में पिछले महीने की शुरुआत में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी

देश की बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में Ola Electric की नकली वेबसाइट के जरिए 1,000 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप में विभिन्न राज्यों से 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों को कर्नाटक के बेंगलुरु, हरियाणा के गुरूग्राम और बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया है। 

इस मामले का खुलासा दिल्ली पुलिस की सायबरक्राइम डिविजन ने किया है। इस बारे में पिछले महीने की शुरुआत में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। यह स्कैम करने वाले गैंग के दो लोगों ने बेंगलुरू में Ola Electric की जाली वेबसाइट बनाकर लोगों को ऐसे लोगों को शिकार बनाया था जो कंपनी का ई-स्कूटर खरीदना चाहते थे। ई-स्कूटर खरीदने के लिए लोगों के अपनी डिटेल्स जाली वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद उनके मोबाइल नंबर अन्य राज्यों में गैंग के सदस्यों को दिए जाते थे। इसके बाद गैंग के लोग बिहार और तेलंगाना से पीड़ितों को कॉल कर उनसे ई-स्कूटर की बुकिंग के लिए 499 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहते थे। 

पुलिस ने बताया कि गैंग के सदस्य इसके बाद पीड़ितों से स्कूटर के इंश्योरेंस और ट्रांसपोर्टेशन के लिए 60,000-70,000 रुपये मांगते थे। इस मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर को कंपनी के ऐप के जरिए बुक करने का प्रयास किया था लेकिन फाइनेंस का विकल्प नहीं मिलने के कारण वह प्रोसेस पूरा नहीं कर सके थे। उन्हें इसके बाद ओला इलेक्ट्रिक से एक व्यक्ति ने कॉल कर ई-स्कूटर को खरीदने के ऑफलाइन प्रोसेस की जानकारी दी। पीड़ित को उसी व्यक्ति से एक और कॉल मिली जिसमें उनसे बुकिंग के प्रोसेस के लिए 499 रुपये जमा करने के लिए कहा गया था।   

उन्होंने वह रकम एक ऐप के जरिए जमा कर दी और उन्हें बुकिंग की पुष्टि वाली एक स्लिप भेजी गई। इसके बाद उन्हें फाइनेंस के विकल्पों के बारे में एक ईमेल मिली। इसके बाद आरोपी ने उनके लिए 30,000 रुपये की डाउन पेमेंट का एक लिंक जेनरेट किया और इसका भुगतान भी शिकायतकर्ता की ओर से ऐप से कर दिया गया। आरोपी की ओर से उन्हें दोबारा एक ईमेल भेजकर बताया गया कि सैंक्शन की गई रकम 72,000 रुपये है और उन्हें बाकी का भुगतान करना होगा। इसके अलावा उन्हें ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के तौर पर 13,000 रुपये चुकाने के लिए भी कहा गया था। इससे शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का पता चला और इसके बाद उन्होंने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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