EV बनाने के लिए लाइसेंस लेने की तैयारी में JSW Group

JSW ऐसे सिंगल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है जिसके जरिए कम से कम तीन मिड-साइज स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) बनाए जा सकें

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 31 अगस्त 2023 23:08 IST
ख़ास बातें
  • इसके लिए चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी Leapmotor से बातचीत की जा रही है
  • JSW Group की योजना MG Motor में हिस्सेदारी लेने की भी है
  • MG Motor का मालिकाना हक चीन की SAIC Motor के पास है
स्टील से लेकर एनर्जी तक के बिजनेस से जुड़े JSW Group ने भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) बनाने के लिए चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी Leapmotor के साथ टेक्नोलॉजी के लाइसेंस पर बातचीत शुरू की है। इस टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के तहत, JSW देश में अपने ब्रांड के EV बनाने के लिए Leapmotor के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेगा। 

इस बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि JSW ऐसे सिंगल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है जिसके जरिए कम से कम तीन मिड-साइज स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) बनाए जा सकें। Leapmotor इसमें जीनियरिंग से जुड़ी मदद भी करेगी। हालांकि, यह पता नहीं चला है कि JSW कब तक प्रोडक्शन शुरू कर सकता है। इसके अलावा JSW Group की योजना MG Motor की भारत में यूनिट में हिस्सेदारी खरीदने की भी है। MG Motor का मालिकाना हक चीन की SAIC Motor के पास है। देश का EV मार्केट शुरुआती दौर में है। इस मार्केट में Tata Motors की सबसे अधिक हिस्सेदारी है। पिछले वित्त वर्ष में देश में बिक्री कुल कारों में EV की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से कम थी। 

एक सूत्र ने बताया, "JSW की योजना अपने ब्रांड के तहत कारें बेचने के लिए। इसके लिए इसे इनवेस्टमेंट या किसी ऑटोमोबाइल कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर के बजाय टेक्नोलॉजी की अधिक जरूरत है।" यह चीन की कुछ अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रहा है। इन सूत्रों ने नाम जाहिर करने से मना कर दिया क्योंकि इस बारे में बातचीत अभी चल रही है और कोई फैसला नहीं किया गया है। 

इस बारे में Leapmotor ने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया। JSW Group ने भी इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इसके चेयरमैन Sajjan Jindal ने बताया था कि MG Motor में हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत की जा रही है।  EV के मार्केट में ग्रोथ तेजी से बढ़ रही है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2030 तक EV सेल्स को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का है। ग्लोबल EV कंपनी Tesla भी देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनाने के लिए सरकार के साथ बातचीत कर रही है। टेस्ला ने लगभग दो वर्ष पहले बेंगलुरु में अपनी सब्सिडियरी को रजिस्टर्ड कराया था। हालांकि, कंपनी को देश में बिजनेस शुरू करने में काफी देर हुई है। टेस्ला की फैक्टरी की वार्षिक कैपेसिटी लगभग पांच लाख यूनिट्स हो सकती है।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola Signature मिल रहा ₹5000 से ज्यादा सस्ती कीमत में, जानें पूरा ऑफर
  2. पाकिस्तान में Vivo ने 7050mAh बैटरी वाला V80 Lite 5G किया पेश, भारत के इस फोन का है रीब्रांडेड वर्जन
#ताज़ा ख़बरें
  1. हवाई जहाज में अचानक धू-धू कर जलने लगा लैपटॉप, 133 लोग थे सवार; सफर से पहले आप भी जान लें ये जरूरी नियम
  2. भारत में 25 साल से कम उम्र के युवा Crypto में कर रहे जमकर निवेश, रिपोर्ट में आया चौंकाने वाला डेटा
  3. Haier Mini LED M70 स्मार्ट टीवी लॉन्च, 43 से लेकर 85 इंच डिस्प्ले का है ऑप्शन, जानें कीमत
  4. रफ्तार के बादशाह Usain Bolt का भी रिकॉर्ड तोड़ गया ये रोबोट, चीन में चल रहे ‘Robot Olympics’ में दिखाया जलवा
  5. EV में आई खराबी तो इंजीनियर ने खुद रिपेयर कर डाली, सर्विस सेंटर से बहुत कम आया खर्च!
  6. ₹3 हजार तक महंगे हुए Moto Edge 60 Fusion और Edge 70 Fusion, सस्ती कीमत में खरीदने का आज आखिरी मौका!
  7. स्पेस में होगा भारत का अपना स्टेशन, जाने कब बनकर होगा तैयार, ISRO चेयरमैन का खुलासा
  8. BGMI Redeem Codes: देर हो जाए, उससे पहले रिडीम कर लो ये 50 नए कोड, फ्री मिलेंगे कई रिवॉर्ड
  9. Lava Virat V1 Pro 5G ने दी 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ दस्तक, जानें सबकुछ
  10. TVS की बिक्री में आया उछाल! iQube, Jupiter, Apache, Ntorq से लेकर Ronin तक, यहां देखें हर मॉडल की सेल्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.