ट्रंप के बिटकॉइन रिजर्व बनाने के ऑर्डर से क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट

हाल ही में अमेरिका की सरकार ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने का फैसला किया था

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 7 मार्च 2025 16:02 IST
ख़ास बातें
  • बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर ट्रंप ने साइन किए हैं
  • Bitcoin में लगभग 1.60 प्रतिशत का नुकसान था
  • दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी

दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी

पिछले कुछ सप्ताह से क्रिप्टो मार्केट पर अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump के फैसलों से वोलैटिलिटी है। ट्रंप ने बिटकॉइन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व बनाने के ऑर्डर पर साइन किए हैं। हालांकि, इससे क्रिप्टो मार्केट में निराशा है और बिटकॉइन सहित बहुत सी क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइसेज गिरे हैं। 

मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में लगभग 1.60 प्रतिशत का नुकसान था। इस रिपोर्ट को पब्लिश किए जाने पर इंटरनेशनल क्रिप्टो एक्सचेंज Binance पर बिटकॉइन का प्राइस लगभग 89,142 डॉलर पर था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether में लगभग 3.70 प्रतिशत की गिरावट थी। Ether का प्राइस लगभग 2,197 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Solana, XRP, Polkadot, Stellar, Litecoin और Cardano के प्राइस घटे हैं। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन चार प्रतिशत से अधिक कम होकर लगभग 2.88 लाख करोड़ डॉलर पर था। 

अमेरिका के स्ट्रैटेजिक बिटकॉइन रिजर्व में सरकार की ओर से जब्त किए गए बिटकॉइन शामिल होंगे। क्रिप्टो मार्केट का अनुमान था कि इस रिजर्व के लिए अमेरिकी सरकार की ओर से बिटकॉइन की खरीदारी की जाएगी और इससे डिमांड मजबूत होगी। हालांकि, ट्रंप ने जिस एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए टैक्सपेयर्स की रकम का इस्तेमाल नहीं होगा। इस ऑर्डर में यह भी कहा गया है कि स्ट्रैटेजिक रिजर्व में जमा किए गए बिटकॉइन को बेचा नहीं जाएगा। इसका मतलब है कि अमेरिका की सरकार बिटकॉइन की सप्लाई का एक हिस्सा सर्कुलेशन से बाहर कर रही है। 

हाल ही में अमेरिका की सरकार ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने का फैसला किया था। ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान Bitcoin का रिजर्व और क्रिप्टो के पक्ष में पॉलिसी बनाने का संकेत दिया था। हालांकि, बिटकॉइन का रिजर्व बनाने की योजना को लेकर फेडरल रिजर्व ने असहमति जताई थी। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने बताया था कि क्रिप्टोकरेंसीज के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने के उद्देश्य से एक टास्क फोर्स बनाई गई है। अमेरिका की पिछली सरकार ने क्रिप्टो से जुड़ी बहुत सी फर्मों के खिलाफ रूल्स के उल्लंघन का आरोप लगाकर कार्रवाई की थी। इन फर्मों में Coinbase और Kraken शामिल थी। इन फर्मों ने रूल्स के उल्लंघन के आरोप को गलत बताया था। 


 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
  2. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  3. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  4. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  5. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  6. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  7. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  8. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  9. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  10. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.