क्रिप्टो बिजनेस के लिए सिक्योरिटी फीचर्स बढ़ा रही Stripe

अमेरिकी फर्म वह फ्रॉड पकड़ने और ऑथराइजेशन जैसे अपने सिक्योरिटी फीचर्स के जरिए एक्सचेंजों, वॉलेट प्रोवाइडर्स और NFT मार्केटप्लेसेज से बिजनेस हासिल करना चाहती है

क्रिप्टो बिजनेस के लिए सिक्योरिटी फीचर्स बढ़ा रही Stripe

फर्म ने क्रिप्टो सेगमेंट पर रिसर्च के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है

ख़ास बातें
  • फर्म ने क्रिप्टो ट्रेड के लिए बहामास के एक्सचेंज से एग्रीमेंट किया है
  • इसे अमेरिका में सबसे बड़ी प्राइवेट फिनटेक फर्म बताया जाता है
  • क्रिप्टो सेगमेंट को अमेरिकी सरकार की ओर से भी स्वीकार्यता मिलने लगी है
विज्ञापन
अमेरिका की ऑनलाइन पेमेंट्स फर्म Stripe अपने यूजर्स के लिए क्रिप्टो से जुड़ी सर्विसेज बढ़ा रही है। इसके लिए वह फ्रॉड पकड़ने और ऑथराइजेशन जैसे अपने सिक्योरिटी फीचर्स के जरिए एक्सचेंजों, वॉलेट प्रोवाइडर्स और NFT मार्केटप्लेसेज से बिजनेस हासिल करना चाहती है। इसने अपने क्रिप्टो ट्रेड के लिए पहले ही बहामास के क्रिप्टो एक्सचेंज FTX के साथ पार्टनरशिप की है।

Stripe का दावा है कि वह क्रिप्टो बिजनेस के साथ ही लगभग 180 देशों के इनवेस्टर्स को भी क्रिप्टो एसेट्स को सामान्य करंसी में बदलने की सुविधा देता है। इसकी वेबसाइट पर मौजूद जानकारी में कहा गया है, "हमारे पेमेंट प्लेटफॉर्म का डिजाइन फ्रॉड को रोकने और कन्वर्जन को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है।" इसके 'कनेक्ट' फीचर के साथ यूजर्स सामान्य करंसीज में भुगतान कर सकते हैं और इसका आइडेंटिटी ऐड-ऑन फ्रॉड को रोकने के लिए एक वेरिफिकेशन सिस्टम है। Stripe ने क्रिप्टो सेगमेंट पर रिसर्च के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है। यह टीम 'वेब3' कॉन्सेप्ट की भी स्टडी करेगी।  

इस फर्म की शुरुआत 2010 में हुई थी और इसे अमेरिका में सबसे बड़ी प्राइवेट फिनटेक कंपनी बताया जाता है। इसका मार्केट वैल्यूएशन लगभग 95 अरब डॉलर (लगभग 7,07,598 करोड़ रुपये) का है। इसने 2018 में बिटकॉइन में पेमेंट स्वीकार करने की शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद कुछ महीनों के लिए इसे बंद कर दिया था। 

क्रिप्टो सेगमेंट को अमेरिकी सरकार की ओर से भी स्वीकार्यता मिलने लगी है। हाल ही में अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने क्रिप्टो से जुड़े एक एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। इसमें फेडरल रिजर्व से इस पर विचार करने को कहा गया है कि उसे अपनी डिजिटल करंसी जारी करनी चाहिए या नहीं। इसमें ट्रेजरी डिपार्टमेंट और अन्य एजेंसियों के क्रिप्टोकरंसीज के फाइनेंशियल सिस्टम और सिक्योरिटी पर असर की स्टडी करना भी शामिल है। क्रिप्टो से जुड़े रिस्क की जानकारी देने के लिए अमेरिका का ट्रेजरी डिपार्टमेंट एक कैम्पेन शुरू कर रहा है। डिपार्टमेंट का फाइनेंशियल लिटरेसी एजुकेशन कमीशन इसके लिए मैटीरियल तैयार करेगा और लोगों को क्रिप्टो एसेट्स के काम करने के तरीके और इससे जुड़े रिस्क के बारे में बताएगा।अमेरिका में क्रिप्टो में इनवेस्ट करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े फ्रॉड के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से रेगुलेटर्स इस सेगमेंट की निगरानी बढ़ाना चाहते हैं। कुछ अन्य देशों में भी इस सेगमेंट की स्क्रूटनी बढ़ी है।

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Bitcoin, Exchange, Users, America, Security, Fraud
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Realme भारत में लॉन्च करने वाला है P4 Lite 5G, 'बजट' फोन के टीजर में दिखाई दिया डिजाइन
  2. इन रोमांचक PlayStation गेम्स को फ्री में खेलने का मौका, मार्च महीने की पूरी लिस्ट हुई लीक
  3. क्रिप्टो स्कैम में हैदराबाद के कंसल्टेंट के साथ 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी
  4. Poco X8 Pro Max में होगी 9,000mAh की दमदार बैटरी, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  5. LPG सिलेंडर की किल्लत, स्मार्ट कूकर बनेंगे मदद, ऑनलाइन भारी डिस्काउंट पर खरीदें
  6. UPI यूजर्स के लिए नया खतरा, ‘Digital Lutera’ से अकाउंट हाईजैक का दावा
  7. Samsung Galaxy S26 सीरीज की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, फीचर्स
  8. 7200mAh बैटरी, 50MP कैमरा के साथ Vivo Y51 Pro 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. आसानी से भेजें सीक्रेट ईमेल, सिर्फ पासकोड से खुलेगा और अपने आप हो जाएगा डिलीट, जानें कैसे
  10. Xiaomi 17 Ultra भारत में Snapdragon 8 Elite Gen 5 और 200MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »