Terra को झटके के बाद दक्षिण कोरिया में क्रिप्टो की निगरानी की कड़ी होगी निगरानी

दक्षिण कोरिया की सरकार पिछले कुछ महीनों से इस पर विचार कर रही थी कि क्रिप्टो इंडस्ट्री की निगरानी करने की जिम्मेदारी किस संस्था को दी जाए

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शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 2 जून 2022 20:42 IST
ख़ास बातें
  • Terraform के को-फाउंडर के खिलाफ दक्षिण कोरिया में कार्रवाई हो सकती है
  • दक्षिण कोरिया में क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रेगुलेशंस बनाए जा रहे हैं
  • इस सेगमेंट की निगरानी के लिए नई कमेटी बनाने की योजना है

दक्षिण कोरिया में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 20 प्रतिशत का टैक्स लगाया जाएगा

पिछले महीने स्टेबलकॉइन  Terra UST में आई भारी गिरावट के बाद कई देशों में क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर रेगुलेशंस बनाने की मांग उठी है। इसी कड़ी में दक्षिण कोरिया के फाइनेंशियल रेगुलेटर, Financial Supervisory Service (FSS) ने वर्चुअल एसेट्स की निगरानी कड़ी करने और इनसे जुड़े रिस्क का एनालिसिस करने का फैसला किया है।

Korea Herald की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया की सरकार पिछले कुछ महीनों से इस पर विचार कर रही थी कि क्रिप्टो इंडस्ट्री की निगरानी करने की जिम्मेदारी किस संस्था को दी जाए। FSS को इस जिम्मेदारी के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों पर बंदिशें लगाने वाले एक एक्ट सहित पहले लागू किए गए उपायों के प्रभाव को भी देखना होगा। 

Terraform Labs के को-फाउंडर Do Kwon के खिलाफ भी दक्षिण कोरिया में कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। दक्षिण कोरिया के सत्तारूढ़ दल ने हाल ही में एक नई डिजिटल एसेट कमेटी बनाने की भी घोषणा की थी। क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए रेगुलेटर के तौर पर काम करने वाली इस कमेटी को इस सेगमेंट से जुड़ी पॉलिसी भी बनानी होगी। FSS के तहत काम करने वाली इस कमेटी के जरिए क्रिप्टो इंडस्ट्री की निगरानी कड़ी की जाएगी। दक्षिण कोरिया में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस से मिलने वाले प्रॉफिट पर 20 प्रतिशत का टैक्स लगाने की भी तैयारी की जा रही है। इस वर्ष 2.5 करोड़ won से अधिक कमाने वाले इस टैक्स के दायरे में आएंगे।

पिछले महीने की शुरुआत में स्टेबलकॉइन प्रोजेक्ट Terra में भारी गिरावट का असर पूरे क्रिप्टो सेगमेंट पर पड़ा था। इस गिरावट से इनवेस्टर्स को हुए नुकसान की भरपाई के लिए इसे 'Terra 2.0' के तौर पर दोबारा लाया गया है। स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसीज होते हैं जो अपने मार्केट प्राइस को गोल्ड या सामान्य करेंसीज जैसे किसी रिजर्व एसेट से जोड़ने की कोशिश करते हैं। ये ऐसी डिजिटल ट्रांजैक्शंस के लिए अधिक इस्तेमाल होते हैं जिनमें वर्चुअल एसेट्स को वास्तविक एसेट्स में कन्वर्ट करना शामिल होता है। USD Coin, Tether और Binance USD कुछ लोकप्रिय स्टेबलकॉइन्स हैं, जो अमेरिकी डॉलर से जुड़े हैं। क्रिप्टो का तेजी से बढ़ता वर्जन स्टेबलकॉइन एक्सचेंज के प्रमुख माध्यम के तौर पर उभरा है। इसका इस्तेमाल अक्सर ट्रेडर्स की ओर से फंड भेजने के लिए किया जाता है। प्रमुख स्टेबलकॉइन्स को बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के लिए एक्सचेंज किया जा सकता है 
 

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