ईरान ने Bitcoin माइनिंग पर 3 महीने की रोक लगाई, इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई पर था प्रेशर

ईरान की अथॉरिटीज अवैध बिटकॉइन माइनिंग सेंटर्स पर नियंत्रण करेंगी, जो 600 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करते हैं

विज्ञापन
राधिका पाराशर, अपडेटेड: 6 जनवरी 2022 18:45 IST
ख़ास बातें
  • ईरान की अथॉरिटीज अवैध बिटकॉइन माइनिंग सेंटर्स पर नियत्रण करेंगी
  • पिछले वर्ष भी ईरान ने बिटकॉइन माइनिंग पर चार महीने की रोक लगाई थी
  • यूरोप में कोसोवो ने भी क्रिप्‍टोकरेंसी माइनिंग पर बैन लगाया है

बिटकॉइन टोकन को माइन करने के लिए एडवांस्ड कंप्यूटर्स पर जटिल एल्गोरिद्म को सॉल्व करना होता है

Bitcoin माइनिंग के कारण इलेक्ट्रिसिटी की कमी की समस्या को झेलने वाले देशों में ईरान भी शामिल हो गया है। ईरान ने इससे निपटने के लिए बिटकॉइन माइनिंग सेंटर्स पर तीन महीने की रोक लगाने की घोषणा की है। बिटकॉइन टोकन को माइन करने के लिए एडवांस्ड कंप्यूटर्स पर जटिल एल्गोरिद्म को सॉल्व करना होता है। इन कंप्यूटर्स को लगातार प्लग इन रखने की जरूरत होती है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की खपत काफी बढ़ जाती है और इससे एक रीजन में इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई में रुकावट हो सकती है।

Zycrypto की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ग्रिड मैनेजमेंट के डायरेक्टर, मुस्तफा रजानी मशादी ने बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य 209 मेगावॉट तक इलेक्ट्रिसिटी की बचत करना है। रोक 6 मार्च तक जारी रहेगी। ईरान की अथॉरिटीज अवैध बिटकॉइन माइनिंग सेंटर्स पर नियंत्रण करेंगी, जो 600 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करते हैं। यह पहली बार नहीं है कि जब ईरान की अथॉरिटीज ने अपने पावर ग्रिड पर प्रेशर के बड़े कारण के लिए बिटकॉइन माइनिंग को जिम्मेदार बताया है। पिछले वर्ष मई में भी ईरान ने बिटकॉइन माइनिंग पर चार महीने की रोक लगाई थी क्योंकि इससे देश के कई हिस्सों में इलेक्ट्रिसिटी की कमी हो गई थी।

कैम्ब्रिज के रिसर्चर्स के अनुसार, बिटकॉइन माइनिंग से एक वर्ष में लगभग 121.36 टेरावॉट आवर्स (TWh) एनर्जी की खपत होती है। क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होने का कुछ देशों में विरोध किया जा रहा है। हाल ही में रूस के Irkutsk क्षेत्र में इलेक्ट्रिसिटी की कमी के लिए क्रिप्टो की माइनिंग करने वालों को दोषी बताया गया था। इस क्षेत्र में बहुत से लोगों के क्रिप्टो माइनिंग में शामिल होने के कारण पिछले वर्ष इलेक्ट्रिसिटी की खपत 108 प्रतिशत बढ़ गई थी।

चीन जैसे कुछ देशों में इसी वजह से बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी गई है। यूरोप में कोसोवो की सरकार ने भी देश में क्रिप्‍टोकरेंसी माइनिंग पर बैन लगा दिया है। यह फैसला बिजली की खपत को घटाने के लिए किया गया है। इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन में कमी के कारण कोसोवो बीते एक दशक में इलेक्ट्रिसिटी की सबसे अधिक कमी का सामना कर रहा है। अमेरिका के कुछ राज्यों में भी बिटकॉइन माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत का विरोध किया जा रहा है।
Advertisement

 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Bitcoin, Mining, Iran, Electricity, Ban, Russia, China, Government
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo T5 5G भारत में 2 सितंबर को होगा लॉन्च, इस प्राइस रेंज में आएगा अपकमिंग स्मार्टफोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Infinix Hot 70 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6.76 इंच फुल HD+ डिस्प्ले
  2. क्रिप्टो मार्केट को मिला कमजोर डॉलर का फायदा, Bitcoin का प्राइस 81,000 डॉलर से ज्यादा
  3. रोबोट ने उज्जैन में किया सैंडविच शॉप का देसी अंदाज में उद्घाटन, देखें वायरल वीडियो
  4. ₹8 हजार में Xiaomi का नया Air Purifier, साथ में आया बड़ा मॉडल; जानें स्पेसिफिकेशन्स
  5. जब हर कंपनी महंगे कर रही अपने स्मार्टफोन, वहां Samsung ने फ्लैगशिप फोन कर दिया ₹15,000 सस्ता
  6. Vivo T5 5G भारत में 2 सितंबर को होगा लॉन्च, इस प्राइस रेंज में आएगा अपकमिंग स्मार्टफोन
  7. boltt ACE 5G, boltt EVO लॉन्च, 6000mAh बैटरी, 8 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा, जानें कीमत
  8. चीन में वजन उठाते-उठाते ‘मर गया’ रोबोट! जजों की टेबल पर जा गिरा, VIDEO वायरल
  9. Starlink का सैटेलाइट इंटरनेट, भारत में काम शुरू, बेंगलुरु में बनने लगी टीम
  10. 7050mAh बैटरी वाले iQOO Z11 की आज से सेल शुरू, लिमिटेड समय के लिए मिल रही है ₹4 हजार की छूट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.