ED ने सिंगापुर के क्रिप्टो एक्सचेंज Vauld के एसेट्स पर लगाई रोक

Vauld को कई कारणों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें मार्केट की वोलैटिलिटी और बिजनेस पार्टनर्स की वित्तीय मुश्किलें शामिल हैं

विज्ञापन
शॉमिक सेन भट्टाचार्जी, अपडेटेड: 15 अगस्त 2022 12:09 IST
ख़ास बातें
  • एक्सचेंज ने जून में यूजर्स की ट्रांजैक्शंस रोक दी थी
  • क्रिप्टो मार्केट में गिरावट से इसे बड़ा नुकसान हुआ है
  • इस सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के उपाय कर रही हैं

Vauld को कई कारणों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है

एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने सिंगापुर के क्रिप्टो एक्सचेंज Vauld के लगभग 4.65 करोड़ डॉलर के एसेट्स पर रोक लगा दी है। ED ने बताया कि ये एसेट्स बैंक एकाउंट्स, पेमेंट गेटवे के बैलेंस और Flipvolt क्रिप्टो एक्सचेंज पर वॉलेट्स में हैं। इस मामले में फर्म से जुड़े कई परिसरों पर छापे मारे गए थे।

इस बारे में ED की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है, "ये लेंडिंग के गलत तरीकों के कारण अपराध से मिली रकम है। इससे खरीदी गई क्रिप्टोकरेंसी को अज्ञात विदेशी क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस में ट्रांसफर किया गया था।" ED ने बताया कि Vauld की भारत में फर्म से जुड़े जिन एसेट्स पर रोक लगाई गई है उन्हें फंड के बारे में पूरी जानकारी देने पर ही जारी किया जाएगा। Vauld ने स्टेबलकॉइन TerraUSD में भारी गिरावट के बाद जून में अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी थी। Flipvolt इसकी भारत में यूनिट है। इस महीने की शुरुआत में ED ने क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के लगभग 80 लाख डॉलर के एसेट्स पर रोक लगाई थी। 

Vauld को कई कारणों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें मार्केट की वोलैटिलिटी और बिजनेस पार्टनर्स की वित्तीय मुश्किलें शामिल हैं। फर्म ने बताया था कि वह रिस्ट्रक्चरिंग के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इसके लिए फर्म की ओर से Kroll को फाइनेंशियल एडवाइजर हायर करने के साथ ही लीगल एडवाइजर्स को भी नियुक्त किया गया है  Vauld ने संभावित इनवेस्टर्स के साथ बातचीत भी शुरू कर दी है। 

इससे पहले क्रिप्टो लेंडिंग फर्म  Celsius Network ने कस्टमर्स की ट्रांजैक्शंस पर रोक लगाई थी। इस फर्म के क्लाइंट्स की ट्रांजैक्शंस पर रोक लगाने के फैसले की रेगुलेटर्स की ओर से जांच की जा रही है। Celsius ने कहा था कि क्रिप्टो मार्केट की खराब स्थिति के कारण वह एकाउंट्स के बीच विड्रॉल और ट्रांसफर पर रोक लगा रही है। अमेरिका में हेडक्वार्टर रखने वाली इस फर्म के ट्रांजैक्शंस पर रोक लगाने के फैसले की टेक्सस स्टेट सिक्योरिटी बोर्ड सहित कुछ रेगुलेटर्स जांच कर रहे हैं। इस बारे में अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भी फर्म से जानकारी मांगी थी। क्रिप्टो सेगमेंट की बहुत सी फर्में कॉस्ट घटाने के उपाय भी कर रही हैं।  
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. TVS Motor की बड़ी उपलब्धि, iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर की 10 लाख यूनिट्स से ज्यादा की मैन्युफैक्चरिंग
  2. Vivo Y05e में मिल सकती है 5,050mAh की बैटरी, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
  3. Oppo Reno 16 Pro 5G लॉन्च हुआ 200MP कैमरा, 6700mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत और फीचर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17T vs Vivo X200T vs Motorola Signature: जानें कौन सा फोन है 60K में बेस्ट?
  2. Oppo Reno 16 Pro 5G लॉन्च हुआ 200MP कैमरा, 6700mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत और फीचर्स
  3. 8000 रुपये सस्ता मिल रहा 7000mAh बैटरी, 50MP कैमरा वाला Realme फोन, जानें पूरी डील
  4. TVS Motor की बड़ी उपलब्धि, iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर की 10 लाख यूनिट्स से ज्यादा की मैन्युफैक्चरिंग
  5. Vivo Y05e में मिल सकती है 5,050mAh की बैटरी, गूगल प्ले कंसोल पर लिस्टिंग
  6. अब Mac खरीदना पड़ेगा और महंगा! Apple ने 43% तक बढ़ाईं कीमतें, ₹1.70 लाख तक बढ़े दाम
  7. 5,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Samsung Galaxy A27 5G, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  8. Samsung Galaxy S26 FE जल्द हो सकता है भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  9. Casio ने पेश की Pokemon फैंस के लिए खास स्मार्टवॉच, जानें कीमत
  10. iQOO Neo 11S में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, 2K डिस्प्ले, फीचर्स लीक
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.