दुबई के क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit पर भारत में लगा 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना

पिछले वर्ष ByBit ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी ( CBDC) eRupee का अपनी पीयर-टु-पीयर (P2P) ट्रांजैक्शन सर्विस के लिए इंटीग्रेशन करने की जानकारी दी थी

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 3 फरवरी 2025 22:53 IST
ख़ास बातें
  • फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने ByBit की जांच की थी
  • ByBit का विभिन्न उल्लंघनों का दोषी पाया गया है
  • इस एक्सचेंज का दावा है कि इसके यूजर्स की संख्या चार करोड़ से अधिक है

इस एक्सचेंज ने देश में बिजनेस के लिए जरूरी स्वीकृति नहीं ली थी

पिछले कुछ वर्षों में देश में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इस सेगमेंट की कुछ फर्मों के खिलाफ कानून के उल्लंघन की वजह से कार्रवाई भी की गई है। क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के उल्लंघन के कारण लगभग 9.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। 

दुबई के इस क्रिप्टो एक्सचेंज ByBit पर कानूनी दिशानिर्देशों का पालन किए बिना भारत में बिजनेस करने पर यह जुर्माना लगा है। फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने ByBit की जांच की थी। इस एक्सचेंज के एग्जिक्यूटिव्स को दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया था। इस बारे में एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि FIU ने ByBit का विभिन्न उल्लंघनों का दोषी पाया है। इस एक्सचेंज ने देश में बिजनेस के लिए जरूरी स्वीकृति नहीं ली थी। इस वर्ष की शुरुआत में ByBit ने बताया था कि उसने रेगुलेटर्स के कारण अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। देश में क्रिप्टो से जुड़ी सभी फर्मों के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) के पास रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। 

पिछले वर्ष ByBit ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी ( CBDC) eRupee का अपनी पीयर-टु-पीयर (P2P) ट्रांजैक्शन सर्विस के लिए इंटीग्रेशन करने की जानकारी दी थी। ByBit ने बताया  था कि ई-रूपी के लिए सपोर्ट को लेकर उसे भारतीय मर्चेंट्स से निवेदन मिले थे। ByBit की P2P ट्रांजैक्शंस से मर्चेंट्स को रुपये में पेमेंट्स स्वीकार करने की सुविधा मिलेगी। इससे उनके बैंक एकाउंट्स को सायबर अपराधियों के निशाना बनाने का जोखिम कम हो जाएगा। 

इस एक्सचेंज की शुरुआत 2018 में हुई थी। ByBit का दावा है कि इसके यूजर्स की संख्या चार करोड़ से अधिक की है। P2P पेमेंट्स में एक्सचेंज के वॉलेट में सेलर क्रिप्टोकरेंसी के तौर पर पेमेंट को जमा करता है। इसके बार सेलर एसेट का एक सेल प्राइस तय करता है। अगर बायर उस प्राइस को स्वीकार करता है तो एक्सचेंज पर डील हो जाती है। इसके बाद बायर सेलर के बैंक एकाउंट में सीधे पेमेंट भेजता है। इस प्रकार से P2P ट्रांजैक्शन पूरी हो जाती है। सेलर की ओर से एक्सचेंज को यह पुष्टि भी की जाती है कि उसे रकम प्राप्त हो गई है, जिसके बाद एक्सचेंज की ओर से बायर को क्रिप्टोकरेंसी दी जाती है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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