Google Maps में कई ऐसे hidden फीचर्स हैं जो ट्रैवल को आसान बनाते हैं। जानें 10 जरूरी सेटिंग्स और उनका इस्तेमाल।
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Google Maps के hidden फीचर्स ट्रैवल और नेविगेशन को आसान बनाते हैं
Google Maps आज सिर्फ रास्ता दिखाने वाला ऐप नहीं रहा, बल्कि यह एक पूरा स्मार्ट ट्रैवल असिस्टेंट बन चुका है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में हम ज्यादातर लोग बस लोकेशन डालकर नेविगेशन शुरू कर देते हैं, लेकिन इसके अंदर कई ऐसे फीचर्स और सेटिंग्स छिपी होती हैं जो आपके ट्रैवल एक्सपीरियंस को काफी बेहतर बना सकती हैं। खासकर अगर आप ज्यादा ड्राइव करते हैं, रोड ट्रिप्स पर जाते हैं या रोज ऑफिस आने-जाने के लिए Maps का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खास फीचर्स आपके काफी काम आ सकते हैं। इनमें बैटरी बचाने से लेकर ट्रैफिक के हिसाब से टाइम सेट करना, स्पीड लिमिट देखना और यहां तक कि अपनी पार्किंग लोकेशन सेव करना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यहां हम आपको Google Maps के ऐसे ही 10 सेटिंग्स के बारे में बता रहे हैं, जो हर पावर यूजर को जरूर पता होने चाहिए।
अगर आप टोल टैक्स से बचना चाहते हैं या हाईवे या फेरी रूट नहीं लेना चाहते, तो Google Maps में इसका ऑप्शन दिया गया है। इसके लिए पहले डेस्टिनेशन डालें, फिर ऊपर दिए गए “Options” या तीन डॉट्स मेन्यू पर टैप करें और “Route options” में जाकर “Avoid tolls”, “Avoid highways” या “Avoid ferries” को ऑन कर दें। इसके बाद Maps आपको उसी हिसाब से वैकल्पिक रास्ता दिखाएगा।
लंबे सफर में अगर आपको एक से ज्यादा जगहों पर रुकना है, तो आप एक ही रूट में कई स्टॉप जोड़ सकते हैं। डेस्टिनेशन सेट करने के बाद “Add stop” का ऑप्शन चुनें और अलग-अलग लोकेशन्स जोड़ते जाएं। आप इन्हें ड्रैग करके क्रम भी बदल सकते हैं। इससे पूरा रूट एक साथ मैनेज करना आसान हो जाता है।
अगर आप ट्रैफिक को ध्यान में रखकर ट्रिप प्लान करना चाहते हैं, तो “Set depart or arrive time” फीचर काम आता है। डेस्टिनेशन डालने के बाद तीन डॉट्स पर टैप करें और यह ऑप्शन चुनें। यहां आप समय सेट कर सकते हैं और Maps आपको अनुमानित ट्रैफिक के आधार पर ट्रिप का टोटल टाइम बताएगा।
यह फीचर आपको बार-बार फोन अनलॉक किए बिना डायरेक्शन देखने में मदद करता है। नेविगेशन शुरू करने के बाद सेटिंग्स में जाकर “Glanceable directions” ऑन करें। इससे लॉक स्क्रीन या नोटिफिकेशन में ही अगला टर्न और दिशा दिखाई देती रहती है।
लंबे सफर में बैटरी बचाने के लिए आप Maps का पावर-सेविंग मोड इस्तेमाल कर सकते हैं। Navigation के दौरान सेटिंग्स में जाकर “Power saving mode” ऑन करें। इससे स्क्रीन और बैकग्राउंड प्रोसेस कम हो जाते हैं, जिससे बैटरी ज्यादा देर तक चलती है।
Google Maps में स्पीडोमीटर और स्पीड लिमिट दिखाने का ऑप्शन भी मिलता है, जिससे आप ड्राइविंग के दौरान स्पीड कंट्रोल कर सकते हैं। इसे ऑन करने के लिए Settings > Navigation settings में जाएं और “Speedometer” तथा “Speed limits” को ऑन करें।
अगर आप अपने वाहन में गाने सुन रहे हैं और आप चाहते हैं कि नेविगेशन की आवाज से म्यूजिक का मजा किरकिरा न हो। Settings > Navigation settings में जाकर “Play voice over Bluetooth” को ऑफ कर दें। इससे नेविगेशन की आवाज कार के स्पीकर्स से नहीं, बल्कि फोन के स्पीकर से आएगी और म्यूजिक अपनी वॉल्यूम में चलता रहेगा।
इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों के लिए Google Maps में EV सेटिंग्स भी दी गई हैं। Settings > Electric vehicle settings में जाकर अपना वाहन मॉडल और चार्जिंग प्लग टाइप सेट कर सकते हैं। इससे Maps आपको हर रूट पर सही चार्जिंग स्टेशन दिखाता है।
अगर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा करते हैं, तो आप अपनी पसंद का मोड सेट कर सकते हैं। Directions में “Transit” ऑप्शन चुनने के बाद Filters में जाकर बस, मेट्रो या ट्रेन में से अपनी प्राथमिकता चुन सकते हैं, जिससे आपको उसी के अनुसार रूट दिखेंगे।
कार पार्क करने के बाद लोकेशन भूलने से बचने के लिए Google Maps में “Save parking” फीचर दिया गया है। अपनी लोकेशन पर ब्लू डॉट पर टैप करें और “Save parking” चुनें। बाद में Maps आपको वापस उसी जगह तक पहुंचने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर ये सभी फीचर्स Google Maps को सिर्फ एक नेविगेशन ऐप नहीं बल्कि एक स्मार्ट ट्रैवल असिस्टेंट बना देते हैं। अगर आप इन सेटिंग्स का सही इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी यात्रा ज्यादा आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकती है।
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