• होम
  • ऐप्स
  • ख़बरें
  • Android की बैन ऐप Clean Master अभी भी चुरा रही है लोगों का डेटा, रिपोर्ट्स का दावा

Android की बैन ऐप Clean Master अभी भी चुरा रही है लोगों का डेटा, रिपोर्ट्स का दावा

Clean Master एक बेहद ही लोकप्रिय ऐप रह चुका है, जिसे करोड़ो यूज़र्स डाउनलोड कर चुके हैं। संभव है कि आज भी कई लोगों के फोन में यह ऐप इस्तेमाल किया जा रहा हो।

Android की बैन ऐप Clean Master अभी भी चुरा रही है  लोगों का डेटा, रिपोर्ट्स का दावा

Clean Master एंड्रॉयड ऐप Cheetah Mobile द्वारा बनाई गई है

ख़ास बातें
  • Clean Master App को साल गूगल प्ले स्टोर से बैन कर दिया गया था
  • Cheetah Mobile की इस ऐप को करोड़ो डाउनलोड्स मिल चुके हैं
  • ऐप के ऊपर बैन होने के बावजूद यूज़र्स का डेटा चुराने का आरोप है
विज्ञापन
करीब दो साल पहले Clean Master ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया था। नई रिपोर्ट का दावा है कि यह ऐप अभी भी अपने पुराने और वर्तमान यूज़र्स को मुसिबत में डाल सकती है। इस ऐप को चीनी इंटरनेट कंपनी Cheetah Mobile द्वारा बनाया गया है। साल 2018 में इस ऐप पर कथित रूप से फ्रॉड स्कीम्स में शामिल होने का आरोप लगा था, इस वजह से इसे प्ले स्टोर से हटा दिया गया था। हालांकि, क्लिन मास्टर एक बेहद ही लोकप्रिय ऐप रह चुका है, जिसे करोड़ो यूज़र्स डाउनलोड कर चुके हैं। संभव है कि आज भी कई लोगों के फोन में यह ऐप इस्तेमाल किया जा रहा हो।

Forbes की रिपोर्ट के अनुसार, क्लिन मास्टर ऐप वो सभी तरह का प्राइवेट वेब यूज़र डेटा चुराता है, जो सिक्योरिटी फर्म गूगल से शेयर करती है। पुरानी रिपोर्ट्स में भी चीता मोबाइल की कुछ ऐप्स पर फ्रॉड स्कीम्स में शामिल होने का आरोप लगा था, इसमें क्लिन मास्टर ऐप भी शामिल था। गूगल ने कभी अधिकारिक रूप से क्लिन मास्टर को प्ले स्टोर से हटाने का कारण साझा नहीं किया। साइबरसिक्योरिटी कंपनी के रिसर्चर की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Cheetah के दूसरे प्रोडक्ट, जैसे सीएम ब्राउज़र, सीएम लॉन्चर और सिक्योरिटी मास्टर ऐप्स भी यूज़र्स के डेटा की जासूसी कर रहे हैं।    

रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऐप के द्वारा ब्राउज़िंग हिस्ट्री, सर्च इंजन क्वैरी, वाई-फाई एक्सेस पॉइंट्स नेम और स्क्रोलिंग पैर्टन जैसा डेटा इकट्ठा किया जाता था। VPN Pro के भी एक लेख में  यह दावा किया गया था कि क्लिन मास्टर ऐप यूज़र्स का 'घातक जानकारी' चुरा रही है, जिसे अनइंस्टॉल करने की जरूरत है। कंपनी ने इसे लेकर अपने एक बयान में कहा है कि वे यूज़र्स का डेटा गलत इरादों से नहीं बल्कि सुरक्षा कारणों से इक्ट्ठा कर रही है।  

 कंपनी का यह भी कहना है कि वह इंटरनेट ब्राउज़िग को इसलिए मॉनिटर कर रही है, ताकि ये देखा जा सके कि जिस वेबसाइट पर यूज़र्स जा रहे हैं उससे उन्हें कोई खतरा न हो। यह इसलिए भी किया जाता है ताकि यूज़र्स के रीसेंट ट्रेंडिंग सर्च सजेस्ट किया जा सके। वाई-फाई नेटवर्स एक्सेसिंग को लेकर कंपनी ने जवाब दिया कि यूज़र्स को फेक वाई-फाई नेटवर्क से दूर रखने के लिए ऐसा किया जाता है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Clean Master App, Clean Master, Android Apps, Cheetah Mobiles

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
  2. iQOO Neo 11 Ultra में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  3. iQOO का तहलका! लॉन्च करेगी 15,000mAh बैटरी वाला फोन! मिल सकते हैं 200MP दो कैमरा!
  4. Vivo भारत में ला रही सस्ता फोन, 50MP दो कैमरा, 7200mAh होगी बैटरी!
  5. Airtel ने शुरू किया FREE सैटेलाइट इंटरनेट! SpaceX से डील, बिना मोबाइल नेटवर्क भी चलेंगे WhatsApp जैसे ऐप
  6. IND vs SL Test Match LIVE: भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच आज, यहां देखें फ्री!
  7. iQOO Buds भारत में 20 अगस्त को होंगे लॉन्च, डिजाइन आया सामने
  8. ₹4500 सस्ता मिल रहा Oppo का 50MP 3 कैमरा वाला फोन! Flipkart पर जबरदस्त ऑफर
  9. Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का संबोधन, ऐसे देखें फ्री!
  10. Apple का फोल्डेबल आईफोन शुरुआत में सिर्फ एक मार्केट में हो सकता है लॉन्च
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »