तीन क्षेत्र बहुत जल्द AI ऑटोमेशन से प्रभावित हो सकते हैं। इसमें कोडिंग, कस्टमर सर्विस, और लाइफ साइंसेज पर सबसे ज्यादा असर होगा।
Photo Credit: iStock
कोडिंग, कस्टमर सर्विस, और लाइफ साइंसेज पर सबसे ज्यादा असर करेगा AI ऑटोमेशन
AI एक ऐसा शब्द है जो इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह हर तरफ छाया हुआ है। लोगो धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं। AI की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। इंटरनेट पर किसी सवाल का जवाब पाना हो या ईमेल लिखना, नोट्स रेडी करने हों या वीडियो एडिटिंग, सब जगह AI का इस्तेमाल होने लगा है। यह मशीनों में तेजी से इंटीग्रेट किया जा रहा है जिससे अब सिक्योरिटी गार्ड का काम भी लिया जा रहा है।
बढ़ती तकनीकी के साथ AI अब खुद से सीख रहा है, वह अपने फैसले लेने लगा है। देखा जा रहा है कि कई मामलों में यह जटिल काम करने में भी सक्षम हो चुका है। अब बार-बार यह बहस उठ रही है कि क्या AI आने वाले दिनों में इंसानों की जगह ले लेगा? इस सवाल का कोई सटीक जवाब अभी तक सामने नहीं आया है। लेकिन एक AI एक्सपर्ट ने उन दो क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है जिनकी नौकरियां सबसे पहले जा सकती हैं!
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर OpenAI के एक AI प्रवक्ता ने चिंताजनक बात कही है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, पोडकास्ट 'अनसुपरवाइज्ड लर्निंग' में OpenAI बिजनेस प्रोडक्ट्स के हेड ऑलीवियर गॉडेमेंट ने कहा कि तीन ऐसी जॉब कैटिगरी हैं जिन पर बहुत जल्द AI की गाज गिरने वाली है। ये तीन क्षेत्र बहुत जल्द AI ऑटोमेशन से प्रभावित हो सकते हैं। इसमें कोडिंग, कस्टमर सर्विस, और लाइफ साइंसेज पर सबसे ज्यादा असर होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि इन तीनों ही फील्ड्स में बहुत तेजी से AI टूल्स समाहित होते जा रहे हैं जो वर्कफ्लो को बहुत तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जीव विज्ञान और दवा का क्षेत्र पहले ही ऑटोमेशन के हत्थे चढ़ चुका है। इन दोनों क्षेत्रों में प्रशासनिक और दस्तावेज़-प्रधान कार्य पूरी तरह से AI के हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं। AI के एडवांस्ड मॉडल स्ट्रक्चर्ड और अन-स्ट्रक्चर्ड डेटा को कम्प्रेस करने, उसे एनालाइज करने की क्षमता रखते हैं जिससे नई दवाएं मार्केट में लाने की समयावधि नाटकीय रूप से कम हो सकती है।
इसी तरह कोडिंग और कस्टमर सर्विस भी तेजी से AI के हवाले होते जा रहे हैं। डेवलपर टूल पहले से ज्यादा क्षमतावान हो चुके हैं। कंपनियों ने AI बेस्ड कस्टमर सर्विस मॉडल्स को भरोसेमंद पाया है। पैरालीगल सपोर्ट और कॉल सेंटर्स में इंसानों की जरूरत बहुत तेजी से कम होने वाली है।
पिछले कुछ समय में AI की क्षमताएं बहुत तेजी से बढ़ी हैं। तकनीकी रूप से दुनिया बहुत तेजी से आगे जा रही है। सरल शब्दों में कहें तो मशीनें बहुत तेजी से स्मार्ट हो रही हैं। अब वे खुद से ऑपरेट होने लगी हैं। इसके साथ ही डर भी बढ़ रहा है कि मशीनें इंसानों की जरूरत को खत्म कर रही हैं। हेल्थकेयर, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI अब इंसानी हस्तक्षेप को लगातार घटा रहा है। कहा जा रहा है कि अगर AI खुद से विकसित होना सीख गया तो कुछ ही दशकों में यह इंसानों की भूमिका को बहुत ज्यादा कम कर देगा और एक ऐसा समय आ सकता है जब किसी काम को करने के लिए इंसानों की जरूरत ही न रहे।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
Moto G67 Power 5G vs Vivo Y31 5G vs Samsung Galaxy M36 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
365 दिनों तक डेली 3GB, अनलिमिटिड कॉलिंग, FREE बेनिफिट्स के साथ BSNL के सस्ते प्लान
सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ब्लड मून, सुपरमून ... 2026 में दिखेंगे अद्भुत नजारे!
AI जॉब्स की मची होड़! OpenAI दे रही Rs 13.5 करोड़ का सैलरी पैकेज, Google को छोड़ा पीछे