Security Update

Security Update - ख़बरें

  • ऑनलाइन मीटिंग करते हैं तो सावधान! इस ऐप में मिली खतरनाक खामी, हैकर्स कर सकते हैं सिस्टम एक्सेस
    Zoom में एक गंभीर सिक्योरिटी खामी सामने आई है, जिसके जरिए हमलावर बिना किसी क्लिक या फाइल डाउनलोड के मीटिंग में मौजूद यूजर के डिवाइस को निशाना बना सकता था। साइबर सिक्योरिटी कंपनी A Security के मुताबिक, यह खामी Zoom के Annotation फीचर से जुड़ी थी और इसे Zero-Click Attack के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। रिसर्च में तीन खामियों को CVE-2026-53413, CVE-2026-53414 और CVE-2026-53415 के नाम से दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि रिसर्चर्स ने AI की मदद से खामी खोजने और हमले का तरीका तैयार करने का दावा किया है। Zoom ने इसके लिए सुरक्षा अपडेट जारी कर दिए हैं।
  • Hotel का Free WiFi अच्छा लगता है? चुटकी में हैकर्स के हाथ लग सकता है आपका पासवर्ड और प्राइवेट डेटा
    Microsoft ने CaptiveCrunch नाम के साइबर अटैक कैंपेन का खुलासा किया है, जिसमें Hotel, Airport और Conference Center जैसे स्थानों के Public WiFi नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है। Microsoft के मुताबिक, Storm-2945 नाम का अटैकिंग ग्रुप DNS और HTTP ट्रैफिक में बदलाव करके यूजर्स को अपने कंट्रोल वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिडायरेक्ट कर सकता है। इसके बाद Windows या Browser Update जैसी दिखने वाली फर्जी स्क्रीन के जरिए Malware डाउनलोड करवाया जाता है। कंपनी ने यात्रियों को Guest WiFi को Untrusted Network मानने और WiFi कनेक्ट करने के बाद दिखने वाले संदिग्ध Software Updates को इंस्टॉल न करने की सलाह दी है।
  • WhatsApp ने तोड़ी चुप्पी! Username फीचर पर उठे सवालों का एक-एक कर दिया जवाब
    WhatsApp ने अपने आने वाले Username फीचर को लेकर उठ रही प्राइवेसी और साइबर फ्रॉड की चिंताओं पर पहली बार विस्तार से सफाई दी है। X पर शेयर किए गए पोस्ट में कंपनी ने सात बड़े सवालों के जवाब दिए और कहा कि Username फीचर पूरी तरह ऑप्शनल होगा। कंपनी के मुताबिक, पब्लिक फिगर और सरकारी संस्थाओं के Username पहले से सुरक्षित रखे गए हैं, Username सर्च नहीं किया जा सकेगा और यूजर्स को Username Key जैसी अतिरिक्त सुरक्षा भी मिलेगी। WhatsApp का दावा है कि फीचर लॉन्च से पहले सभी जरूरी सेफ्टी उपाय लागू किए जा रहे हैं।
  • अब WhatsApp खुद बताएगा नंबर भरोसेमंद है या नहीं, आ रहा नया फीचर
    WhatsApp जल्द ही Android और iPhone यूजर्स के लिए नया सिक्योरिटी फीचर रोलआउट कर सकता है। WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, अब किसी अनजान नंबर के साथ चैट शुरू करने से पहले यूजर्स को एक वार्निंग स्क्रीन दिखाई जाएगी। इसमें नंबर से जुड़ी जानकारी जैसे उसका रजिस्ट्रेशन देश, कॉन्टैक्ट स्टेटस और कॉमन ग्रुप्स की जानकारी मिल सकती है। इसका मकसद यूजर्स को संभावित स्कैम और फर्जी मैसेज से बचाना है। WhatsApp का यह फीचर यूजर्स को चैट शुरू करने से पहले अतिरिक्त जानकारी देकर बेहतर फैसला लेने में मदद कर सकता है।
  • पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
    UIDAI ने पुष्टि की है कि मौजूदा mAadhaar ऐप को जल्द बंद किया जाएगा। इसके बदले नया Aadhaar ऐप पेश किया गया है, जिसमें QR आधारित पहचान वेरिफिकेशन, Selective Share और बायोमेट्रिक लॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। नए ऐप की मदद से यूजर्स बिना पूरा Aadhaar नंबर शेयर किए जरूरी जानकारी साझा कर सकेंगे। ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट करने की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा यूजर्स पांच फैमिली मेंबर्स तक जोड़ सकेंगे। UIDAI के मुताबिक नया Aadhaar ऐप 13 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और Android व iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है।
  • WhatsApp Alert! ऐप में मिली बड़ी सिक्योरिटी खामी, तुरंत अपडेट नहीं किया तो...
    Meta ने WhatsApp के लिए नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है, जिसमें दो खतरनाक कमजोरियों को ठीक किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इन खामियों का इस्तेमाल करके संदिग्ध मैसेज या फाइल के जरिए यूजर्स के डिवाइस पर जोखिम वाला कंटेंट खोला जा सकता था। एक समस्या Android और iPhone वर्जन से जुड़ी थी, जबकि दूसरी Windows वर्जन में मिली थी। Meta का कहना है कि फिलहाल इन कमजोरियों के गलत इस्तेमाल के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन यूजर्स को जल्द से जल्द WhatsApp अपडेट करने की सलाह दी गई है। नया अपडेट Google Play Store, App Store और Microsoft Store पर उपलब्ध है।
  • Samsung फोन रखते हैं तो ट्रैवल प्लानिंग हुई आसान! Samsung Wallet में आया Trips फीचर
    Samsung ने अपने Wallet ऐप में “Trips” फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को ट्रैवल से जुड़े डॉक्युमेंट्स और बुकिंग्स को एक ही जगह पर मैनेज करने में मदद करता है। यह फीचर फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग, ट्रेन टिकट और अन्य डिटेल्स को ऑटोमैटिकली टाइमलाइन में ग्रुप करता है। यूजर्स मैन्युअली आइटम्स जोड़ सकते हैं और नोट्स भी सेव कर सकते हैं। Samsung के मुताबिक, यह फीचर Knox सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म से सुरक्षित है। इसे अप्रैल 2026 से कुछ देशों में Samsung Galaxy डिवाइसेज पर रोलआउट किया जाएगा।
  • iPhone यूजर्स ध्यान दें! Apple ने फिक्स किया बड़ा बग, डिलीट नोटिफिकेशन भी हो रहे थे एक्सेस
    Apple ने iOS 26.4.2 अपडेट जारी किया है, जिसमें नोटिफिकेशन सिस्टम से जुड़ी एक बड़ी खामी को ठीक किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बग की वजह से डिलीट किए गए पुश नोटिफिकेशन्स डिवाइस में स्टोर रह सकते थे, जिन्हें एक्सेस किया जा सकता था। इस समस्या का इस्तेमाल कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी कर सकती थीं। Apple ने इस अपडेट में इंप्रूव्ड डेटा रिडेक्शन फीचर जोड़ा है, जिससे डिलीट नोटिफिकेशन सही तरीके से हटेंगे। यह अपडेट iPhone 11 और इसके बाद के मॉडल्स के लिए उपलब्ध है।
  • मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
    केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन में आधार ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य बनाने की योजना को रद्द कर दिया है। UIDAI के मुताबिक, इस प्रस्ताव की समीक्षा आईटी मंत्रालय ने की और इसे लागू न करने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत हर स्मार्टफोन में आधार ऐप पहले से मौजूद होता, लेकिन मोबाइल कंपनियों ने लागत, सुरक्षा और ग्लोबल कम्पैटिबिलिटी को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने इसका विरोध किया था। अब यूजर्स को जरूरत पड़ने पर आधार ऐप खुद डाउनलोड करना होगा और यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
  • OTP का जमाना गया? बैंक और टेलीकॉम ला रहे हैं नया साइलेंट सिस्टम, फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक!
    भारत में बैंक और टेलीकॉम कंपनियां OTP आधारित ऑथेंटिकेशन को बदलने की दिशा में काम कर रही हैं। नए “silent authentication” सिस्टम में यूजर के बिना किसी एक्शन के बैकग्राउंड में SIM और मोबाइल नंबर का मिलान किया जाएगा। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है। यह तकनीक खास तौर पर SIM क्लोनिंग और eSIM स्वैप जैसे फ्रॉड को रोकने के लिए लाई जा रही है। RBI के 2FA नियमों के तहत बैंक अब फेस ऑथेंटिकेशन, ऐप टोकन और बायोमेट्रिक जैसे सुरक्षित विकल्प भी अपना रहे हैं।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
    Meta ने WhatsApp के लिए नए स्कैम और फ्रॉड प्रोटेक्शन टूल्स पेश किए हैं, जिनमें डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग सिस्टम शामिल है। कंपनी ने एक फेक WhatsApp ऐप को लेकर भी अलर्ट जारी किया है, जिसका इस्तेमाल करीब 200 यूजर्स की जासूसी के लिए किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ऐप सोशल इंजीनियरिंग के जरिए यूजर्स को डाउनलोड कराया गया। Meta का कहना है कि WhatsApp की ऑफिशियल ऐप और एन्क्रिप्शन सुरक्षित हैं और यह किसी सिस्टम कमजोरी का मामला नहीं है। कंपनी यूजर्स को केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ऐप डाउनलोड करने की सलाह दे रही है।
  • Facebook और WhatsApp पर अब AI से पकड़े जाएंगे ऑनलाइन स्कैमर्स, जानें क्या है नया अलर्ट सिस्टम
    Meta ने ऑनलाइन स्कैम से यूजर्स को बचाने के लिए नए AI आधारित टूल्स और सुरक्षा फीचर्स पेश किए हैं। कंपनी के मुताबिक Facebook, WhatsApp और Messenger पर अब ऐसे सिस्टम जोड़े जा रहे हैं जो संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी अकाउंट को पहचान सकते हैं। नए फीचर्स में संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट के लिए Facebook अलर्ट, WhatsApp पर संदिग्ध डिवाइस लिंकिंग चेतावनी और Messenger में एडवांस्ड स्कैम डिटेक्शन शामिल हैं। Meta का कहना है कि AI तकनीक की मदद से नकली वेबसाइट, ब्रांड इम्पर्सोनेशन और दूसरे स्कैम पैटर्न को पहचानने की क्षमता बेहतर बनाई जा रही है।
  • यूजर्स का पर्सनल डेटा खतरे में, करोड़ों डिवाइस हैक होने डर! तुरंत करें ये काम
    भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Android यूजर्स के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक Android सिस्टम में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। इन कमजोरियों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Android 13, Android 14, Android 15 और Android 16 के शुरुआती वर्जन पर चलने वाले डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने स्मार्टफोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी पैच जल्द इंस्टॉल करें।
  • PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
    PhonePe ने UPI पेमेंट के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर पेश किया है, जिससे 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन बिना PIN डाले पूरे किए जा सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यूजर अब फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन के जरिए पेमेंट अप्रूव कर सकेंगे, जिससे वन टच अनुभव मिलेगा। यह सुविधा QR स्कैन, ऑनलाइन पेमेंट और मनी ट्रांसफर जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल में काम करेगी। 5,000 रुपये से ऊपर की राशि के लिए UPI PIN जरूरी रहेगा। फिलहाल यह फीचर Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है और iOS पर जल्द आने की उम्मीद है।

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