पैन कार्ड यानी पर्मानेंट अकाउंट नम्बर कार्ड के लिए 1 अप्रैल से कई नियम बदलने वाले हैं। पैन कार्ड आपके लेन-देन, बैंक, बिजनेस संबंधी कामों के लिए सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स में आता है। अभी तक पैन कार्ड बनवाना एक सरल प्रक्रिया थी लेकिन 1 अप्रैल से यह बहुत आसान नहीं रह जाएगा। सरकार ने पैन कार्ड को लेकर बढ़ते फ्रॉड रोकने के लिए पैन कार्ड बनवाने और अपडेट करवाने के नियमों में नए बदलाव किए हैं
पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक अकाउंट से X पर एक पोस्ट में बताया गया कि यूजर्स को संदिग्ध ईमेल, कॉल, एसएमएस या लिंक के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। बताया गया है कि साइबर अपराधी अक्सर ऐसे मैसेज को असली दिखाने के लिए डिजाइन करते हैं, जिससे भोले भाले नागरिक भ्रमित होकर जानकारी साझा कर दें। फर्जी ईमेल में ई-पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए एक लिंक या अटैचमेंट भी है। हालांकि, टीम ने कहा कि इस तरह के मैसेज अधिकारियों द्वारा जारी नहीं किए जाते हैं।
Aadhaar और PAN को लिंक करना सरकार ने अनिवार्य कर दिया है, लेकिन आज भी कई लोग यह कन्फर्म नहीं कर पाते कि उनका लिंक सफल हुआ या नहीं। कई मामलों में नाम या डेट ऑफ बर्थ की मामूली गड़बड़ी के कारण PAN इनएक्टिव हो सकता है, जिससे ITR फाइल करना, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और निवेश जैसे काम प्रभावित होते हैं। ऐसे में Aadhaar-PAN लिंक स्टेटस चेक करना बेहद जरूरी हो जाता है। अच्छी बात यह है कि स्टेटस ऑनलाइन वेबसाइट, SMS और पोर्टल के जरिए आसानी से चेक किया जा सकता है। यहां हम Aadhaar-PAN लिंक से जुड़ी हर जरूरी जानकारी समझा रहे हैं।
एआई से प्रकट होने वाली नई दिक्कत सामने आ रही है, जिसमें एआई का उपयोग करके आसानी से फेक दस्तावेज तैयार किए जा सकते हैं। हाल ही में एक एक्स यूजर्स ने फेक PAN और Aadhaar कार्ड बनाने के लिए इस AI टूल के गलत इस्तेमाल का खुलासा किया है। X पर सोमवार को हरवीन सिंह चड्ढा नाम के एक यूजर्स ने शेयर किया है कि यह AI टूल काफी प्रभावशाली है, लेकिन काफी बेहतर तरीके से फेक पहचान पत्र बना सकता है
PAN कार्ड का उपयोग बैंक अकाउंट खुलवाने, बड़ी वित्तीय ट्रांजेक्शन करने, पीएफ अकाउंट से लेकर पहचान प्रमाण दस्तावेज आदि के लिए बड़े स्तर पर किया जाता है। भारत में इसे भारतीय नागरिक, एनआरआई और विदेशी नागरिकों के लिए भी जारी किया जाता है। पैन कार्ड के लिए आवेदन किया है या फिर मौजूदा पैन कार्ड रिप्रिंट करवाया है तो आप घर पर ऑनलाइन इसका स्टेटस चेक कर सकते हैं।
अगर आपने एक नए पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, या फिर अपने पैनकार्ड के लिए री-प्रिंट रिक्वेस्ट डाली है, तो आप कई तरीकों से अपने आवदेन का स्टेटस पता कर सकते हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) और यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लिमिटेड (UTITSL) दोनों ही अधिकृत फर्म हैं जो आपको अपने पैन कार्ड आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा देती हैं।
PAN कार्ड का उपयोग इनकम टैक्स फाइल करने, कई वित्तीय लेनदेन के साथ-साथ पहचान के प्रमाण के तौर पर होता है। पैन एक विशिष्ट 10 अंकीय अल्फान्यूमेरिक संख्या है जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा भारतीय टैक्सपेयर को जारी की जाती है। डिपार्टमेंट विशिष्ट पैन कार्ड नंबर के आधार पर सभी टैक्स संबंधित ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड करता है। सरकार द्वारा एक बार जारी करने के बाद पैन नंबर हमेशा के लिए वैध रहता है।
भारत सरकार ने MyGov और WhatsApp की मदद से Digilocker डॉक्यूमेंट्स को सीधे चैट में लाने का आसान तरीका लॉन्च किया था। अब सिर्फ एक "Hi" मैसेज से PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल RC और अन्य डॉक्यूमेंट्स सीधा WhatsApp पर मिल जाएंगे।
आजकल ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में सबसे ज्यादा चिंता की बात है, अगर आपका पैन कार्ड किसी अपराधी के हाथ लग जाए तो वह आपके नाम पर फर्जी लोन भी ले सकता है। इससे न सिर्फ आपकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब हो सकती है, बल्कि भविष्य में खुद के लिए लोन लेना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में, वक्त रहते यह जानना बहुत जरूरी है कि कहीं आपके पैन कार्ड पर किसी ने चुपचाप लोन तो नहीं लिया। अच्छी बात यह है कि आप खुद ही बिना किसी चार्ज के घर बैठे अपनी CIBIL (क्रेडिट) रिपोर्ट निकालकर इसे चेक कर सकते हैं।
अगर आप ये सोच रहे थे कि Two Factor Authentication ऑन करके और स्पैम कॉल्स को ब्लॉक करके आप डिजिटल दुनिया में सेफ हैं, तो आपको एक बार फिर सोचना चाहिए। एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है कि एक Telegram बॉट, मात्र 99 रुपये में लोगों का पर्सनल डेटा बेच रहा है, वो भी आधार नंबर, पता, पिता का नाम, वोटर ID और PAN जैसी सेंसिटिव जानकारी।
अब तक आपने AADHAAR, PAN और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्युमेंट्स के जरिए लोगों की पहचान होते देखी होगी। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घरों की कोई यूनिक डिजिटल पहचान क्यों नहीं होती? अब सरकार इस तरफ ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। आने वाले वक्त में आपके घर का भी एक यूनिक डिजिटल आईडी हो सकता है, ठीक वैसे ही जैसे आपका आधार नंबर होता है।
AI की मदद से फर्जी आधार कार्ड भी बनाया जा सकता है। डिजिटल जमाने में तेजी से विकसित होती तकनीकी में सबसे बड़ी चिंता AI से ही पैदा हो रही है। AI टूल्स जैसे ChatGPT आदि आमतौर पर जानकारी देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन अब इनका इस्तेमाल फर्जीवाड़े के लिए होने लगा है। ठग अब नकली आधार कार्ड और PAN कार्ड बना सकते हैं और धोखाधड़ी कर सकते हैं।
सरकार ने लोगों के बिल्कुल नए स्कैम से सचेत रहने के लिए कहा है, जो PAN 2.0 से जुड़ा है। एक फर्जी ईमेल वर्तमान में तेजी से सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि यह आयकर विभाग से है। ईमेल में e-PAN कार्ड डाउनलोड करने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड बताई गई है। इसमें एक लिंक भी दिया गया है, जिसके जरिए लोगों को ठगा जा सकता है। PIB Fact Check ने पुष्टि की है कि सर्कुलेट हो रहा यह ईमेल पूरी तरह से फर्जी है। लोगों को इस तरह के ईमेल को पूरी तरह से नजरअंदाज करने की सलाह भी दी गई है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्यूआर कोड वाला नया पैड कार्ड PAN 2.0 पेश किया है। भारतीय टैक्सपेयर्स सिर्फ 50 रुपये चार्ज देकर नया पैड कार्ड रिप्रिंट करवा सकते हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने PAN से संबंधित सर्विस के लिए दो ऑर्गेनाइजेशन प्रोटीन (जिसे पहले NSDL ई-गवर्नेंस के नाम से जाना जाता था) और यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज लिमिटेड (UTIITSL) को शामिल किया है। इनकी जानकारी पैन कार्ड के पीछे छपी हुई है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नया PAN 2.0 पेश किया है। PAN 2.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको यह देखना है कि आपका पैन NSDL या UTIITSL का इस्तेमला किया गया था। क्यूआर कोड वाले ई-पैन कार्ड एप्लिकेशन में रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर फ्री में भेजे जाएंगे। टैक्सपेयर्स को फिजिकल पैन कार्ड के लिए कुछ चार्ज का भुगतान करना होगा।