Vodafone से बाहर होंगे 11,000 वर्कर्स, कंपनी में होंगे बड़े बदलाव

पिछले फाइनेंशियल ईयर में वोडाफोन का ग्रुप रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहा है। इसने 45.7 अरब यूरो का रेवेन्यू हासिल किया

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 16 मई 2023 17:00 IST
ख़ास बातें
  • कंपनी के पिछले CEO, Nick Read ने दिसंबर में इस्तीफा दिया था
  • पिछले कुछ वर्षों में वोडाफोन के शेयर प्राइस में भारी गिरावट हुई है
  • हाल के महीनों में टेक सेक्टर में बहुत सी कंपनियों ने छंटनी की है

पिछले वर्ष वोडाफोन की दुनिया भर में वर्कफोर्स लगभग 1,04,000 वर्कर्स की थी

ग्लोबल टेलीकॉम कंपनी Vodafone ने अगले तीन वर्षों में 11,000 वर्कर्स की छंटनी करने की योजना बनाई है। वोडाफोन का पिछले फाइनेंशियल ईयर में ग्रुप रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहा है। इसने 45.7 अरब यूरो का रेवेन्यू हासिल किया। हालांकि, इसका नेट प्रॉफिट बढ़कर लगभग 11.8 अरब यूरो पर पहुंच गया। यह इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर में 2.2 अरब यूरो का था। प्रॉफिट में बढ़ोतरी का बड़ा कारण वोडाफोन का अपनी यूरोपियन टावर डिविजन Vantage Towers में हिस्सेदारी बेचना है। 

वोडाफोन की नई चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, Margherita Della Valle ने कहा, "हमारा प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। हम ऑर्गनाइजेशन में जटिलता समाप्त करेंगे जिससे प्रतिस्पर्धा की क्षमता को बढ़ाया जा सके।" कंपनी के पिछले CEO, Nick Read ने दिसंबर में इस्तीफा दिया था। उन्होंने कंपनी में चार वर्ष बिताए थे और इस दौरान वोडाफोन के शेयर प्राइस में भारी गिरावट हुई थी।  Nick की अगुवाई में कंपनी की ब्रिटेन के कारोबार को प्रतिद्वंदी कंपनी Three UK के साथ मर्ज करने को लेकर बातचीत चल रही थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि लगभग 15 अरब यूरो की यह डील जल्द पूरी हो सकती है। 

पिछले वर्ष वोडाफोन की दुनिया भर में वर्कफोर्स लगभग 1,04,000 वर्कर्स की थी। कंपनी के 11,000 वर्कर्स की छंटनी करने के फैसले से इसमें 10 प्रतिशत से अधिक की कमी होगी। टेक सेक्टर की बहुत सी कंपनियों ने प्रॉफिट घटने के कारण अपने खर्च को कम करने के लिए पिछले कुछ महीनों में छंटनी जैसे कदम उठाए हैं। इनमें गूगल को चलाने वाली Alphabet, सॉफ्टवेयर कंपनी Microsoft और सोशल मीडिया साइट फेसबुक की ऑपरेटर Meta शामिल हैं। महामारी के दौरान टेक कंपनियों का बिजनेस तेजी से बढ़ा था और इसका असर उनके वैल्यूएशंस पर भी दिखा था। इसके बाद से इन्फ्लेशन और इंटरेस्ट रेट्स में बढ़ोतरी से इन कंपनियों के वैल्यूएशंस में भारी गिरावट हुई है। 

पिछले महीने Meta ने एक बार फिर छंटनी की थी। कंपनी के इस फैसले का असर इंजीनियर्स के साथ ही कुछ टेक टीमों पर पड़ा है। कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव, Mark Zuckerberg ने इस वर्ष Meta के बिजनेस को एफिशिएंट बनाने का टारगेट रखा है। मेटा ने मार्च में बड़ी संख्या में छंटनी के दूसरे दौर की घोषणा की थी। यह छंटनी कई महीनों तक चलेगी और इसका कंपनी के लगभग 10,000 वर्कर्स पर असर होगा। कंपनी ने इसी कड़ी में इंजीनियर्स के साथ ही टेक टीमों में छंटनी की है। 


 
 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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