• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • क्या मंगल की सतह के नीचे पानी मौजूद है? नई रिसर्च ने पुराने दावों पर उठाए सवाल

क्या मंगल की सतह के नीचे पानी मौजूद है? नई रिसर्च ने पुराने दावों पर उठाए सवाल

जाकोस्की का तर्क है कि जिस भूकंपीय डेटा के आधार पर यह दावा किया गया था, उसकी व्याख्या अलग तरह से भी की जा सकती है।

क्या मंगल की सतह के नीचे पानी मौजूद है? नई रिसर्च ने पुराने दावों पर उठाए सवाल

Photo Credit: Pixabay

ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि मंगल कभी पानी से भरपूर था
  • यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के ब्रूस जाकोस्की ने इसपर सवाल उठाए हैं
  • मंगल की क्रस्ट में मौजूद छेदों में जरूरी नहीं कि पानी ही भरा हो: ब्रूस
विज्ञापन
वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि मंगल कभी पानी से भरपूर था। प्राचीन नदी घाटियों, बाढ़ चैनलों और पानी की मौजूदगी में बनने वाले खनिजों के सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि वहां कभी तरल पानी बहता था। लेकिन यह लाल ग्रह अपनी मौजूदा शुष्क स्थिति तक कैसे पहुंचा, इस पर अभी भी बहस जारी है। हाल ही में एक शोध में दावा किया गया था कि मंगल की सतह के नीचे भारी मात्रा में पानी जमा हो सकता है, लेकिन अब इस दावे को चुनौती दी गई है।

PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences) में पब्लिश हुई एक नई स्टडी बताती है कि यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट ब्रूस जाकोस्की ने इस विचार पर सवाल उठाए हैं कि मंगल की मिड-क्रस्ट (सतह के नीचे की परत) पानी से भरी हो सकती है। इससे पहले, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वॉन राइट और उनकी टीम ने NASA के InSight मिशन के डेटा का विश्लेषण करके बताया था कि मंगल की गहराई में मौजूद दरारों वाली आग्नेय चट्टानें पानी जमा करने की क्षमता रखती हैं।

हालांकि, जाकोस्की का तर्क है कि जिस भूकंपीय डेटा के आधार पर यह दावा किया गया था, उसकी व्याख्या अलग तरह से भी की जा सकती है। उनके मुताबिक, मंगल की क्रस्ट में मौजूद छिद्रों में जरूरी नहीं कि तरल पानी ही भरा हो। उन्होंने कहा कि मंगल की सतह के नीचे बर्फ या खाली जगह भी हो सकती है, जिससे पानी की सटीक मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

राइट की स्टडी में अनुमान लगाया गया था कि अगर मंगल की क्रस्ट में मौजूद सभी छिद्र पानी से भरे हों, तो यह पानी ग्रह की सतह पर 1 से 2 किलोमीटर की गहराई तक फैल सकता है। लेकिन जाकोस्की के मुताबिक, यह अनुमान सही नहीं हो सकता क्योंकि इन छिद्रों में ठोस बर्फ हो सकती है या फिर ये पूरी तरह खाली भी हो सकते हैं। इसका मतलब है कि मंगल की सतह के नीचे पानी की मात्रा शून्य से लेकर 2 किलोमीटर तक कुछ भी हो सकती है, जिससे स्थिति पहले से भी ज्यादा अनिश्चित हो गई है।

फिलहाल यह पूरी तरह साफ नहीं है कि मंगल की क्रस्ट में वाकई पानी मौजूद है या नहीं। डेटा इसकी संभावनाओं को नकारता भी नहीं है, लेकिन पुष्टि भी नहीं करता। जाकोस्की के अनुसार, इस रहस्य को सुलझाने के लिए अगली स्पेस मिशनों की ज्यादा सटीक माप जरूरी होगी।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: Mars, water on Mars
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus 15T में हो सकती है 7,500mAh की बैटरी, डुअल 50 मेगापिक्सल कैमरा
  2. बिटकॉइन स्कैमः 150 करोड़ रुपये के Bitcoin मामले में राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किल
  3. Mahindra ने लॉन्च की XUV 3XO EV इलेक्ट्रिक SUV, जानें प्राइस, रेंज
  4. Apple के iPhone 17e में मिल सकता है 6.1 इंच डिस्प्ले, जल्द मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी
  5. महंगा हुआ Aadhaar PVC कार्ड बनवाना, यहां जानें नई फीस से लेकर अप्लाई करने की सभी डिटेल्स
  6. Android की राह पर Apple! 200MP कैमरा के साथ आएगा iPhone, लेकिन कब? यहां जानें
  7. मंगल ग्रह पर चीनी वैज्ञानिकों को यह क्या मिला! लाल ग्रह की गुफाओं में छुपे जीवन के राज
  8. Elon Musk की Tesla को लगा बड़ा झटका, ग्लोबल मार्केट में टॉप EV सेलर बनी चीन की BYD
  9. भारतीय इंजीनियर का AI हेलमेट हुआ वायरल, नियम तोड़ते ही ट्रैफिक पुलिस को जाएगी डिटेल
  10. WiFi राउटर बनेगा CCTV! आ रही दीवार के पार देखने वाली तकनीक, जानें कैसे करेगी काम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »