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सूर्य के सामने से गुजरते हुए ऐसा दिखा शुक्र ग्रह, Nasa ने शेयर की 10 साल पुरानी तस्‍वीर

नासा का कहना है कि इस तरह के ट्रांजिट से खगोलविदों को वायुमंडलीय संरचना और ग्रहों की कक्षा का अध्ययन करने में मदद मिलती है।

सूर्य के सामने से गुजरते हुए ऐसा दिखा शुक्र ग्रह, Nasa ने शेयर की 10 साल पुरानी तस्‍वीर

खास बात यह है कि शुक्र ग्रह सूर्य के सामने से ऐसा ट्रांजिट अगले 100 साल बाद होगा।

ख़ास बातें
  • अगली बार ऐसा साल 2117 में होगा
  • आखिरी बार यह घटना साल 2012 में देखी गई थी
  • यह ट्रांजिट लगभग 7 घंटे तक चला था
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विज्ञान में पुरानी घटनाएं भी नई जानकारी लेकर आती हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने  अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर करीब एक दशक पहले हुई एक दुर्लभ खगोलीय घटना के बारे में बताते हुए पोस्‍ट शेयर किया है। इसमें सूर्य पर शुक्र ग्रह का ट्रांजिशन (पारगमन) होते हुए देखा जा सकता है। तस्‍वीर को नासा की सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी (SDO) ने कैप्‍चर किया था। नासा के अनुसार, कोई ट्रांजिट तब होता है जब अंतरिक्ष में एक वस्तु दूसरे के सामने से गुजरती है। उदाहरण के लिए जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, तो कहा जाता है कि चंद्रमा सूर्य को ट्रांजिट कर रहा है।

इस पोस्‍ट में सूर्य के सामने शुक्र ग्रह को एक काले बिंदु की तरह देखा जा सकता है। तस्‍वीर बताती है कि इस विशाल तारे के सामने हमारे ग्रह कितने छोटे हैं। नासा का कहना है कि इस तरह के ट्रांजिट से खगोलविदों को वायुमंडलीय संरचना और ग्रहों की कक्षा का अध्ययन करने में मदद मिलती है। 
 


खास बात यह है कि शुक्र ग्रह सूर्य के सामने से ऐसा ट्रांजिट अगले 100 साल बाद होगा। नासा ने बताया है कि शुक्र ग्रह का सोलर ट्रांजिट 100 साल में होता है। अगली बार ऐसा साल 2117 में होगा। गौरतलब है कि आखिरी बार ऐसी घटना साल 2012 में देखी गई थी। यह ट्रांजिट लगभग 7 घंटे तक चला था और दुनिया भर में दिखाई दे रहा था। सभी सात महाद्वीपों में लोगों ने इस घटना को देखा था। नासा के पोस्‍ट को अबतक चार लाख से ज्‍यादा लाइक्‍स मिल चुके हैं।

शुक्र ग्रह की बात करें, तो कुछ महीनों पहले एक रिसर्च में दावा किया गया था कि इस ग्रह पर जीवन मुमकिन हो सकता है। वैज्ञानिकों की एक टीम ने कुछ समय पहले शुक्र ग्रह के बादलों में जीवन के अस्तित्व की संभावना की ओर इशारा किया था। हालांकि एक नए विश्लेषण में इन दावों को खारिज कर दिया गया है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्र ग्रह की कैमिस्‍ट्री पृथ्वी से काफी अलग है। इसका वातावरण सल्फर से भरपूर है, जिसकी सांद्रता (concentration) हमारे ग्रह की सांद्रता के 1,00,000 गुना तक पहुंच सकती है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री सीन जॉर्डन के नेतृत्व में स्‍टडी टीम ने शुक्र ग्रह पर जीवन के विचार को लेकर जांच की, जिससे यह साबित हो गया कि इस ग्रह पर जीवन की जो संभावनाएं लगाईं जा रही थीं, उनमें कोई दम नहीं है। 
 
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