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बिग बैंग से नहीं हुई ब्रह्मांड की शुरुआत! मौजूद था ‘रहस्‍यमयी जीवन’, नई स्‍टडी में चौंकाने वाली बात

Universe before Big Bang : बिग बैंग से पहले भी ब्रह्मांड में ‘रहस्‍यमयी जीवन’ की मौजूदगी रही हो सकती है।

बिग बैंग से नहीं हुई ब्रह्मांड की शुरुआत! मौजूद था ‘रहस्‍यमयी जीवन’, नई स्‍टडी में चौंकाने वाली बात

डार्क मैटर हमारे ब्रह्मांड के लगभग 80 फीसदी मैटर का निर्माण करता है।

ख़ास बातें
  • नई स्‍टडी में चौंकाने वाला दावा
  • बिग बैंग से पहले रहा होगा रहस्‍यमयी जीवन
  • बिग बैंग से पहले सिकुड़ गया था ब्रह्मांड
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Universe Big Bang : हमारे ब्रह्मांड की शुरुआत कब हुई थी? अबतक वैज्ञानिक मानते आए हैं कि बिग बैंग (Big Bang) की घटना के बाद ब्रह्मांड ने आकार लिया होगा। लेकिन एक हालिया स्‍टडी किसी और ही नतीजे पर पहुंची है। जर्नल ऑफ कॉस्मोलॉजी एंड एस्ट्रोपार्टिकल फिजिक्स में पब्लिश शोध में कहा गया है कि बिग बैंग से पहले भी ब्रह्मांड में ‘रहस्‍यमयी जीवन' की मौजूदगी रही हो सकती है। आगे चलकर अगर यह बात सच साबित हुई तो ब्रह्मांड खासकर ब्‍लैक होल और डार्क मैटर को लेकर वैज्ञानिकों की समझ बदल सकती है। इस स्‍टडी का एक अर्थ यह भी निकलता है कि ब्रह्मांड की शुरुआत बिग बैंग से नहीं हुई। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मांड विज्ञानी अबतक यह मानते आए हैं कि ब्रह्मांड की शुरुआत बिग बैंग नामक एक घटना से हुई थी। नई स्‍टडी में कहा गया है कि हमारा ब्रह्मांड बिग बैंग से पहले संकुचन (contraction) के चरण से गुजरा यानी सिकुड़ गया। फ‍िर इसका विस्‍तार हुआ। स्‍टडी में कहा गया है कि इन बदलावों ने बिग बैंग से पहले ही ब्‍लैक होल और डार्क मैटर के निर्माण में भूमिका निभाई। डार्क मैटर हमारे ब्रह्मांड के लगभग 80 फीसदी मैटर का निर्माण करता है।

स्‍टडी में पता चला है कि ब्रह्मांड के सिकुड़ने की घटना के दौरान उसके घनत्व में उतार-चढ़ाव की वजह से छोटे ब्लैक होल बन सकते थे। शायद यही ब्‍लैक होल बचे रह गए और उनकी वजह से डार्क मैटर का निर्माण हुआ। फ्रेंच नेशनल सेंटर फॉर साइंटिफिक रिसर्च (CNRS) के पैट्रिक पीटर ने कहा है कि ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में छोटे ब्लैक होल पैदा हुए होंगे और ये अभी भी मौजूद होंगे। 

रिसर्चर्स को उम्‍मीद है कि भविष्य में गुरुत्वाकर्षण तरंगें जैसे लेजर इंटरफेरोमीटर स्पेस एंटीना (LISA) जैसा इंस्‍ट्रूमेंट और टेलीस्कोप इन ब्लैक होल को लेकर नई जानकारी देंगे। यह खोज उस सिद्धांत का भी साथ देती है जिसमें ब्‍लैक होल को डार्क मैटर माना जाता है। यह शोध अभी अपने शुरुआती चरण में है।
 
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