सूर्य भी सोता है! जानें तब क्‍या होता है

भारतीय रिसर्चर्स ने खुलासा किया है कि जब सूर्य में होने वाली गतिविधियां पूरी तरह से गायब हो जाती हैं, तब क्‍या होता है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 8 अक्टूबर 2022 20:17 IST
ख़ास बातें
  • कई बार सूर्य की सतह पर मौजूद धब्बे पूरी तरह से गायब हो जाते हैं
  • उस दौरान हमारा सूर्य ‘सोया’ हुआ लगता है
  • हालांकि तब भी उसके अंदर कई गतिविधियां जारी रहती हैं

यह स्‍टडी रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की मंथली नोटिस मैगजीन में पब्लिश हुई है।

बीते कुछ समय से सूर्य में हलचलें बढ़ गई हैं। कहा जाता है कि हमारा सूर्य अपने 11 साल के सौर चक्र से गुजर रहा है। इस वजह से सूर्य में विस्‍फोट हो रहे हैं। कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) और सोलर फ्लेयर्स की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार सूर्य की सतह पर मौजूद धब्बे पूरी तरह से गायब हो जाते हैं उस दौरान हमारे सौर मंडल का यह तारा हमारा सूर्य ‘सोया' हुआ लगता है। इंडियन इंस्टि‍ट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER), कोलकाता में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज इंडिया के रिसर्चर्स ने कुछ दिलचस्‍प बातें बताई हैं। उन्‍होंने खुलासा किया है कि जब सूर्य में होने वाली गतिविधियां पूरी तरह से गायब हो जाती हैं, तब क्‍या होता है। 

आईआईएसईआर के पीएचडी स्‍टूडेंट चित्रदीप साहा, संघिता चंद्रा और प्रोफेसर दिब्येंदु नंदी के अध्ययन से पता चला है कि जब सूर्य में सभी गतिविधियां बंद हो जाती हैं, तब भी सूर्य के आंतरिक भाग में चुंबकीय क्षेत्र व्यस्त रहते हैं। हालांकि यह इतनी कमजोर होती है कि उसकी वजह से कोई सनस्‍पॉट नहीं बन पाता। 

यह स्‍टडी रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी की मंथली नोटिस मैगजीन में पब्लिश हुई है। पब्लिश हुए निष्कर्ष बताते हैं कि जब सूर्य ‘गहरी नींद' में होता है, तब भी उसके ध्रुवीय और आंतरिक क्षेत्रों में मंथन होता है। सूर्य का इंटरनल डायनेमो मैकनिज्‍म जो सौर चक्र को बनाए रखता है, वह सूर्य के शांत रहते हुए भी अपना काम करता है। शोध बताता है कि पूर्व में कई बार सूर्य में होने वाली गतिविधियां अपने निचले लेवल पर रही हैं। इस पीरियड को ग्रैंड मिनिमम कहा जाता है। इस दौरान सोलर रेडिएशन में काफी कमी आ जाती है। खगोलविदों को पता चला है कि साल 1645 से 1715 के दौरान सूर्य में देखे गए स्‍पॉट की संख्या में कमी आ गई थी। ऐसा कई बार हुआ है। 

यह स्‍टडी भविष्‍य में सूर्य से जुड़े मिशनों के लिए मददगार हो सकती है। स्‍टडी में सूर्य आंतरिक और ध्रुवीय क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। दुनियाभर की एजेंसियां सूर्य पर अपने मिशन भेज रही हैं या उसकी तैयारी में जुटी हैं। नासा का पार्कर सोलर प्रोब और यूरोप का सोलर ऑर्बिटर लगातार सूर्य पर नजर रखे हुए हैं। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... 
  2. ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
  3. Gmail के ये 4 एडवांस फीचर आपको बना देंगे सुपर स्मार्ट!
  4. India AI Impact Summit 2026: आज से शुरू, जानें कैसे लें हिस्सा, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं
  5. इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
  6. New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
  7. iPhone 18 Pro के बारे में लॉन्च से पहले खुलासा, जानें कैसा होगा कैमरा, बैटरी और डिजाइन
#ताज़ा ख़बरें
  1. इंसानों की जरूरत खत्म? 15 AI एजेंट्स से पूरी कंपनी चला रहा है यह फाउंडर
  2. India AI Impact Summit 2026: आज से शुरू, जानें कैसे लें हिस्सा, क्या होंगी बड़ी घोषणाएं
  3. iPhone 18 Pro के बारे में लॉन्च से पहले खुलासा, जानें कैसा होगा कैमरा, बैटरी और डिजाइन
  4. इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... 
  5. ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
  6. Oppo Find N6 में होगी 16GB रैम, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप, 80W चार्जिंग! लॉन्च से पहले खुलासा
  7. Gmail के ये 4 एडवांस फीचर आपको बना देंगे सुपर स्मार्ट!
  8. IND vs PAK T20 Live Streaming: T20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट महामुकाबला, यहां देखें फ्री!
  9. New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
  10. 700 फीट की चट्टान धरती से टकराएगी? नासा ने जारी किया एस्टरॉयड अलर्ट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.