• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 'ये हेलमेट सब जानता है'! वैज्ञानिकों ने बनाया दिमाग पढ़ने वाला हेलमेट! जानें इसके बारे में

'ये हेलमेट सब जानता है'! वैज्ञानिकों ने बनाया दिमाग पढ़ने वाला हेलमेट! जानें इसके बारे में

रिसर्च के प्रमुख सीटी लिन के मुताबिक, यह शोध बताता है कि उन्होंने EEG वेव्स को सीधे लैंग्वेज में बदलने का अपनी तरह का पहला काम किया है।

'ये हेलमेट सब जानता है'! वैज्ञानिकों ने बनाया दिमाग पढ़ने वाला हेलमेट! जानें इसके बारे में

वैज्ञानिकों ने दिमाग को पढ़ने वाला हेलमेट तैयार किया है।

ख़ास बातें
  • इससे न्यूरोसाइंस के नए आयाम खुलेंगे।
  • AI की मदद से इसमें बहुत प्रगति की जा सकती है।
  • हेलमेट में इलेक्ट्रोएंसीफेलोग्राम लगा है जिसे EEG भी कहते हैं।
विज्ञापन
न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में एक नया क्रांतिकारी प्रयोग किए जाने का दावा वैज्ञानिकों ने किया है। जो मनुष्य के दिमाग में चल रहे विचारों को पढ़कर उसे लिखित भाषा में बदल कर पेश कर सकता है। वैज्ञानिकों ने दिमाग को पढ़ने वाला हेलमेट तैयार कर लिया है। जी हां, सिडनी टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के ग्राफिनेक्स यूटीएस ह्यूमन सेंट्रिक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस सेंटर के शोधकर्ताओं ने ऐसा पोर्टेबल हेलमेट तैयार किया है जो इंसान के दिमाग में चल रहे विचारों को पढ़कर लिख सकता है। यह दुनिया का पहला हेलमेट है जो माइंड रीड कर सकता है। इस खोज से कई तरह के फायदे होने की बात कही गई है। 

दिमाग को पढ़ने वाले हेलमेट के जरिए ऐसे लोगों की मदद की जा सकेगी जो अंदर से बीमार हैं लेकिन किसी से बात कह नहीं पाते हैं। जैसे कि पैरालिसिस या स्ट्रोक के पेशेंट, जो दूसरों से बात नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा इससे इंसानों और मशीनों के बीच में बेहतर संपर्क साधने में मदद मिलेगी। जिससे आने वाले समय में रोबोट्स, बायोनिक आर्म्स वगैरह को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी। 

ये कैसे काम करता है, ये भी जान लें। दरअसल प्रयोग के दौरान भागीदारों ने सिर पर ये हेलमेट पहना और किताब से कुछ पढ़ना शुरू किया। हेलमेट में इलेक्ट्रोएंसीफेलोग्राम लगा है जिसे EEG भी कहते हैं। यह दिमाग में चल रही विद्युतीय गतिविधि को खोपड़ी की त्वचा के माध्यम से कैप्चर करता है। इसमें सेंसर लगे हैं। जैसे ही व्यक्ति कुछ सोचने लगता है, सेंसर अपना काम शुरू कर देते हैं। ये ब्रेन वेव को रिकॉर्ड करते हैं और उसके बाद इन वेव्स को टेक्स्ट में बदल देते हैं जो कि ओरिजनल टेक्स्ट से काफी मिलता जुलता होता है। यानी पता लग जाता है कि इंसान के दिमाग में क्या विचार चल रहा था। 

रिसर्च के प्रमुख सीटी लिन के मुताबिक, यह शोध बताता है कि उन्होंने EEG वेव्स को सीधे लैंग्वेज में बदलने का अपनी तरह का पहला काम किया है। यह इस क्षेत्र में क्रांति ला देगा। इससे न्यूरोसाइंस के नए आयाम खुलेंगे और AI की मदद से इसमें बहुत प्रगति की जा सकती है। कहा गया है कि 29 लोगों ने इसमें भाग लिया था। जिसमें से 40% रिजल्ट्स में शोधकर्ताओं ने सफलता पाई है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. HMD जल्द लॉन्च करेगा 6000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन? लीक हुई Crest 2 Pro की डिटेल्स
  2. देसी WhatsApp राइवल Arattai में नया फीचर, फोटो से बनेंगे स्टिकर
  3. ड्राइविंग के दौरान चैट होगी और आसान, आ रहा है WhatsApp CarPlay ऐप!
  4. Instagram पर पैसे देने वाले चोरी-छिपे देख सकेंगे Story? पेड सब्सक्रिप्शन ला रहा है Meta
  5. OnePlus Nord 6 में मिलेगा 50MP कैमरा, कंपनी ने किया खुलासा, जानें सबकुछ
  6. 53 साल बाद इंसान फिर चांद की ओर! NASA ने शुरू की उलटी गिनती, जानें क्या है Artemis II मिशन
  7. Xiaomi ने लॉन्च किया गजब कूकर, बिना गैस बनेंगे चावल, नहीं रहेगा कोई भी डर
  8. Oppo Find X9 Ultra होगा 21 अप्रैल को ग्लोबल स्तर पर लॉन्च, जानें सबकुछ
  9. Google Maps आपकी हर लोकेशन सेव कर रहा है? ऐसे बंद करें ट्रैकिंग और डिलीट करें डेटा
  10. OnePlus Nord 6 India Launch: हाई-एंड गेमिंग से लेकर 9000mAh बैटरी तक, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »