चांद से टकराया था 260km चौड़ा एस्टरॉयड! बनाया 2500 किलोमीटर का गड्ढा ...

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि टकराने वाला एस्टरॉयड लोहे और चट्टानों से बना होगा।

चांद से टकराया था 260km चौड़ा एस्टरॉयड! बनाया 2500 किलोमीटर का गड्ढा ...

Photo Credit: NASA

चांद पर मौजूद सबसे बड़ा गड्ढा, या क्रेटर इसके साउथ पोल पर मौजूद एटकेन बेसिन है।(सांकेतिक फोटो)

ख़ास बातें
  • एस्टरॉयड 30 डिग्री के कोण पर चंद्रमा से टकराया होगा
  • इसकी स्पीड 13 किलोमीटर प्रति सेकंड रही होगी।
  • एस्टरॉयड का साइज 260 किलोमीटर तक हो सकता है।
विज्ञापन

चंद्रमा हमारी पृथ्वी का एकलौता उपग्रह है जो इसके चारों ओर चक्कर लगाता है। चांद स्वयं ही रहस्यों से भरा हुआ है। इसे टेलीस्कोप से देखने पर इस पर बड़े-बड़े, सैकडों किलोमीटर में फैले गड्ढे नजर आते हैं। चांद पर मौजूद सबसे बड़ा गड्ढा, या क्रेटर इसके साउथ पोल पर मौजूद एटकेन बेसिन है। यह क्रेटर 2500 किलोमीटर बड़ा बताया जाता है। अब इस क्रेटर की उत्पत्ति को लेकर एक नया दावा वैज्ञानिकों ने किया है। साउथ पोल एटकेन बेसिन काफी रहस्यमयी है। आइए जानते हैं इसे लेकर क्या नया दावा किया गया है। 

चांद का सबसे बड़ा क्रेटर SPA बेसिन अपने आप में विशेष महत्व रखता है। इसमें चांद की सहत मेंटल (mantle) के कई महत्वपूर्ण पदार्थ मौजूद हो सकते हैं जिनमें वैज्ञानिकों को विशेष रुचि हो सकती है। Science Advances (via)के अनुसार, पर्ड्यू विश्वविद्यालय की शिगेरु वाकिता ने इसके 3D सिमुलेशन पर काम किया और पता लगाया कि यह क्रेटर एक एस्टरॉयड के प्रभाव से बना हो सकता है। चौंकाने वाली बात निकल कर सामने आई कि एस्टरॉयड का साइज 260 किलोमीटर तक हो सकता है। इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह एस्टरॉयड लोहे और चट्टानों से बना होगा। 

सिमुलेशन से अंदाजा लगाया गया है कि यह एस्टरॉयड 30 डिग्री के कोण पर चंद्रमा से टकराया होगा जिस वक्त इसकी स्पीड 13 किलोमीटर प्रति सेकंड रही होगी। इस शक्तिशाली टक्कर के प्रभावों का अध्ययन करके खगोलविदों का अनुमान है कि चंद्रमा के मेंटल के टुकड़े चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर निकल गए थे।

इसके अलावा अध्ययन के लेखकों का कहना है कि अंतरिक्ष यात्री 2028 में एक मिशन के दौरान इन टुकड़ों को एकत्र कर सकते हैं। और वास्तव में इससे वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि एस्टरॉयड की चांद से टक्कर कब हुई थी। और परिणामस्वरूप, हमारे प्राकृतिक उपग्रह को बेहतर ढंग से समझने में हमें मदद मिल सकती है। अंतरिक्ष रहस्यमयी खगोलीय घटनाओं से बना है। जिनके बारे में वैज्ञानिक अभी तक कुछ अंश भर ही पता लगा सके हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung के AI-पावर्ड अप्लायंसेज के लिए भारत बना बड़ा मार्केट
  2. Vivo S2 का सस्ता वर्जन Vivo S2 FE होगा लॉन्च, 6GB रैम, MediaTek चिप के साथ, Geekbench पर लिस्टिंग
  3. 1000 iPhone फ्री मिल रहे! पंजाब के बिजनेसमैन ने की iPhone लंगर की घोषणा, 22 सितंबर को बंटेंगे
  4. Ai+ Nova 2 Power 5G भारत में हुआ लॉन्च, 48MP दो कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ, IP65 रेटिंग
  5. आधार कार्ड में मोबाइल नम्बर घर बैठे करें अपडेट, सबसे आसान तरीका
  6. Oppo A7 Pro Max 5G ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 50MP दो कैमरा, 10,000mAh बैटरी, IP69 रेटिंग!
  7. LPG सब्सिडी का बदला नियम! 1 अक्टूबर से पहले करना होगा ये काम, तभी मिलेगा सस्ता सिलेंडर, जानें आसान तरीका
  8. ₹9 हजार से ज्यादा सस्ता खरीदें Vivo का 50MP दो कैमरा वाला फोन, IP68 & IP69 रेटिंग!
  9. Ai+ LapTab लॉन्च होगा 10,000mAh बैटरी, 33W फास्ट चार्जिंग के साथ!
  10. Vivo की नया बजट फोन लाने की तैयारी! SIRIM लिस्टिंग में स्पॉट
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »