• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • 2025 में गायब हो जाएंगी शनि ग्रह की रिंग्‍स! क्‍या फ‍िर कभी नहीं दिखेंगी? जानें

2025 में गायब हो जाएंगी शनि ग्रह की रिंग्‍स! क्‍या फ‍िर कभी नहीं दिखेंगी? जानें

Saturn Rings : जो लोग पृथ्‍वी से शनि ग्रह की तस्‍वीरें लेना चाहते हैं, उनके लिए यह मायूस होने वाली जानकारी है।

2025 में गायब हो जाएंगी शनि ग्रह की रिंग्‍स! क्‍या फ‍िर कभी नहीं दिखेंगी? जानें

Photo Credit: Unsplash

यह घटना साल 2032 तक जारी रहेगी, जब तक छल्‍लों का निचला हिस्‍सा पृथ्‍वी के सामने नहीं आ जाता।

ख़ास बातें
  • शनि ग्रह से जुड़ी दिलचस्‍प जानकारी आई सामने
  • इसकी रिंग्‍स साल 2025 से पृथ्‍वी से नहीं दिखेंगी
  • साल 2032 के बाद दोबारा नजर आएंगी
विज्ञापन
हमारे सौर मंडल में जितने भी ग्रह हैं, उनमें शनि ग्रह (Saturn) सबसे अलग है। इसे यूनीक बनाते हैं इसके छल्‍ले, जिन्‍हें शनि की रिंग्‍स भी कहा जाता है। इन रिंग्‍स का निर्माण बर्फीले कणों और चट्टान के छोटे टुकड़ों से हुआ है। शनि ग्रह को एक चक्र के रूप में घेरे ये छल्‍ले काफी खूबसूरत दिखाई देते हैं। कई स्‍टडीज में यह दावा किया जा चुका है कि शनि ग्रह के छल्‍ले भविष्‍य में गायब हो जाएंगे। हालांकि ऐसा होने में अभी लाखों साल बाकी हैं। लेकिन एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2025 में ऑप्टिकल भ्रम (optical illusion) की वजह से पृथ्‍वी से इन छल्‍लों को देखा नहीं जा सकेगा। 

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग पृथ्‍वी से शनि ग्रह की तस्‍वीरें लेना चाहते हैं, उनके लिए यह मायूस होने वाली जानकारी है। शनि ग्रह के छल्‍लों के गायब होने की वजह भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, शनि ग्रह हमारी पृथ्‍वी के साथ बेहतर अलाइनमेंट में नहीं है। यह लगभग 9 डिग्री के एंगल पर झुका है। साल 2024 तक शनि का एंगल घटकर लगभग 3.7 डिग्री रह जाएगा।

इसके एक साल बाद पृथ्‍वी से और दूर जाने की वजह से शनि ग्रह के छल्‍ले यानी रिंग्‍स पृथ्‍वी के समानांतर किसी पतली क्षैतिज पट्टी (horizontal strip) की तरह दिखेंगे। यानी इन्‍हें पृथ्‍वी से देखना नामुमकिन हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना साल 2032 तक जारी रहेगी, जब तक छल्‍लों का निचला हिस्‍सा पृथ्‍वी के सामने नहीं आ जाता। 

रिपोर्ट कहती है कि हमारा सौर मंडल और उसके ग्रह 4.6 अरब साल पहले बने, लेकिन शनि ग्रह की रिंग्‍स नई संरचनाएं हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) इन्‍हें धूमकेतुओं और एस्‍टरॉयड्स के टुकड़े मानती है। कहा जाता है कि शनि ग्रह पर पहुंचने से पहले ही धूमकेतु और एस्‍टरॉयड्स के टुकड़े टूट गए। शनि की रिंग्‍स अपने ग्रह से 2 लाख 82 हजार किलोमीटर तक फैली हुई हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. एडवांस हार्डवेयर का पिटारा, फिर भी दुनिया का सबसे हल्का लैपटॉप! लॉन्च हुआ Huawei MateBook Pro S
  2. Oppo F35 Pro में हो सकती है 10,000mAh की पावरफुल बैटरी, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  3. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  4. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  5. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  6. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  7. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  8. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  9. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
  10. Airtel के चार सबसे सस्ते प्रीपेड प्लान, अनलिमिटेड डाटा और कॉल के लाभ, कीमत ₹300 से भी कम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »