शनि ग्रह के छोटे से चंद्रमा के नीचे हो सकता है महासागर, मिले सबूत

मीमास में महासागर या समुद्र की मौजूदगी को परखने से रिसर्चर्स को शनि ग्रह के बाकी चंद्रमाओं को भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

शनि ग्रह के छोटे से चंद्रमा के नीचे हो सकता है महासागर, मिले सबूत

वैसे शनि ग्रह के चंद्रमा की तरह पृथ्‍वी के चंद्रमा पर भी पानी की मौजूदगी के सबूत मिले हैं।

ख़ास बातें
  • यह रिसर्च इकारस जर्नल में प्रकाशित हुई है
  • शनि का यह चंद्रमा सतह के 14 से 20 मील बर्फ के नीचे पानी को रख सकता है
  • इस ग्रह के 60 से ज्‍यादा चंद्रमा हैं
विज्ञापन
बृहस्पति के बाद हमारे सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह शनि (Saturn) है। इसने हमेशा वैज्ञानिकों और शौकिया खगोलविदों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शनि के चारों ओर लगे छल्लों को देखकर इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। लेकिन इसकी एक और विशेषता है इस ग्रह के 60 से ज्‍यादा चंद्रमा। इन चंद्रमाओं में से एक ने हाल में वैज्ञानिकों की जिज्ञासा को जगाया है। एक नई रिसर्च के अनुसार, इस ग्रह की परिक्रमा करने वाले एक छोटे से चंद्रमा मीमास (Mimas) की जमी हुई सतह के नीचे एक महासागर छिपा हो सकता है।

मीमास में घुमावदार घूर्णन होता है और वैज्ञानिकों का मानना है कि यह इसके अंदर मौजूद महासागर की वजह से है। हालांकि महासागरों वाले बाकी चंद्रमाओं से उलट मीमास की सतह पर ऐसा कोई निशान नहीं है, जो इसके नीचे महासागर का संकेत देता है। यह रिसर्च इकारस जर्नल में प्रकाशित हुई है। रिसर्चर एलिसा रोडेन और उनके सहयोगी मैथ्यू वॉकर ने महसूस किया कि यह चंद्रमा अपनी सतह के 14 से 20 मील बर्फ के नीचे पानी को रख सकता है।

बर्फीले उपग्रहों की जियोफ‍िजिक्‍स के स्‍पेशलिस्‍ट और नासा के नेटवर्क फॉर ओशन वर्ल्ड्स रिसर्च कोऑर्डिनेशन नेटवर्क के को-लीडर रोडेन ने कहा कि मीमास की सतह पर गड्ढा है। उन्‍हें और उनके सहयोगी को लगता है कि यह बर्फ का जमा हुआ टुकड़ा है। उनकी रिसर्च ने हमारे सौर मंडल और उसके बाहर एक संभावित रहने लायक दुनिया की धारणा को और मजबूत बना दिया है। 

उनका कहना है कि मीमास में महासागर या समुद्र की मौजूदगी को परखने से रिसर्चर्स को शनि ग्रह के बाकी चंद्रमाओं को भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

वैसे शनि ग्रह के चंद्रमा की तरह पृथ्‍वी के चंद्रमा पर भी पानी की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। चंद्रमा पर गए चीन के Chang'e 5 लुनर लैंडर ने वहां पानी से जुड़े अहम सबूत की खोज की है। इस लैंडर ने चंद्रमा की सतह पर पानी से जुड़ा पहला ऑन-साइट सबूत पाया है। यह बताता है कि आखिर पानी की मौजूदगी के बाद भी चंद्रमा सूखा क्‍यों है। 

पीयर-रिव्यू जर्नल साइंस एडवांस में पब्‍लिश हुई स्‍टडी से पता चला है कि चंद्रमा की लैंडिंग साइट पर मौजूद मिट्टी में 120 भाग-प्रति-मिलियन (ppm) पानी है। यानी एक टन मिट्टी में 120 ग्राम पानी है। हल्की और वेसिकुलर चट्टान में यहां पानी की मात्रा 180ppm है। यह पृथ्‍वी की तुलना में बहुत कम है। इस वजह से चंद्रमा अधिक शुष्क है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Saturn, moon, Mimas, Mimas Ocean, Saturn moon Mimas, new research
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. कॉल और SMS के लिए कम प्राइस वाले प्लान नहीं पेश करेंगी टेलीकॉम कंपनियां! 
  2. Samsung का नया AI फीचर फोटो देखकर बताएगा आपके पालतू जानवर की बीमारी
  3. 130 फीट का एस्टरॉयड पहुंच रहा है धरती के पास! नासा ने दी चेतावनी
  4. Asus ने नया लैपटॉप Dawn 7S Ryzen Edition किया लॉन्च, 16GB रैम, Ryzen AI चिप से लैस, जानें कीमत
  5. OnePlus N6 में मिलेगी 8,000 mAh की बैटरी, भारत में इस महीने होगा लॉन्च
  6. WhatsApp में आ रहा है काम का फीचर, Voice Note भेजने का झंझट होगा खत्म!
  7. AI के जवाबों से उठ रहा ग्राहकों का विश्वास, चाहिए भरोसेमंद सोर्स!
  8. iPhone 18 Pro, iPhone Ultra डिजाइन लीक, कैसे हैं आगामी आईफोन, जानें
  9. Xiaomi 18 सीरीज में स्टैंडर्ड मॉडल से पहले लॉन्च हो सकता है Xiaomi 18 Pro
  10. Telegram में ऐसा क्या था, जो भारत में ऐप को करना पड़ा ब्लॉक? यहां जानें पूरा मामला
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »