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भारत के चंद्रयान-3 के बाद रूस ने भी लगभग 50 साल बाद चांद पर भेजा स्पेसक्राफ्ट

जहां तक भारत के तीसरे मून मिशन की बात है, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की नई तस्‍वीर खींची है।

भारत के चंद्रयान-3 के बाद रूस ने भी लगभग 50 साल बाद चांद पर भेजा स्पेसक्राफ्ट

भारत के चंद्रयान-3 के लॉन्च के बाद अब रूस ने भी अपना चांद मिशन लॉन्च कर दिया है।

ख़ास बातें
  • यह मिशन रूस के स्पेस सेक्टर के लिए बहुत मायने रखता है।
  • वर्तमान में रूसी अंतरिक्ष क्षेत्र फंड की कमी से जूझ रहा है।
  • अमेरिका और चीन से रूस को कड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ रहा है।
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भारत के चंद्रयान-3 के लॉन्च के बाद अब रूस ने भी अपना मिशन चांद पर भेज दिया है। रूस ने लगभग 50 साल बाद अपना यंत्र चांद पर भेजा है। Luna-25 नामक ये प्रॉब 1976 के बाद भेजा गया है। रॉकेट आज रात 2 बजकर 10 मिनट (रूसी समयानुसार) पर वोस्टोचनी कॉस्मोड्रॉम से उड़ा था। रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस (Roscosmos) ने इस बारे में जानकारी दी। स्पेसक्राफ्ट पांच दिन के बाद चंद्रमा की कक्षा तक पहुंच जाएगा, ऐसा कहा गया है। 

चंद्रमा के करीब पहुंचने पर लैंडिंग से पहले यह तीन से सात दिन के समय में सही जगह का चुनाव करेगा, जहां पर प्रॉब को उतारा जाएगा। NDTV के अनुसार, यह चंद्रमा के साउथ पोल एरिया में उतारा जाएगा। रॉसकॉसमॉस की ओर से अधिकारी एलेग्जेंडर ब्लॉकिन ने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब चांद के साउथ पोल पर प्रॉब लैंडिंग करवाई जाएगी। इससे पहले जिसने भी चांद पर पहुंचने की कोशिश की है, वे सभी इक्वेटर यानि भूमध्य जोन में उतरे हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी का अंदाजा है कि चांद पर प्रॉब 21 अगस्त के आसपास उतरेगा। 

लैंडिंग के बाद यह स्पेसक्राफ्ट चांद पर लगभग 1 साल तक रहेगा। इस यात्रा के दौरान यह चांद की सतह से सैम्पल इकट्ठा करेगा, वहां की मिट्टी की जांच करेगा। उसके बाद इस पर लम्बा वैज्ञानिक शोध किया जाएगा। यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस को पश्चिमी देशों ने स्पेस प्रोग्रामों में भागीदारी से अलग कर दिया था। उसके बाद रूस का यह पहला चंद्र अभियान है। रूस के स्पेस एक्सपर्ट विटाली लीग्रोव के अनुसार यह मिशन अपनी तरह का पहला है जिसमें किसी खगोलीय पिंड पर कोई डिवाइस लॉन्च की जाएगी। 

रिपोर्ट के अनुसार, यह मिशन रूस के स्पेस सेक्टर के लिए बहुत मायने रखता है। वर्तमान में रूसी अंतरिक्ष क्षेत्र फंड की कमी से जूझ रहा है। साथ ही अमेरिका और चीन से रूस को कड़ी चुनौती का सामना भी करना पड़ रहा है। इसके अलावा एलन मस्क की स्पेस एक्स भी रूस को अंतरिक्ष में चुनौती दे रही है। 

जहां तक भारत के तीसरे मून मिशन की बात है, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की नई तस्‍वीर खींची है। चंद्रयान-3 में लगे लैंडर इमेजर कैमरा ने पृथ्‍वी को भी कैमरे में कैद किया है। 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 मिशन को लॉन्‍च किया गया था। इसरो इस मिशन में अभी तक सफल रही है। योजना के अनुसार, 23 अगस्‍त को चंद्रयान-3 चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा।  
 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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