Quadrantids meteor shower : नए साल पर अंतरिक्ष में टूटेंगे तारे! इस दिन दिखेगा खास नजारा

साल 2025 की शुरुआत एक अहम खगोलीय घटना के साथ होने जा रही है। क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार (Quadrantids meteor shower) 3 और 4 जनवरी को अपने पीक पर होगी।

Quadrantids meteor shower : नए साल पर अंतरिक्ष में टूटेंगे तारे! इस दिन दिखेगा खास नजारा

जब यह उल्‍का बौछार अपने पीक पर होती है तो प्रति घंटे 60-200 क्वाड्रेंटिड उल्काएं दिखाई देती हैं।

ख़ास बातें
  • क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार होगी पीक पर
  • 3-4 जनवरी की रात दिखेगा नजारा
  • सिर्फ कुछ घंटों के लिए होगी पीक पर
विज्ञापन
साल 2025 की शुरुआत एक अहम खगोलीय घटना के साथ होने जा रही है। क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार (Quadrantids meteor shower) 3 और 4 जनवरी को अपने पीक पर होगी। आसान भाषा में समझाएं तो नए साल की इन दो रातों में आपको आसमान में उल्‍का पिंडों की बारिश होती हुई दिखेगी। धूमकेतुओं से निकलने वाली रोशनी के बाद पूरा आकाश जगमग हो जाएगा। क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार की शुरुआत होती है 2003 EH1 नाम के एस्‍टरॉयड से। हालांकि 3 और 4 जनवरी को क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार सिर्फ कुछ घंटों के लिए पीक पर होंगी। ऐसे में इनकी बेहतर विजिबिल‍िटी सिर्फ उन लोगों को दिखेगी, जिनके एरिया में मौसम साफ हो। घना अंधेरा रहे। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जब यह उल्‍का बौछार अपने पीक पर होती है तो प्रति घंटे 60-200 क्वाड्रेंटिड उल्काएं दिखाई देती हैं। इनका पीक छोटा इसलिए होता है क्‍योंकि उल्‍कापिंडों की स्‍ट्रीम पतली होती है और यह पृथ्‍वी को लंबवत कोण (perpendicular angle) पर पार करती है।  

रिपोर्ट के अनुसार, क्वाड्रेंटिड्स का नाम क्वाड्रेंस मुरलिस तारामंडल के नाम पर रखा गया है। हालांकि अब इस तारामंडल को मान्यता प्राप्त तारामंडलों की लिस्‍ट से हटा दिया गया है। 
 

क्‍या भारत में दिखेगी क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार?

क्वाड्रेंटिड्स उल्‍का बौछार की शुरुआत 27 दिसंबर से ही हो गई है। यह 16 जनवरी 2025 तक जारी रहेगी। इसका पीक टाइम भारत में 3 और 4 जनवरी की रात दिखाई देगा। 

रिपोर्ट में लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी तारामंडल के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव के हवाले से लिखा गया है कि शहर में 3 और 4 जनवरी को 'क्वाड्रेंटिड्स ' दिखाई देंगे। इस दौरान प्रति घंटे 80 से 120 उल्काएं देखी जा सकती हैं। यह सब तड़के सुबह नजर आएगा और आम लोगों को बेहतर विजिबिल‍िटी के लिए टेलीस्‍कोप की मदद लेनी होगी। उल्‍का बौछार तब देखने को मिलती हैं, जब हमारी पृथ्‍वी किसी धूमकेतु या अन्य खगोलीय पिंडों द्वारा छोड़े गए स्‍पेस मलबे से गुजरती है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi ने लॉन्च किया गजब कूकर, बिना गैस बनेंगे चावल, नहीं रहेगा कोई भी डर
  2. Oppo Find X9 Ultra होगा 21 अप्रैल को ग्लोबल स्तर पर लॉन्च, जानें सबकुछ
  3. Google Maps आपकी हर लोकेशन सेव कर रहा है? ऐसे बंद करें ट्रैकिंग और डिलीट करें डेटा
  4. OnePlus Nord 6 India Launch: हाई-एंड गेमिंग से लेकर 9000mAh बैटरी तक, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  5. WhatsApp पर पेरेंट मैनेज अकाउंट क्या है? जानें कैसे करें सेटअप
  6. Lava Bold N2 Pro भारत में 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
  7. Samsung Galaxy A37 5G vs Vivo V70 vs OnePlus 15R: देखें कौन सा है बेस्ट?
  8. OnePlus 13s की गिरी कीमत, 50MP कैमरा वाले फोन को इतने सस्ते में खरीदें
  9. 13000mAh बैटरी, 13MP कैमरा से लैस Vivo Pad 6 Pro लॉन्च, जानें क्या है खास
  10. Vivo X300 Ultra Launched: एक नहीं, दो 200MP कैमरों के साथ लॉन्च हुआ वीवो का नया फ्लैगशिप फोन, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »