• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • पानी के नीचे ज्‍वालामुखी फटते ही जन्‍मा नया द्वीप, Nasa ने ली तस्‍वीर, आप भी देखें

पानी के नीचे ज्‍वालामुखी फटते ही जन्‍मा नया द्वीप, Nasa ने ली तस्‍वीर, आप भी देखें

नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने बताया है कि विस्फोट के ठीक 11 घंटे बाद एक नया द्वीप पानी की सतह के ऊपर उभरा।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
पानी के नीचे ज्‍वालामुखी फटते ही जन्‍मा नया द्वीप, Nasa ने ली तस्‍वीर, आप भी देखें

नया द्वीप सेंट्रल टोंगा द्वीप समूह में होम रीफ सीमाउंट पर स्थित है। हालांकि यह इंसान के बसने के लिए नाकाफी है।

ख़ास बातें
  • हालांकि यह आईलैंड इंसानों के रहने के लिए नहीं है
  • ऐसे आईलैंड कुछ समय बाद खत्‍म हो जाते हैं
  • इनकी लाइफ कुछ महीनों से कुछ वर्षों तक हो सकती है
विज्ञापन
ज्‍वालामुखी का फटना बड़ी प्राकृतिक घटना होती है, जिसके प्रभाव कई महीनों बाद भी दिखाई देते हैं। कल ही एक रिपोर्ट में हमने पढ़ा था कि दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित देश टोंगा (Tonga) में इस साल के शुरुआत में समुद्र में फटे ज्‍वालामुखी से वायुमंडल में 5 करोड़ टन (45 मिलियन मीट्रिक टन) जल वाष्प फैल गया। यानी पानी भाप बनकर ऊपर चला गया। अब ऑस्ट्रेलिया से कुछ ही दूरी पर पानी के नीचे एक ज्वालामुखी फटने की जानकारी मिल रही है। बताया जाता है कि ज्‍वालामुखी विस्‍फोट के कुछ घंटों बाद दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर में एक नया बेबी आइलैंड (baby island) देखा गया है।

इस महीने की शुरुआत से ही ‘सेंट्रल टोंगा द्वीप समूह' में स्थित होम रीफ ज्वालामुखी ने लावा, भाप और राख उगलनी शुरू कर दी थी। नासा (Nasa) की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने बताया है कि विस्फोट के ठीक 11 घंटे बाद एक नया द्वीप पानी की सतह के ऊपर उभरा। 

अपनी प्रेस रिलीज में नासा ने बताया है कि इस नए जन्‍मे द्वीप का आकार तेजी से बढ़ा। टोंगा जियोलॉजिकल सर्विसेज के रिसर्चर्स ने अनुमान लगाया था कि द्वीप का क्षेत्रफल 4,000 वर्ग मीटर (1 एकड़) और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 10 मीटर (33 फीट) होगी। हालांकि 20 सितंबर तक इसका आकार 24,000 वर्ग मीटर (6 एकड़) तक पाया गया है।  

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नया द्वीप सेंट्रल टोंगा द्वीप समूह में होम रीफ सीमाउंट पर स्थित है। हालांकि यह इंसान के बसने के लिए नाकाफी है। इसकी वजह समझाते हुए नासा ने बताया है कि समुद्र के नीचे मौजूद ज्‍वालामुख‍ियों के फटने से बनने वाली द्वीप अल्‍पकालिक होते हैं। यानी ये कुछ महीनों या साल तक मौजूद रह सकते हैं।  

बताया गया है कि साल 2020 में लेटेकी ज्वालामुखी में 12 दिनों के विस्फोट की वजह से बना एक द्वीप दो महीने बाद बह गया, जबकि उसी ज्वालामुखी में विस्‍फोट से साल 1995 में बनाया गया एक द्वीप 25 साल तक वजूद में रहा था। टोंगा जियोलॉजिकल सर्विसेज के एक फेसबुक पोस्ट के अनुसार, सोमवार तक भी होम रीफ ज्वालामुखी में विस्‍फोट जारी था। अब यह देखा जाना बाकी है कि इस विस्‍फोट की वजह से जन्‍मा द्वीप कितने समय तक बना रह पाता है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ The resident bot. If you email me, a human will respond. ... और भी

संबंधित ख़बरें

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में BMW के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स में तीन गुना की बढ़ोतरी
  2. Ola Electric ने शुरू की हायपर डिलीवरी, कस्टमर्स को कुछ घंटे में मिलेगा इलेक्ट्रिक स्कूटर
  3. CMF Phone 2 भारत में जल्द होगा लॉन्च? Flipkart पर लाइव हुआ टीजर पेज
  4. स्पैम कॉल,साइबर फ्रॉड पर DoT की बड़ी कार्रवाई, 1.75 लाख टेलीफोन नंबरों को किया बंद
  5. BSNL के Reliance Jio को बिल न देने से सरकार को हुआ 1,758 करोड़ रुपये का नुकसान
  6. Alcatel की भारत में वापसी! प्रीमियम स्मार्टफोन रेंज करेगी लॉन्च, Make in India के तहत भारत में बनेंगे डिवाइस
  7. 1399 रुपये में itel King Signal फोन लॉन्च, 3 सिम के साथ फास्ट नेटवर्क सपोर्ट और गजब फीचर्स
  8. WhatsApp ने फरवरी में 97 लाख से अधिक भारतीय अकाउंट्स किए बैन
  9. दुनिया का पहला डबल स्क्रीन वाला रग्ड फोन Ulefone Armor 30 Pro होगा 14 अप्रैल को लॉन्च
  10. अंतरिक्ष में रचा इतिहास! Elon Musk की SpaceX ने दिखाया पृथ्वी का अनदेखा हिस्सा, देखें वीडियो
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »