• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • हमारे पूर्वज बंदर थे, डार्विन की इस थ्‍योरी को NCERT ने सिलेबस से हटाया, साइंटिस्‍ट ‘नाराज’

हमारे पूर्वज बंदर थे, डार्विन की इस थ्‍योरी को NCERT ने सिलेबस से हटाया, साइंटिस्‍ट ‘नाराज’

NCERT : क्‍लास 9वीं और 10वीं के सिलेबस से डार्विन की एवोल्‍यूशन थ्‍योरी को हटाने के खिलाफ वैज्ञानिकों, टीचर्स आदि ने एक खुले पत्र पर साइन किए हैं।

हमारे पूर्वज बंदर थे, डार्विन की इस थ्‍योरी को NCERT ने सिलेबस से हटाया, साइंटिस्‍ट ‘नाराज’

Photo Credit: Unsplash

लेटर में साइन करने वालों में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी (IIT) जैसे जाने-माने संस्‍थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

ख़ास बातें
  • ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी ने लिखा खुला खत
  • 1800 से ज्‍यादा वैज्ञानिकों ने किए हस्‍ताक्षर
  • थ्‍योरी को दोबारा सिलेबस में शामिल करने की मांग
विज्ञापन
विज्ञान के सिलेबस में चार्ल्‍स डार्विन की एवोल्‍यूशन थ्‍योरी (Darwin's theory of biological evolution) (डार्विन का जैविक विकास का सिद्धांत) को स्‍टूडेंट्स हमेशा से पढ़ते आए हैं। अब NCERT ने इस थ्‍योरी को सिलेबस से हमेशा के लिए हटाने का फैसला किया है। NCERT के इस फैसले की खूब आलोचना हो रही है। देशभर के 1800 से ज्‍यादा वैज्ञानिकों, टीचर्स और साइंस में दिलचस्‍पी रखने वाले विशेषज्ञों ने विरोध जताया है। क्‍लास 9वीं और 10वीं के सिलेबस से डार्विन की एवोल्‍यूशन थ्‍योरी को हटाने के खिलाफ वैज्ञानिकों, टीचर्स आदि ने एक खुले पत्र पर साइन किए हैं।  

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी (BSS) की ओर से साइन किया गया लेटर जारी किया गया है। खास यह है कि लेटर में साइन करने वालों में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्‍नॉलजी (IIT) जैसे जाने-माने संस्‍थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। 

बताया जाता है कि Covid-19 महामारी के बाद स्‍टूडेंट्स पर सिलेबस का बोझ कम करने के लिए NCERT ने यह फैसला  लिया है। NCERT का पूरा नाम नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग है, जो स्‍कूली शिक्षा को लेकर काम करती है और अपनी सलाह सरकार को देती है। पहले ऐसा कहा जा रहा था कि सिर्फ एक सेशन के लिए डार्विन की थ्‍योरी को सिलेबस से हटाया गया है। अब कहा जा रहा है कि डार्विन की एवोल्‍यूशन थ्‍योरी को हमेशा के लिए सिलेबस से हटा दिया गया है। वैज्ञानिक इस फैसले की निंदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह थ्‍योरी, स्‍टूडेंट्स के लिए बहुत जरूरी है। 
 

क्‍या कहती है डार्विन की थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन

चार्ल्स डार्विन का नाम दुनिया के बड़े वैज्ञानिकों में शुमार है। उनकी एक किताब 'ऑन द ओरिजन ऑफ स्पेशीज बाय मीन्स ऑफ नेचरल सिलेक्शन'  साल 1859 में पब्लिश हुई। थ्योरी ऑफ इवोल्यूशन नाम का एक चैप्‍टर था किताब में। उसमें बताया गया था कि इंसानों के पूर्वज एक हैं। डार्विन की थ्‍योरी थी कि इंसान के पूर्वज बंदर थे। जब कुछ बंदरों ने अलग जगह अलग तरह से रहना शुरू किया, तो उनमें धीरे-धीरे बदलाव आने लगे। ये बदलाव आगे की पीढ़ी में नजर आए। 

 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इस देश में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया....
  2. Tesla के Model Y L की भारत में शुरू हुई डिलीवरी, जानें प्राइस, रेंज
  3. इस बार के IPL ने बनाया रिकॉर्ड, टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मिले 1.2 अरब व्युअर्स
  4. Samsung Wide Fold में क्रीज घटाने के लिए हो सकता है UTG का इस्तेमाल
  5. WhatsApp हैक हो गया? दिल्ली पुलिस ने बताई ##21# कोड वाली जरूरी ट्रिक
  6. Vivo X Fold 6 में मिलेगा 200 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ क्वाड रियर कैमरा सेटअप
  7. देर रात PM के फोन पर पहुंचा अलर्ट! अब सरकार ने पूरे सिस्टम पर लगा दी रोक
  8. Gmail में ईमेल कैसे करें शेड्यूल, ऑनलाइन न होने पर भी अपने आप हो जाएंगे सेंड
  9. महंगे हुए Vivo और Lava के स्मार्टफोन, खरीदने से पहले चेक करें नई कीमतें
  10. अमेरिका और ईरान के बीच डील से क्रिप्टो मार्केट में तेजी, Bitcoin का प्राइस 65,000 डॉलर से ज्यादा
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »