• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • Nasa ने टेस्‍ट की ‘होलोपोर्टेशन’ तकनीक, अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आए डॉक्‍टर, जानें इसके बारे में

Nasa ने टेस्‍ट की ‘होलोपोर्टेशन’ तकनीक, अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आए डॉक्‍टर, जानें इसके बारे में

होलोपोर्टेशन कम्‍युनिकेशन, लोगों के हाई-क्‍वॉलिटी वाले 3D मॉडल्‍स को रियल टाइम में कहीं भी ट्रांसमिट करने की इजाजत देता है।

Nasa ने टेस्‍ट की ‘होलोपोर्टेशन’ तकनीक, अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आए डॉक्‍टर, जानें इसके बारे में

Photo Credit: ESA/Thomas Pesquet

ध्यान देने वाली बात यह है कि होलोपोर्टेशन के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली तकनीक नई नहीं है।

ख़ास बातें
  • यह शब्द ‘होलोग्राम’ और ‘टेलीपोर्टेशन’ का कॉम्‍बि‍नेशन है
  • पिछले साल अक्टूबर में नासा ने इस तकनीक को इस्‍तेमाल किया
  • डॉ. जोसेफ श्मिड को अंतरिक्ष में ‘होलोपोर्ट’ किया, जबकि वह पृथ्‍वी पर थे
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने बताया है कि उसने ‘होलोपोर्टेशन' (holoportation) नाम की एक कम्‍युनिकेशन टेक्‍नॉलजी को टेस्‍ट किया है। यह एक ऐसा शब्‍द लगता है, जो मानो किसी साइंस फ‍िक्‍शन मूवी से आया हो और रोजाना जिंदगी में इसकी बहुत कम प्रासंगिकता हो। हालांकि यह शब्द ‘होलोग्राम' और ‘टेलीपोर्टेशन' का कॉम्‍बि‍नेशन है। पिछले साल अक्टूबर में नासा ने इस इनोवेट‍िव 3D तकनीक का इस्‍तेमाल अपने फ्लाइट सर्जन डॉ. जोसेफ श्मिड को इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन पर ‘होलोपोर्ट' करने के लिए किया था, जबकि डॉक्‍टर फ‍िजिकली पृथ्वी पर मौजूद थे।

इस तकनीक के तहत डॉ श्मिड और उनकी टीम के मेंबर्स के 3D होलोग्राम बनाए गए और उन्हें स्‍पेस  स्टेशन पर ट्रांसमिट किया गया, जो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ लाइव बातचीत के रूप में दिखाई दिया। नासा के मुताबिक, होलोपोर्टेशन कम्‍युनिकेशन, लोगों के हाई-क्‍वॉलिटी वाले 3D मॉडल्‍स को रियल टाइम में कहीं भी ट्रांसमिट करने की इजाजत देता है। अगर इसे माइक्रोसॉफ्ट के होलोलेन्स जैसे मिक्‍स्‍ड रियलिटी डिस्प्ले के साथ जोड़ा जाता है, तो यह तकनीक यूजर्स को 3D में लोगों को देखने, सुनने और बातचीत करने में सक्षम बनाती है। ऐसा लगता है कि जैसे वो सब एक ही जगह पर मौजूद थे। 

ध्यान देने वाली बात यह है कि होलोपोर्टेशन के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली तकनीक नई नहीं है। Microsoft साल 2016 से इसे इस्‍तेमाल कर रही है। हालांकि नासा साल 2021 में अंतरिक्ष के एक्‍ट्रीम एनवायरनमेंट में होलोर्टेशन का इस्‍तेमाल करने वाली पहली एजेंसी है। 

फ्लाइट सर्जन डॉ. जोसेफ श्मिड ने कहा है कि पृथ्‍वी से हजारों किलोमीटर दूर ऊंचाई पर यह मानव संचार का बिल्कुल नया तरीका है। भले ही शारीरिक रूप से हम वहां नहीं थे, लेकिन इंसानी तौर पर हम वहीं मौजूद थे। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों पर टू-वे कम्‍युनिकेशन के लिए इस तकनीक का बड़े स्‍तर पर इस्‍तेमाल करने की योजना बनाई है। इसमें पृथ्वी से लोगों को अंतरिक्ष में होलोपोर्ट किया जाता है और अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर लाया जाता है। यह सब खासतौर पर चिकित्सा और लोगों की उनके परिवार वालों से मुलाकात के लिए कारगर है। नासा के मुताबिक इस तकनीक को ऑगमेंटेड रियलिटी के साथ कंबाइड करने की भी संभावना है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, Holoportation, holoportation technique, ESA, astronauts
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  2. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  3. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  4. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  5. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  6. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  7. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  8. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
  9. Gmail यूजर्स को झटका! अब नहीं मिलेगी 15GB फ्री स्टोरेज, Google बदलने जा रही नियम
  10. बिटकॉइन ने पार किया 82,000 डॉलर का लेवल, अमेरिका के क्लेरिटी एक्ट से मार्केट में तेजी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »