• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • NASA ने 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर सेट किया प्रदूषण मापने वाला डिवाइस! हर घंटे भेजेगा आंकड़े

NASA ने 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर सेट किया प्रदूषण मापने वाला डिवाइस! हर घंटे भेजेगा आंकड़े

NASA का ये TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा।

NASA ने 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर सेट किया प्रदूषण मापने वाला डिवाइस! हर घंटे भेजेगा आंकड़े

Photo Credit: ISRO

TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा।

ख़ास बातें
  • नासा ने कहा है कि यह हर घंटे मॉनिटरिंग के आंकड़े भेजेगा
  • यह एक वाशिंग मशीन के साइज जितना बड़ा है
  • इसे 7 अप्रैल को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है
विज्ञापन
स्पेस एजेंसी NASA ने एलन मस्क की कंपनी SpaceX के साथ मिलकर एक ऐसा डिवाइस अंतरिक्ष में लॉन्च किया है जिससे कि धरती पर प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जा सकेगी। यानि कि स्पेस में से ही एयर क्वालिटी को मापा जा सकेगा। एलन मस्क के एयर क्वालिटी मॉनिटर का नाम TEMPO रखा गया है। यह ट्रोपोस्फैरिक एमिशन मॉनिटरिंग ऑफ पल्यूशन इंस्ट्रूमेंट कहलाता है। जिसे 7 अप्रैल को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है। 

NASA का ये TEMPO यंत्र स्पेस में छोड़ा गया पहला टूल है जो कि इतनी ऊंचाई से धरती के प्रदूषण को मापेगा। एजेंसी के मुताबिक एटलांटिक से लेकर पेसिफिक महासागर तक, और कनाड़ा से लेकर मैक्सिको तक 4 स्क्येअर मील के एरिया में अपना काम करेगा। ट्विटर पोस्ट में एजेंसी ने इसके बारे में जानकारी दी है। नासा ने कहा है कि यह हर घंटे मॉनिटरिंग के आंकड़े भेजेगा और पूरे दिन के समय में मॉनिटरिंग करेगा। यह यंत्र प्रदूषण में पाए जाने वाले तीन मुख्य तत्वों का पता लगाएगा। 
 
इसके बारे में कहा गया है कि यह एक वाशिंग मशीन के साइज जितना बड़ा है। हार्वर्ड एंड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के एक वायुमंडलीय भौतिक विज्ञानी कैरोलिन नोवेलन ने कहा कि वेदर सैटेलाइट्स जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में बहुत आम हैं लेकिन अभी तक वहां कोई एयर क्वालिटी मापने वाला यंत्र नहीं था। अभी तक जो पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सैटेलाइट धरती की निचली कक्षा में मौजूद हैं, वे केवल दिन में एक बार ही किसी निश्चित समय पर ही इसके आंकड़े बता सकते हैं। लेकिन टेम्पो के बारे में कहा गया है कि यह हर घंटे का डेटा दे सकता है। 

एजेंसी का कहना है कि जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में, जो कि इक्वेटर के ऊपर धरती की सतह से 35,786 किलोमीटर ऊंचाई पर है, टेम्पो धरती के रोटेशन के साथ घूमेगा। यानि कि इसका मतलब ये है कि जितनी स्पीड से धरती घूम रही है, उतनी ही स्पीड से टेम्पो भी ऑर्बिट में घूमेगा और यह इस प्रकार उसी जगह पर बना रहेगा। जिससे कि यह पूरे दिन सटीक आंकड़े भेज सकेगा। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो फर्मों पर ED के छापे, 2,500 करोड़ रुपये के गैर कानूनी मनी ट्रांसफर का है आरोप
  2. Samsung Galaxy A27 5G में हो सकती है 5,000mAh की बैटरी, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  3. Reliance की Jio Platforms लाएगी 4 अरब डॉलर का मेगा IPO
  4. Reliance Jio AI Call Agent: अब फोन पर बात करते हुए होगा खाना ऑर्डर, कैब बुकिंग! जानें कैसे काम करेगा Jio AI कॉल एजेंट
  5. 80 किमी रेंज वाली Raleigh One इलेक्ट्रिक बाइक लॉन्च, रिमूवेबल बैटरी से लैस, जानें कीमत और फीचर्स
  6. Tecno Camon Slim जल्द होगा लॉन्च, 5,600mAh हो सकती है बैटरी
  7. Ai+ Nova 2 Pro 5G लॉन्च 22 जून को, 6000mAh बैटरी, 48MP AI कैमरा से होगा लैस
  8. Reliance AGM 2026: AI एजेंट, AI ऐप्स से AI डेटा सेंटर तक, ये हैं रिलायंस के 10 बड़े ऐलान
  9. iPhone, MacBook जल्द हो सकते हैं महंगे, Apple CEO ने बताई वजह
  10. iQOO Z11i में मिल सकता है Snapdragon 4 Gen 2 चिपसेट, जल्द लॉन्च की तैयारी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »