• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • ISS पर ‘फंसे’ अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने के लिए Nasa ने बनाया एक और ‘प्‍लान’, जानें

ISS पर ‘फंसे’ अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने के लिए Nasa ने बनाया एक और ‘प्‍लान’, जानें

यह कोशिश अपने आप में अनोखी है, क्‍योंकि यह सब अंतरिक्ष में किया जाना है। नासा अपने प्‍लान में सफल रही तो जरूरत पड़ने पर अमेरिकी एस्‍ट्रोनॉट फ्रैंक रुबियो को स्‍पेसएक्‍स के ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट से धरती पर लाया जा सकता है।

ISS पर ‘फंसे’ अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने के लिए Nasa ने बनाया एक और ‘प्‍लान’, जानें

गौरतलब है कि सोयुज और ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट अभी आईएसएस पर डॉक हैं। MS-22 नाम का सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट पिछले महीने तकनीकी रूप से ‘फेल’ हाे गया था।

ख़ास बातें
  • नासा स्‍पेसएक्‍स के स्‍पेसक्राफ्ट में एक और सीट लगा सकती है
  • इस सीट को मौजूदा सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट से शिफ्ट किया जा सकता है
  • इस तरह एक और एस्‍ट्रोनॉट को आईएसएस से रेस्‍क्‍यू किया जा सकता है
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्‍कोस्‍मॉस (Roscosmos) एक चुनौती से जूझ रही हैं। इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में मौजूद 7 अंतर‍िक्ष यात्रियों में से 3 अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्‍वी पर वापस लाने वाला एयरक्राफ्ट ‘सोयुज' (Soyuz) तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो गया है। पिछले महीने इस स्‍पेसक्राफ्ट में कूलेंट लीक का पता चला था और फ‍िर एक छोटा छेद होने की जानकारी सामने आई। सोयुज को रूस ने बनाया है। हाल में रूस की ओर से बताया गया था कि वह तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने के लिए दूसरा स्‍पेसक्राफ्ट आईएसएस पर भेजेगी। हालांकि किसी आपत स्थिति से निपटने के लिए एक सीट एलन मस्‍क (Elon Musk) की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) के स्‍पेसक्राफ्ट में भी लगाने की योजना है। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्‍पेसएक्‍स के ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट पर सवार होकर 4 अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर पहुंचे थे। इस स्‍पेसक्राफ्ट में एक और सीट लगाने की योजना है। इस सीट को मौजूदा सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट से ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट पर शिफ्ट किए जाने का प्‍लान है। 

यह कोशिश अपने आप में अनोखी है, क्‍योंकि यह सब अंतरिक्ष में किया जाना है। नासा अपने प्‍लान में सफल रही तो जरूरत पड़ने पर अमेरिकी एस्‍ट्रोनॉट फ्रैंक रुबियो को स्‍पेसएक्‍स के ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट से धरती पर लाया जा सकता है। 

गौरतलब है कि सोयुज और ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट अभी आईएसएस पर डॉक हैं। MS-22 नाम का सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट पिछले महीने तकनीकी रूप से ‘फेल' हाे गया था। पहले इसका कूलेंट लीक हुआ और फ‍िर छोटा छेद होने की जानकारी सामने आई। यह सब कैसे हुआ, जांच की जा रही है। दूसरी ओर, रूस ने इस स्‍पेसक्राफ्ट से आईएसएस पर पहुंचे अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने के लिए 20 फरवरी को एक और सोयुज लॉन्‍च करने की योजना बनाई है। 

रिपोर्टों के अनुसार, अगर कोई आपत स्थिति आई, तो तकनीकी रूप से फेल MS-22 सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट से सिर्फ 2 अंतरिक्ष यात्री ही धरती पर वापस आ सकेंगे। ऐसे में नासा एक सीट स्‍पेसएक्‍स के ड्रैगन स्‍पेसक्राफ्ट पर लगाने की योजना बना रही है। इसे 7 लोगों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। ऐसे में सीट की सुविधा होने पर फ्रैंक रुबियो को इसमें मूव किया जा सकता है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy Buds 4 Pro लॉन्च, एडेप्टिव ANC, 30 घंटे बैटरी, IP57 रेटिंग के साथ, जानें कीमत
  2. Samsung Galaxy S26 भारत में 87,999 रुपये और S26+ 1 लाख रुपये से अधिक की कीमत पर लॉन्च
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra भारत में 1.39 लाख में लॉन्च, Snapdragon 8 Elite Gen 5 के साथ गजब हैं फीचर्स
  4. Realme GT 9 Pro में हो सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  5. Honor Magic V6 में डुअल LED फ्लैश के साथ होगी ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  6. मात्र 21 हजार में अपनी बनाएं Tata Punch EV Facelift, सिंगल चार्ज में चलेगी 335 किमी
  7. AI में भारत का रिकॉर्ड! बना सबसे ज्यादा AI ऐप डाउनलोड करने वाला देश
  8. Oppo Find N6 में मिल सकती है बिना क्रीज वाली फोल्डेबल स्क्रीन, अगले महीने होगा लॉन्च
  9. MacBook Pro में Apple ला रही टच OLED डिस्प्ले के साथ पहली बार ऐसे गजब फीचर!
  10. 6500mAh बैटरी के साथ सस्ता फोन Vivo Y05 लॉन्च, IP65 रेटिंग जैसे फीचर्स, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »