• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में दिखा छेद, अब कैसे 3 अंतरिक्ष यात्री स्‍पेस स्‍टेशन से पृथ्‍वी पर वापस आएंगे? जानें

सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में दिखा छेद, अब कैसे 3 अंतरिक्ष यात्री स्‍पेस स्‍टेशन से पृथ्‍वी पर वापस आएंगे? जानें

Soyuz Leak : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) मामले में आगे की जांच कर रही हैं।

सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में दिखा छेद, अब कैसे 3 अंतरिक्ष यात्री स्‍पेस स्‍टेशन से पृथ्‍वी पर वापस आएंगे? जानें

Soyuz Leak : रूसी अंतरिक्ष एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्‍या स्‍पेसक्राफ्ट में छेद सूक्ष्‍म उल्‍कापिंडों की वजह से हुआ या फ‍िर यह कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग डिफेक्‍ट है।

ख़ास बातें
  • 3 अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्‍वी पर लाना होगी चुनौती
  • एक और सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया जा सकता है
  • नासा और रोस्कोस्मोस कर रहे हैं मामले की जांच
विज्ञापन
इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में पिछले सप्‍ताह बुधवार को एक बड़ी घटना हुई थी। ISS के साथ अटैच्‍ड सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट (Soyuz spacecraft) में कूलेंट लीक होने से हड़कंप मच गया। एक रूसी अधिकारी ने इस घटना की वजह सूक्ष्‍म उल्‍कापिंड (micrometeorites) को बताया था। कहा था कि कोई छोटा उल्‍कापिंड, स्‍पेसक्राफ्ट से टकराया होगा। अब जांच में पता चला है कि सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटा सा छेद है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) मामले में आगे की जांच कर रही हैं। यह छेद 0.8 मिलीमीटर का बताया जा रहा है। 

कूलेंट लीक का पता तब चला था, जब दो रूसी अंतरिक्ष यात्री अपनी स्‍पेसवॉक के लिए तैयार हो रहे थे। दोनों यात्रियों को स्‍पेसवॉक कैंसल करनी पड़ी थी। रोस्कोस्मोस के सर्गेई क्रिकेलेव ने कहा था कि सोयुज एमएस-22 कैप्सूल के रेडिएटर पर उल्कापिंड के गिरने से कूलेंट लीक हुआ हो सकता है। मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। अब जाकर स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटे छेद होने की जानकारी मिली है।  
 

इस काम में इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में तैनात कैनाडर्म 2 रोबोटिक आर्म की मदद ली जा रही थी। उसमें लगे कैमरों की मदद से सोयुज का निरीक्षण किया जा रहा था। रविवार को सर्वे का काम पूरा हुआ, जिसमें कुछ जानकार‍ियां सामने आईं। 

नासा के अधिकारियों ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में बताया है कि सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटा छेद देखा गया था और छेद के चारों ओर रेडिएटर की सतह पर धब्‍बे भी दिखाई दिए। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्‍या स्‍पेसक्राफ्ट में छेद सूक्ष्‍म उल्‍कापिंडों की वजह से हुआ या फ‍िर यह कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग डिफेक्‍ट है। 

छोटे उल्‍कापिंड, अंतरिक्ष यानों और उन तमाम मिशनों के लिए खतरा हैं, जो अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। स्‍पेस में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन, जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप (James Webb Telescope) को भी उल्‍कापिंड की टक्‍कर से नुकसान हो चुका है, हालांकि उसका कोई बड़ा असर टेलीस्‍कोप की क्षमता पर नहीं हुआ है। सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट इस साल सितंबर में लॉन्‍च हुआ था। इसमें सवार होकर दो रूसी और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में पहुंचे थे।    

अगर यह स्‍पेसक्राफ्ट आगे की उड़ान के लायक नहीं माना जाता, तो तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने के लिए कजाकिस्तान से एक और सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया जा सकता है। मौजूदा वक्‍त में सिर्फ दो स्‍पेसक्राफ्ट ही इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों को लाते और ले जाते हैं। इनमें सोयुज और स्‍पेसएक्‍स का एक स्‍पेसक्राफ्ट शामिल हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi का भारत में मिड-प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में जोरदार परफॉर्मेंस
  2. Samsung Galaxy S27 Ultra में वेरिएबल अपार्चर के साथ मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा
  3. Motorola Razr Fold जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh सिलिकॉन कार्बन बैटरी
  4. Honor Play 11 Plus हुआ लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. इन 5 AI टूल्स को यूज करना सीख गए, तो गूगल सर्च करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी!
  6. Apple का iPhone 17 बना इंटरनेशनल मार्केट में सबसे अधिक बिकने वाला स्मार्टफोन
  7. Xiaomi Smart Band 10 Pro के स्पेसिफिकेशंस लॉन्च, AMOLED डिस्प्ले से लेकर जानें सबकुछ
  8. भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
  9. क्रिप्टो मार्केट में प्रॉफिट, Bitcoin ने पार किया 81,000 डॉलर का लेवल
  10. OnePlus Nord CE 6 Lite, Nord CE 6 भारत में 7 मई को होंगे लॉन्च, अभी से जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »