दुनिया के आधे से ज्यादा समुद्रों ने रंग बदला, जानें कारण

समुद्र का रंग इसके पानी में जीवन और सामग्रियों का संकेत देता है। इक्वेटर के निकट के रीजंस में यह रंग समय के ज्यादा हरा हुआ है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 15 जुलाई 2023 14:02 IST
ख़ास बातें
  • इन समुद्रों का आकार धरती पर कुल जमीन से बड़ा है
  • समुद्र के रेग में यह बदलाव लोगों को आंख से कम दिखता है
  • इसका बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन है

समुद्र का रंग इसके पानी में जीवन और सामग्रियों का संकेत देता है

पिछले दो दशकों में दुनिया के समुद्रों में से 56 प्रतिशत से अधिक के संग में बड़ा बदलाव हुआ है। इसका कारण मानवीय कारणों से हो रहा जलवायु परिवर्तन हो सकता है। इन समुद्रों का आकार धरती पर कुल जमीन से बड़ा है। समुद्र का रंग इसके पानी में जीवन और सामग्रियों का संकेत देता है। इक्वेटर के निकट के रीजंस में यह रंग समय के ज्यादा हरा हुआ है। इससे समुद्रों की सतह के अंदर इकोसिस्टम में बदलाव का पता चल रहा है। 

अमेरिका के Massachusetts Institute of Technology (MIT) के रिसर्चर्स ने Nature जर्नल में प्रकाशित अपने पेपर में लिखा है कि रंग में यह बदलाव लोगों को आंख से कम दिखता है और इसे वर्ष-दर-वर्ष अंतर के तौर पर समझाया नहीं जा सकता। रिसर्चर्स ने बताया है कि इक्वेटर के निकट के रीजंस में समय के साथ यह ज्यादा हरा हो गया है। समुद्र के पानी का हरा रंग ऊपरी समुद्र में बड़ी मात्रा में पौधों जैसे माइक्रोब्स में मौजूद हरे पिगमेंट क्लोरोफिल से आता है। इस वजह से वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन से निपटने की अपनी कोशिश में इसकी निगरानी करना चाहते हैं। 

हालांकि, इस स्टडी में शामिल रिसर्चर्स ने पिछली कुछ स्टडीज के जरिए दिखाया है कि जलवायु में परिवर्तन के ट्रेंड्स दिखने से पहले क्लोरोफिल की निगरानी करने में लगभग 30 वर्ष लगेंगे। इससे पहले एक अन्य स्टडी की सह-लेखक Stephanie Dutkiewicz और उनके सहयोगियों ने दिखाया था कि क्लोरोफिल से बहुत कम वार्षिक बदलाव वाले समुद्र के अन्य रंगों की निगरानी से जलवायु परिवर्तन से होने वाले बदलावों के अधिक स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं और इसमें लगभग 20 वर्ष लग सकते हैं। 

इस स्टडी के प्रमुख लेखक B B Cael और उनकी टीम ने पिछले 20 वर्षों में सैटेलाइट के जरिए रिकॉर्ड किए गए समुद्र के सभी सात रंगों का विश्लेषण किया है। इसकी शुरुआत में एक वर्ष में रंगों में हुए प्राकृतिक बदलाव की स्टडी की गई थी। इसके बाद दो दशकों में इनमें हुए वार्षिक बदलाव को देखा गया था। इन बदलावों में जलवायु परिवर्तन के योगदान को समझने के लिए Dutkiewicz के लगभग चार वर्ष पुराने मॉडल का इस्तेमाल किया गया था। इसमें समुद्रों का ग्रीनहाउस गैसों के साथ और उसके बिना विश्लेषण किया जाता है। 
  
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 6000mAh बैटरी वाले Samsung Galaxy M17e की कीमत हुई लीक, 17 मार्च को भारत में होना है लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Edge 70 Fusion+ हुआ लॉन्च, 5,200mAh की बैटरी, जानें प्राइस, फीचर्स
  2. TVS के Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर का शुरुआती प्राइस 49,999 रुपये हुआ, कंपनी ने दिया BaaS का ऑप्शन
  3. Samsung Galaxy S26 ने बनाया प्री-ऑर्डर का रिकॉर्ड, Ultra मॉडल की सबसे ज्यादा डिमांड
  4. 6000mAh बैटरी वाले Samsung Galaxy M17e की कीमत हुई लीक, 17 मार्च को भारत में होना है लॉन्च
  5. PlayStation Plus March 2026 Games Catalogue: 17 मार्च से फ्री में खेलें ये 8 धांसू PS गेम्स
  6. Huawei ने लॉन्च किए 98-इंच साइज तक के 4 MiniLED TV, 288Hz रिफ्रेश रेट और भरपूर गेमिंग फीचर्स
  7. Facebook और WhatsApp पर अब AI से पकड़े जाएंगे ऑनलाइन स्कैमर्स, जानें क्या है नया अलर्ट सिस्टम
  8. Apple के iPhone Fold में हो सकता है iPad जैसा यूजर इंटरफेस
  9. Philips Baristina Bar Pro 500 कॉफी मशीन लॉन्च, 1 मिनट में तैयारी होगी शानदार कॉफी
  10. Vivo X300s में मिलेगी 7,100mAh की बैटरी, गेमिंग फीचर्स 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.