• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • मंगल पर कभी था जीवन? वैज्ञानिकों ने स्टडी किया 1.3 अरब साल पुराना उल्का पिंड

मंगल पर कभी था जीवन? वैज्ञानिकों ने स्टडी किया 1.3 अरब साल पुराना उल्का पिंड

वैज्ञानिक सबसे पहले जीवन को तलाशने के लिए हाइड्रोजन को खोजने की ही उम्मीद करते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि पानी जीवन के लिए पहली जरूरत है।

मंगल पर कभी था जीवन? वैज्ञानिकों ने स्टडी किया 1.3 अरब साल पुराना उल्का पिंड

शोध में पता चला कि उल्का पिंड के छोटे से हिस्से ने ही पानी के साथ रिएक्ट किया होगा।

ख़ास बातें
  • शोध में पता चला उल्का पिंड के छोटे हिस्से ने पानी से किया होगा रिएक्ट
  • हाइड्रोजन के अवशेष तलाशना वैज्ञानिकों की पहली प्राथमिकता
  • उल्का पिंड के टुकड़े में जीवन के लिए उपयुक्त वातावरण की नहीं हुई पुष्टि
विज्ञापन
मंगल ग्रह के बारे में एक सवाल हर किसी के मन में उठता है। चूंकि यह पृथ्वी के करीबी ग्रहों में से है, तो क्या यहां पर कभी जीवन रहा होगा? वैज्ञानिकों को भी इस सवाल ने सालों से उलझाया हुआ है। इसके बारे में लगातार शोध जारी है। बहुत उम्मीद है कि इसके संबंध में एक निष्कर्षपूर्ण उत्तर वैज्ञानिक जल्द खोज लेंगे। नासा ने लक्ष्य रखा है कि मंगल ग्रह से सैम्पलों को 2030 तक धरती पर ले आएगी। ये ऐसे सैम्पल होंगे जिनसे मंगल ग्रह पर जीवन के सबूतों को पता लगाया जा सकेगा। हालांकि, वैज्ञानिक उल्का पिंडों के रूप में मंगल के पदार्थों की स्टडी कर रहे हैं। स्वीडन में Lund University में शोधकर्ताओं ने मंगल के 1.3 अरब साल पुराने उल्का पिंक को स्टडी किया है और पाया कि इसे पानी का सीमित एक्सपोजर मिला है। दूसरे शब्दों में, उस खास समय और जगह पर जीवन के होने की संभावना नहीं थी।

वैज्ञानिकों ने न्यूट्रॉन और एक्स-रे टोमोग्राफी का इस्तेमाल किया। यह वही तकनीक है जो परसेवरेंस रोवर द्वारा लाए गए सैम्पलों को स्टडी करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। इस तकनीक का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि वैज्ञानिक पता लगाना चाहते थे कि क्या कभी वहां कोई बड़ा हाइड्रोथर्मल सिस्टम मौजूद रहा होगा, जो कि जीवन के लिए पनपने के लिए उपयुक्त रहा होगा। एक्स रे टोमोग्राफी एक आम तरीका है किसी वस्तु को नुकसान पहुंचाए बिना उसे स्टडी करने का। न्यूट्रॉन टोमोग्राफी इसलिए इस्तेमाल की गई क्योंकि न्यूट्रॉन हाइड्रोजन के लिए बहुत सेंसिटिव होते हैं। 

वैज्ञानिक सबसे पहले जीवन को तलाशने के लिए हाइड्रोजन को खोजने की ही उम्मीद करते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि पानी जीवन के लिए पहली जरूरत है। लन्ड यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी डॉक्ट्रल स्टूडेंट ने कहा, "हम जांच करना चाहते थे कि उल्का पिंड ने पानी के साथ कितना रिएक्ट किया होगा, जब ये मंगल की चट्टान का हिस्सा था।" 

शोध में पता चला कि उल्का पिंड के छोटे से हिस्से ने ही पानी के साथ रिएक्ट किया होगा। इसका मतलब है कि मंगल की ऊपर सतह पर मिले सैम्पल में उस समय पर जीवन को पनाह देने वाली कोई बात नहीं थी। Science Advances नाम के जर्नल में भी वैज्ञानिकों के इस स्टडी को प्रकाशित किया है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि उनकी खोज नासा के वैज्ञानिकों के लिए भी मददगार होगी, जब वे मंगल से सैम्पल लेकर वापस धरती पर लौटेंगे।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Mars, life on Mars, Study Of life Mars
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Flipkart Sale में ₹13 हजार सस्ता हो गया Vivo का 50MP तीन कैमरा वाला फोन!
  2. Acer ने भारत में लॉन्च किया नया TravelLite लैपटॉप, 14 इंच डिस्प्ले, 5 मेगापिक्सल कैमरा
  3. OnePlus Ace 7 सीरीज में मिलेगा डुअल-एयरफ्लो डिजाइन, 3 कलर्स के ऑप्शन
  4. Samsung Galaxy S27 Pro, S27 Ultra में होगी 5,700mAh तक बैटरी! यहां हुआ खुलासा
  5. iQOO Neo 12 में मिलेगी 9,000mAh बैटरी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  6. AI सेल्फी देखकर बता देगा आपकी हेल्थ कैसी है! कैंसर रोगियों के लिए बड़ी खबर
  7. Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  8. NVIDIA के सीईओ ने पेश किए माइक्रोडक रोबोट, AI से चलते हैं, जानें क्या काम करेंगे
  9. Oppo Find X10 ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 200MP दो कैमरा, 7150mAh बैटरी जैसे फीचर्स
  10. Oppo Reno 17 सीरीज के लॉन्च की तैयारी, NBTC पर हुई लिस्टिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »