• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन खोलेगी पृथ्‍वी जैसे दो ग्रहों का राज!

अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन खोलेगी पृथ्‍वी जैसे दो ग्रहों का राज!

वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि इन ग्रहों की जांच से हमें पृथ्वी जैसे ग्रहों पर दृष्टिकोण बनाने में मदद मिलेगी। यह जानना आसान होगा कि जब पृथ्‍वी गर्म हुआ करती थी, तब वह कैसी रही होगी।

अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन खोलेगी पृथ्‍वी जैसे दो ग्रहों का राज!

इनमें से एक ग्रह तो बेहद गर्म लावा से ढका हुआ है, जिसका नाम 55 कैनरी ई है। वहीं दूसरे ग्रह का नाम एलएचएस 3844 बी है, जिसमें कोई वातावरण नहीं है। (जेम्‍स वेब की सांकेत‍िक तस्‍वीर)

ख़ास बातें
  • मौजूदा टेलीस्‍कोप टेक्‍नॉलजी में चट्टानी ग्रहों को देखना मुश्किल है
  • लेकिन जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप चट्टानी ग्रहों को भी टटोल सकता है
  • ये दोनों ग्रह 50 प्रकाशवर्ष की दूरी पर स्थित हैं
विज्ञापन
अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा (Nasa) ने पिछले साल दिसंबर में अंतरिक्ष में अबतक के सबसे बड़े टेलीस्‍कोप जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) को लॉन्‍च किया था। यह टेलीस्‍कोप वहां खुद को सेटअप करने की प्रक्रिया पूरी करने वाला है और जल्‍द अपना काम शुरू कर सकता है। खबरों की मानें, तो इस टेलीस्‍कोप ने एक नई चट्टानी दुनिया का पता लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि यह टेलीस्‍कोप 50 प्रकाश वर्ष दूर दो छोटे ग्रहों पर स्‍टडी करेगा। 

space.com ने लिखा है कि मौजूदा टेलीस्‍कोप टेक्‍नॉलजी में गैसीय आवरण वाले ग्रहों के मुकाबले चट्टानी ग्रहों को देखना ज्‍यादा कठिन है। लेकिन जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप में लगे पावरफुल मिरर और डीप स्‍पेस लोकेशन की वजह से पृथ्‍वी से थोड़े बड़े दो ग्रहों को टटोलने का काम जल्‍द शुरू हो सकता है। खास बात यह है कि इन ग्रहों को ‘सुपर अर्थ' के रूप में जाना जाता है।   

इन ग्रहों को भले ही सुपर अर्थ के तौर पर पहचाना  जाता है, लेकिन यहां जीवन मुमकिन नहीं है। इनमें से एक ग्रह तो बेहद गर्म लावा से ढका हुआ है, जिसका नाम 55 कैनरी ई है। वहीं दूसरे ग्रह का नाम एलएचएस 3844 बी है, जिसमें कोई वातावरण नहीं है। दोनों ही ग्रह बेहद गर्म हैं। जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप इन ग्रहों के भू-विज्ञान को समझने की कोशिश करेगा। इनमें से 55 कैनरी ई ग्रह अपने तारे की परिक्रमा 24 लाख किलोमीटर की दूरी से करता है। यह बुध और सूर्य के बीच की दूरी का लगभग चार फीसदी है।

ध्‍यान देने वाली बात यह भी है कि यह ग्रह सिर्फ 18 घंटों में अपने सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेता है। यहां ज्‍यादातर समय बेहद तेज धूप होती है। जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के जरिए दो टीमें इन ग्रहों के बारे में जानने की कोशिश करेंगी। इनमें से एक नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी है, जबकि दूसरी स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी  के साइंटिस्‍ट की होगी। वहीं बात करें दूसरे सुपर अर्थ एलएचएस 3844 बी की, तो यह भी अपने सूर्य के बेहद करीब है। 11 घंटे में उसकी परिक्रमा कर लेता है। हालांकि यह 55 कैनरी ई की तुलना में छोटा है। 

वैज्ञानिकों की टीम का कहना है कि इन ग्रहों की जांच से हमें पृथ्वी जैसे ग्रहों पर दृष्टिकोण बनाने में मदद मिलेगी। यह जानना आसान होगा कि जब पृथ्‍वी गर्म हुआ करती थी, तब वह कैसी रही होगी। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Realme 16 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी
  2. Redmi Note 15 SE 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, मिल सकती है डुअल रियर कैमरा यूनिट 
  3. OnePlus India के CEO Robin Liu ने छोड़ा पद, कंपनी ने दिया बयान
  4. 7,500mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ OnePlus 15T, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Android के बाद अब Apple यूजर्स की बारी, फोन में दिखाई देंगे Ads!
  6. दिमाग से कंट्रोल हो रहा है लैपटॉप! Neuralink इम्प्लांट के बाद शख्स ने शेयर किया 100 दिनों का अनुभव
  7. Samsung Galaxy Z Fold 8 के स्पेसिफिकेशंस लीक, 5000mAh बैटरी, स्नैपड्रैगन 8 एलीट जेन 5 से होगा लैस
  8. Vivo X300 Ultra में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का Sony कैमरा, अगले सप्ताह होगा लॉन्च 
  9. iQOO Z11 में होगा MediaTek Dimensity 8500 चिपसेट, डुअल रियर कैमरा सेटअप
  10. OnePlus Nord 6 होगा 7 अप्रैल को 9000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें क्या हैं खासियतें
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »