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यूरोप में गर्मी के कारण सूख रही नदियों से निकल रहे द्वितीय विश्वयुद्ध के बम, ऐसे बचाई गईं 3 हजार जानें

इटली की सेना ने सुरक्षित रूप से इस गैर-विस्फोटित (unexploded) बम को उड़ा दिया। हालांकि यह सब इतना आसान नहीं था।

यूरोप में गर्मी के कारण सूख रही नदियों से निकल रहे द्वितीय विश्वयुद्ध के बम, ऐसे बचाई गईं 3 हजार जानें

नदी के जलस्‍तर के कमी आने के बाद इस बम का पता चला। इसमें 240 ग्राम विस्‍फोटक था।

ख़ास बातें
  • इटली की सेना ने सुरक्षित रूप से को उड़ा दिया
  • इस वजह से आसपास के 3 हजार लोगों को रेस्‍क्‍यू किया गया
  • बम को 19 फुट गहरे होल में डालकर उड़ा दिया गया
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कई बार अतीत में गुम हुए रहस्‍य वर्तमान में सामने आते हैं और मुसीबत खड़ी कर देते हैं। कुछ ऐसा ही इटली में हुआ। पूरा यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है और इटली भी इससे प्रभावित हुआ है। गर्मी के चलते इटली की सबसे लंबी नदी पो (Po) का जलस्‍तर कम हो गया है। कई जगहों पर नदी सूख गई है। नदी के सूखने पर उसमें द्वि‍तीय विश्‍व युद्ध (World War II) के समय का एक बम मिलने से सनसनी फैल गई। मंटुआ शहर के करीब बोर्गो वर्जिलियो के उत्तरी गांव के पास 25 जुलाई को मछुआरों ने 1000 पाउंड यानी करीब 450 किलो के US मेड बम को नदी में देखा। अच्‍छी बात यह रही कि इटली की सेना ने सुरक्षित रूप से इस गैर-विस्फोटित (unexploded) बम को उड़ा दिया। हालांकि यह सब इतना आसान नहीं था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सेना से जुड़े एक अफसर कर्नल मार्को नसी ने बताया कि नदी के जलस्‍तर के कमी आने के बाद इस बम का पता चला। इसमें 240 ग्राम विस्‍फोटक था। इसके बाद बोर्गोफोर्ट और मोट्टेगियाना इलाकों के आसपास के शहरों में रहने वाले लगभग 3,000 लोगों को वहां से सुरक्ष‍ित निकालने के लिए अभियान चलाया गया। 

इलाके के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था। साथ ही जलमार्ग के उस हिस्से और एक रेलवे लाइन व सड़क पर भी ट्रैफ‍िक को बंद कर दिया गया था। शुरुआत में लोगों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया। आखिरकार सभी को मना लिया गया और बम वाली जगह से दूर ले जाया गया। 

इसके बाद बम निरोधक इंजीनियरों ने विस्फोटक डिवाइस से फ्यूज को हटा दिया। बम को एक ट्रक पर लादकर लगभग 30 मील दूर मेडोल एक खदान में ट्रांसफर किया गया। वहां बम को 19 फुट गहरे छेद के अंदर रखा गया था। आखिरकार बम को उड़ा दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में दिनभर का वक्‍त लगा। 

गौरतलब है कि इटली 70 साल में सबसे खराब सूखे का सामना कर रहा है। जंगलों में लगी आग और रिकॉर्ड तापमान ने तमाम यूरोपीय देशों को ‘भट्ठी' में झोंक दिया है। सड़कें सुनसान, बाजारों में सन्‍नाटा, गर्मी से रेलवे ट्रैक फैल गए हैं। एयरपोर्ट पर कोलतार के पिघलने की खबरें आ रही हैं। हाल में एक सैटेलाइट मैप में यह बताया गया था कि कई यूरोपीय देशों में जंगल की आग के अलर्ट हैं और स्थिति ‘एक्‍ट्रीम डेंजर' वाली है। 
 

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ये भी पढ़े: Science News, Bomb, po river, Italy, World War II, World War II Bomb
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