भारत की पहली ह्युमन स्पेस फ्लाइट गगनयान के महत्वपूर्ण सिस्टम की ISRO ने की सफल टेस्टिंग

इस मिशन में तीन दिनों के लिए तीन सदस्यीय क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट पर भेजा जाएगा और इसके बाद उन्हें सुरक्षित धरती पर लाया जाएगा

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 27 जुलाई 2023 21:53 IST
ख़ास बातें
  • इसे 'हॉट टेस्ट्स' कहा जाता है
  • इसके बाद तीन और हॉट टेस्ट किए जाने हैं
  • इस महीने की शुरुआत में ISRO ने चंद्रयान-3 को लॉन्च किया था

इस मिशन के सर्विस मॉड्यूल में ये दूसरे और तीसरे हॉट टेस्ट्स थे

देश की अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहले स्पेस फ्लाइट मिशन गगनयान के प्रोपल्शन सिस्टम की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सफलतापूर्वक टेस्टिंग की है। यह टेस्टिंग तमिलनाडु के महेन्द्रगिरि में ISRO के प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में बुधवार को की गई। इस मिशन में तीन दिनों के लिए तीन सदस्यीय क्रू को 400 किलोमीटर के ऑर्बिट पर भेजा जाएगा और उसके बाद उन्हें सुरक्षित धरती पर लाया जाएगा। 

ISRO ने बताया, "इन टेस्ट्स से प्रोपल्शन सिस्टम के प्रदर्शन को बेहतर किया जाएगा और इससे गगनयान मिशन की तैयारी सुनिश्चित होगी।" इसे 'हॉट टेस्ट्स' कहा जाता है। इस मिशन के सर्विस मॉड्यूल में ये दूसरे और तीसरे हॉट टेस्ट्स थे। पहला हॉट टेस्ट पिछले महीने किया गया था। इसके बाद तीन और हॉट टेस्ट किए जाने हैं। 

इस महीने की शुरुआत में ISRO ने चंद्रयान-3 को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया था। इससे भारत चंद्रमा की सतह पर अपने स्पेसक्राफ्ट को लैंड कराने वाला चौथा देश बन जाएगा। चंद्रयान-3 का लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग और रोविंग की देश की क्षमता को प्रदर्शित करना है। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफलतापू्र्वक लैंडिंग के बाद रोवर बाहर आएगा और इसके चंद्रमा पर 14 दिनों तक कार्य करने की उम्मीद है। इस रोवर पर लगे कई कैमरा से इमेजेज ली जा सकेंगी। इससे चंद्रमा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। 

चंद्रमा पर देश के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 को लगभग चार वर्ष पहले लॉन्च किया गया था। हालांकि, विक्रम लूनर लैंडर के चंद्रमा पर क्रैश होने के कारण यह मिशन नाकाम हो गया था। ISRO ने Gaganyaan प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं करने का फैसला किया है। इस मिशन को इस तरीके से डिजाइन किया गया है कि जिससे यह पहली कोशिश में ही सफलता हासिल कर सकेगा। इसके लिए टेस्टिंग और डिमॉन्स्ट्रेशन को बढ़ाया गया है। हाल ही में ISRO के डायरेक्टर,  S Somanath ने बताया था कि गगनयान को दो वर्ष पहले लॉन्च किया जाना था लेकिन कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई है। उन्होंने कहा था, "हमारी सोच अब अलग है। हम जल्दबाजी नहीं करना चाहते। हमने फैसला कर लिया है। इस ह्युमन स्पेस फ्लाइट का मुख्य उद्देश्य एक पूरी तरह निश्चित सुरक्षित मिशन है।" पिछले कुछ वर्षो में देश ने अंतरिक्ष से जुड़े अभियानों में अपनी एक्सपर्टाइज को बढ़ाया है। 
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Space, Mission, Tests, ISRO, Data, Gaganyaan, Engine, Chandrayaan, Spacecraft, Orbit, Crew, System

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple ने CCI पर लगाया जांच में भारी लापरवाही का आरोप, कंपनी पर लग सकता है अरबों डॉलर का जुर्माना
  2. 8,550mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi K90 Ultra, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Tata Motors ने भारत में लॉन्च की Sierra EV, जानें प्राइस, रेंज
  4. Oppo Reno 16 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, बेस मॉडल में मिलेगा Snapdragon चिपसेट
  5. mAadhaar ऐप का आज आखिरी दिन! नए ऐप में मिलेंगी सभी सर्विस, ऐसे करें डाउनलोड
  6. Vivo X Fold 6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च
  7. दुनिया में पहली बार! न्यूक्लियर रिएक्टर की गर्मी से बनाई ग्रीन हाइड्रोजन, भारत ने रचा इतिहास
  8. Nothing Phone 4b में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, भारत में अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  9. Acer ने भारत में लॉन्च किया TravelLite TL24-54M लैपटॉप, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Amazon Prime Day Sale 2026: OnePlus 13 सिर्फ ₹49,999 में, OnePlus 15 और Nord सीरीज पर भी तगड़े ऑफर्स!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.